तेंदूखेड़ा (नईदुनिया न्यूज)। पर्यावरण के प्रति प्रेम भी अजीब होता है लोग पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए पौधे लगाते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं, लेकि न दमोह जिले के तेजगढ़ वन परिक्षेत्र में ऐसा मामला सामने आया है जहां एक पर्यावण प्रेमी ने जंगल में ही अपना घर बना लिया और चौबीसों घंटे वह पौधों की रखवाली कर रहा है।

ग्रामीण की यह लगन देखकर रेंजर ने उसे वही चौकीदार भी बना दिया ताकि उसके परिवार का भरण पोषण भी हो सके । उक्त ग्रामीण की पौधों के प्रति यह लगन देखकर अधिकारी काफी खुश हैं और अन्य वनकर्मियों को भी लगन के साथ जंगल की रखवाली करने की बात कह रहे हैं। उक्त ग्रामीण तेजगढ़ वन परिक्षेत्र की परसाई वीट में बने प्लांटेशन में रुका हुआ है और दिन, रात पौधों के साथ पेड़ों की रखवाली कर रहा है। उसका कहना है कि यह पौधे बच्चे के समान होते हैं। जिस तरह एक पिता अपने बच्चे की परवरिश करता है उसी तरह पौधों की सेवा भी करनी चाहिए।

आठ वर्ष से कर रहा वनों की सेवा

वनों की रखवाली करने वाले युवक का नाम भोला आदिवासी है वह परासई गांव का निवासी है। भोला पिछले आठ वर्षों से पेड़ों की रखवाली कर रहा है और उसने वन विभाग को एक धरोहर के रुप में पौधे से बने जंगल दिए है जो आज सुंदरता का प्रतीक बना हुआ है। वन प्रेम और पेड़ों के इस लगाव को देखने के बाद तेजगढ़ रेंजर ईपी मिश्रा ने उसे परासई में बनाए गए मिश्रित प्लांटेशन में चौकीदार के रुप में रख लिया ह और परिवार के गुजर बसर के लिए निश्चित वेतन दिया जा रहा है। जिससे भोला आदिवासी के परिवार की जिम्मेदारी की चिंता भी खत्म हो गई है और वह 24 घंटे उसी प्लांटेशन में रहकर जंगल की रखवाली करता है। हालांकि उसका परिवार परासई गांव में ही रहता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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