दमोह,तेंदूखेड़ा (नईदुनिया न्यूज)। गुरुवार से पूरे प्रदेश के साथ दमोह जिले में भी पंचायत कर्मियों ने अपनी मांगों के संबंध में अनिश्चतकालीन हड़ताल शुरु कर दी है। जिसके संबंध में जनपद सीईओ को ज्ञापन सौंपा गया है। तेंदूखेड़ा ब्लाक में भी जनपद के सभी सचिव, रोजगार सहायक के साथ अन्य संगठन के कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए हैं।

हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने कहा कि पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के 70 हजार अमले ने अपनी मांगों को लेकर के अपना आंदोलन तेज कर दिया है। वहीं संयुक्त मोर्चा ने चर्चा के रास्ते खोले रखते हुए पंचायत मंत्री महेंद्र सिसोदिया के बुलावे पर 18 संगठनों के प्रदेशाध्यक्ष उनसे मिलने पहुंचे, लेकि न सिर्फ आश्वासन के सिवाय कु छ नहीं मिला। पंचायत मंत्री ने मांगों को गंभीरता से सुना है, लेकि न प्रमुख सचिव व विभागीय सचिव और मनरेगा कमिश्नर की मांगों पर चर्चा व सहमति के लिए बैठक में अनुपस्थित होने के कारण मात्र पंचायत विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों की मांगों की मौखिक चर्चा ही हुई है और मंत्री का आश्वासन मात्र मिला है। जिस पर मोर्चे ने आपत्ति जताते हुए कहा कि आश्वासन नहीं अनार्थिक मांगों के आदेश चाहिए। जानकारी देते हुए मोर्चा के प्रदेश संयोजक दिनेश शर्मा, सह संयोजक रोशन परमार ने बताया कि हमारी मांगों पर सरकार की कोई रुचि नहीं दिखने के कारण प्रदेश के सभी जिलों में पंचायत अमले में भारी आक्रोश है।

प्रदेश संयोजक दिनेश शर्मा ने मंत्री को बताया कि पंचायत सीईओ और उपयंत्री की आत्महत्या कोई शौकि या नहीं है बल्कि अति कार्यभार और प्रताड़ना है। वहीं संविदा पांच जून 2018 की नीति ठंडे बस्ते में पड़ी है। कम्प्यूटर ऑपरेटर व मनरेगा सहित समस्त कर्मचारियों और अधिकारियों की मांगे सरकार का अमला फाईलों में दबा कर बैठा है। पंचायत सचिवों के वर्ष 2018 दिए गए छठवें वेतनमान में कै बिनेट के निर्णय व निर्देश के विपरीत वेतन की गणना के आदेश जारी कि ए गए हैं। वहीं पदोन्नति व अनुकंपा योजना भी लागू की जाए।

नहीं हो पाईं ग्राम सभाएं

19 जुलाई से सचिव, रोजगार सहायक के साथ अन्य संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की थी, लेकि न गुरुवार से सभी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जबकि गुरुवार से पूरे प्रदेश में ग्राम पंचायतो में ग्राम सभाओं का आयोजन होना था, लेकि न ग्राम पंचायत के सचिव, रोजगार सहायकों की हड़ताल पर जाने के कारण ग्राम पंचायतों के दरवाजे बंद रहे। ग्रामीण ग्राम सभा में शामिल होने आए, लेकि ने ग्राम सभा न होने के कारण वापस घर चले गए। पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के नवगठित संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में मांगों को लेकर कर्मचारी 22 जुलाई से अनिश्चित कालीन कलम कार्यालय बंद हड़ताल पर चले गए हैं। इस संबंध में कर्मचारियों ने जनपद सीईओ विनोद जैन को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें कर्मचारियों ने बताया कि संयुक्त मोर्चा की पंचायत मंत्री से वार्ता विफल होने क कारण प्रदेश में 22 जुलाई से जनपद पंचायत के साथ पंचायत अमला, मनरेगा, आजीविका मिशन, संविदा के कर्मचारी आदि प्रदेश व्यापी आवाहन पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहने संबंधी निर्णय लिया गया है। इसलिए समस्त जनपद पंचायत, पंचायत, मनरेगा, आजीविका मिशन, संविदा के कर्मचारी अपनी अनार्थिक मांगों के संबंध में 22 जुलाई से अनिश्चितकालीन कलम कार्यालय बंद हड़ताल पर रहेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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