बिना खाद डाले तैयार किए जा रहे पौधे।

तेंदूखेड़ा नईदुनिया न्यूज। नर्सरियों में पौधों को तैयार करने का काम मार्च, अप्रैल में होता है, लेकिन तेंदूखेड़ा ब्लाक में सागा और गोहदर ऐसी नर्सरियों जहां जुलाई माह खत्म होने को है और अभी तक पौधों को तैयार नहीं किया गया। इसके अलावा भी यहां अनेक अनियमितताएं देखने मिली हैं जिसकी पूरी जांच कराने के लिए सागर सीसीएफ अमित दुबे के पास भी शिकायत की गई है। गौरतलब हो कि कई वर्षों से

वन विभाग बारिश के समय करोड़ों रुपये खर्च कर नर्सरियों में लगे पौधे खरीदकर उनको जंगलों में लगवाता है, लेकिन कई वर्षों से यह देखने में आ रहा है कि शासकीय नर्सरियों से लिए गए पौधे पेड़ का रूप नही रख पाते। तारादेही के समीप इसी वर्ष संचालित हो रही गोहदर नर्सरी में भी यही हाल देखने मिल रहा है। यहां पौधा तैयार करने से पहले जो पॉलीथिन में खाद और रेत डाली जाती है उसका गोहदर नर्सरी में अभाव देखने मिल रहा है। यहां के प्रभारी ने केवल मिट्टी भरकर पॉलीथिन भर दी है और उनमें पौधों का बीज डाल दिया है। जानकार बताते हैं कि बीज वाली पॉलीथिन में खाद और रेत के अभाव में पौधा अपनी मजबूती नहीं पकड़ पाता इसलिये वह पौधा पेड़ का रूप नहीं ले पाता।

नर्सरियों में पौधों की पॉलीथिन भरने का कार्य मार्च, अप्रैल में होता है। इन दिनों पालिथिनो से पौधा निकल आता है, लेकिन गोहदर नर्सरी में आज भी कई हजारों पौधे ऐसे हैं जिनमें केबल मिट्टी दिख रही है। इसके अलावा न उनमे रेत है न खाद जबकि ये दोनों सामग्री भी उसी पॉलीथिन के अंदर होनी चाहिये थी जो मौके से गोल हैं। यदि ऐसे में इन इसके बाद भी नर्सरी प्रभारी ने उन पॉलीथिन में बीज डाल दिया है तो केवल नर्सरी तक ही उगता है और जब ये पौधा जंगल जायेगा तो वह खराब हो जाता है।

भुगतान भी हो चुके है पहले

गोहदर नर्सरी कुछ वर्षों से बंद पड़ी थी। जिसे सामाजिक बानकी विभाग द्वारा इस वर्ष फिर शुरू किया गया है। नर्सरी शुरू होने के पूर्व यहां पर रेत, खाद मिट्टी की भी खरीदी की गई है इसके अलावा यहां पर जो पौधे बनाए जाने थे। वह उस मात्रा भी तैयार नही हो पाये हैं और उसके भुगतान भी पूर्व में हो चुके है। सूत्रों द्वारा यह जानकारी मिली है कि भुगतान मार्च में ही हो गए हैं, लेकिन नर्सरी का आलम तो आज कुछ और ही है। आज जहां पौधे देखने थे वहां केवल पॉलिथीन दिख रही है और उनमें भी खाद और रेत का अभाव है। ऐसे में यदि यह पौधे तैयार हुये तो वह आगे पेड़ नही बन पाएंगे।

सीसीएफ से की जांच की मांग

गोहदर नर्सरी में फैली अनियमिताओं ओर पौधे निर्माण के समय पॉलीथिन से खाद और रेत के अभाव होने की जानकारी सागर सी सी एफ अमित दुबे को दी गई तो उन्होंने बताया कि नर्सरी में पौधे तैयार होने का कार्य मार्च, अप्रैल में होता है। अभी तो पोलिथिन से पौधे निकल आये होंगे जब उनको बताया कि गोहदर नर्सरी में आज भी कई हजारो पॉलीथिन ऐसी रखी हैं जिनमें केवल मिट्टी भरी है और खाद और रेत गायब है तो सागर सीसीएफ अमित कुमार दुबे ने कहा कि इसकी जानकारी लेकर जांच करवाते हैं। साथ ही उन्होंने नर्सरी के फोटो भी मंगाए है जिसकी शिकायत की गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags