सीएमएचओ ने कहा- गोली नहीं थी पिछले हफ्ते ही तेंदूखेड़ा भिजवाई हैं

तेंदूखेड़ा नईदुनिया न्यूज।

कोरोना से मुक्ति के लिए वैक्सीनेशन कराना बेहद आवश्यक है। वैक्सीन के बाद हल्का बुखार आने की आंशका रहती है इसलिए प्रत्येक वैक्सीनेशन कें द्र पर पेरासिटामाल दवा का वितरण कि या जाता है, लेकि न तेंदूखेड़ा ब्लाक में यह दवा पिछले एक महीने से नहीं है। जिससे लोगों को बुखार का इलाज कराने झोलाछाप डाक्टरों के यहां जाना पड़ रहा है। सीएमएचओ ने कहा गोली का अभाव है यह बात सही है पिछले हफ्ते ही उन्होंने तेंदूखेड़ा में दवा भिजवा दी है अब वे पता करवाती हैं।

नगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जिन लोगों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगी है उनमें अधिकांश लोगों को बुखार आया है और वैक्सीनेशन कें द्र पर भी वैक्सीन लगाने वाले कर्मचारी कहते हैं कि बुखार आएगा इसलिए वहां से पेरासिटामाल की गोली दी जाती है, लेकि न तेंदूखेड़ा ब्लाक के ग्रामीणों क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को वैक्सीन का टीका लगने के बाद बुखार से बचाव के लिए गोली नहीं दी जा रही। बुखार आने पर वह झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवा रहे हैं जिससे उन्हे काफी नुकसान हो रहा है। कु छ की तबियत ज्यादा खराब हो रही है और उन्हे इलाज के लिए तेंदूखेड़ा या दूसरे जिलों में जाना पड़ रहा है।

28 कें द्रों पर लगी वैक्सीन

सोमवार को भी वैक्सीन का महाअभियान चलाया गया। तेंदूखेड़ा ब्लाक में 28 कें द्रों पर वैक्सीन लगाई गई। तेंदूखेड़ा ब्लाक में स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार 96 हजार लोगों को वैक्सीन लग चुकी है और जो शेष बचे हैं उनके घर या चौराहे पर जाकर वैक्सीन लगाई जा रही है।

सीएचओ और आशा से ले सकते हैं दवाई

तेंदूखेड़ा ब्लाक में 96 हजार लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। जिनमें काफी लोगों को बुखार जैसी शिकायत आई, लेकि न उन्हे गोली नहीं मिल पाई। पूरे मामले में तेंदूखेड़ा के सीबीएमओ डॉ. प्रोमी कोष्टा ने बताया कि गोली का स्टॉक समय- समय पर खत्म हो जाता है। वर्तमान में गोली की मांग के लिए पत्राचार कि या गया है। जैसे ही गोली आती है वितरित की जाएगी और वैक्सीन लगवाने वाले लोगों को वितरित की जाएगी। गोली के वल उन्ही को दी जाती है जिनको बुखार या अन्य कोई समस्या होती है। उन्हे बताया कि गोली के अभाव में ग्रामीण बुखार आने पर परेशान हो रहे हैं और यहां, वहां इलाज कराते फिर रहे हैं। सीबीएमओ श्री कोष्टा ने कहा कि हर गांव में आशा कार्यकर्ता हैं उनके पास सोलह प्रकार की गोली स्टाक में होती है। इसके अलावा अब दो, तीन गांव के बीच एक सीएचओ जो जूनियर डॉक्टर कहलाती हैं उनकी पदस्थापना की गई है। वह सभी जांचें भी कर सकती हैं ग्रामीणों को इधर, उधर जाने की जरुरत नही है। सोमवार को वैक्सीनेशन महाअभियान के तहत 28 कें द्रों पर वैक्सीन लगाई गई। कें द्रों की जगह मंदिर, चौराहे के पास घर- घर जाकर वैक्सीनेशन कि या गया। जिसमें स्वास्थ्य विभाग का अमला भी मौजूद रहा। इन कर्मचारियों के पास भी बुखार से बचाने कोई गोली नहीं थे।

वैक्सीनेशन करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि एक माह से स्वास्थ्य कें द्र में बुखार की गोली नहीं है। वह भी मांग करते हैं तो कहा जाता है कि डिमांड भेजी है, लेकि न पेरासिटामाल अभी तक नहीं आई। वैक्सीन लगने के बाद लोगों को बुखार आता है तो वह गोली मांगते है और न देने पर कहते हैं कि जब गोली नहीं थी तो वैक्सीन क्यों लगाई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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