दमोह (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नवरात्र के नौ दिनों तक श्रद्धालुओं ने अपनी शक्ति के अनुसार मां आदिशक्ति की आराधना की और तरह- तरह से उनका पूजन कर आर्शीवाद प्राप्त कि या। नौ दिनों तक श्रद्धालु भक्ति की शक्ति में लगे रहे। शनिवार को हवन पूजन के साथ ही जिले भर में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन का कार्यक्रम शुरु हुआ। दमोह में प्रतिमा विसर्जन के लिए नगर पालिका ने फु टेरा तालाब में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कु ंड बनवाए थे, लेकि न इंटरनेट मीडिया पर कु ंड में प्रतिमा विसर्जन को लेकर विरोध शुरु हो गया जिसके बाद नपा प्रशासन ने अपना निर्णय बदलते हुए तालाब में ही प्रतिमा विसर्जन करने की बात कही।

शुक्रवार की रात से ही देवी पंडालों में श्रद्धालुओं ने मां जगत जननी का हवन पूजन कि या जो शनिवार सुबह तक चलता रहा और इसके बाद माता रानी की विदाई का क्रम शुरु हुआ। विसर्जन के दौरान नम आंखों से श्रद्धालुओं ने माता रानी को विदा कि या। इस साल भी शासन की गाइडलाइन के तहत चल समारोह में नहीं निकाला गया और सुबह से ही देवी प्रतिमाए विसर्जन के लिए फु टेरा तालाब पहुंची यह क्रम रात तक चलता रहा। शासन की गाइडलाइन के तहत चल चल समारोह पर भी पूर्ण रुप से प्रतिबंध लगने के कारण अखाड़े नहीं निकले। दोपहर करीब 12 बजे शहर फु टेरा तालाब पर विसर्जन के लिए उमा मिस्त्री की तलैया पर विराजमान पहली प्रतिमा पहुंची। यहां यहां घाट पर माता रानी का पूजन करने के बाद उन्हें विसर्जित कि या। कु ंड में प्रतिमा विसर्जन को लेकर इंटरनेट मीडिया पर चले विरोध पर नपा सीएमओ निशीकांत शुक्ला ने कहा कि शांति समिति की बैठक में लिए निर्णय के अनुसार ही कु ंड बनाए गए थे। देश और प्रदेश में सभी जगह प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए तालाब में कु ंड बनाए जाते हैं। ताकि पानी साफ रहे और लोग उसका उपयोग कर सकें । उन्होंने भी वैकल्पिक व्यवस्था के तहत फु टेरा तालाब में कु ंड का निर्माण कराया था, लेकि न यदि तालाब में ही प्रतिमा विसर्जित करने के लिए श्रद्धालु कह रहे हैं तो वह तालाब में ही करें और जिन्हे कु ंड में प्रतिमा विसर्जित करनी है वह कु ंड में कर सकते हैं।

बम्होरी में विजयादशमी के मौके पर 25 फीट के रावण का हुआ दहन

फोटो 01 बनवार। रावण दहन।

बनवार। विजयादशमी के मौके पर बम्होरी ग्राम में धूमधाम से दशहरा पर्व मनाया गया और रावण दहन कि या गया। बस स्टैंड के पास 25 फीट के रावण के पुतले का दहन बम्होरी दुर्गा उत्सव समिति के द्वारा आयोजित कि या गया था। बता दें प्रतिवर्ष दशहरे पर रावण के पुतले का दहन कि या जाता है।

मां मटैना शक्ति धाम में जवारे दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

फोटो 02 बनवार। श्रद्धालुओं की भीड़।

बनवार। शारदीय नवरात्र के नौवें दिन शक्तिधामों में जवारे दर्शन और विसर्जन के लिए आस्था का जन सैलाब उमड़ा। चौबीसा क्षेत्र की इष्ट देवी मटैना शक्ति धाम के दरबार में सुबह से भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी। देवालयों में माता के नाम पर की गई घट स्थापना जवारे माता के दर पर चढ़ाने के लिए पंडा पुजारियों की कठोर साधना भक्ति के दर्शन हो रहे थे और मां के स्मरण मात्र से भक्ति, उत्साह, ऊर्जा का संचार हो रहा था। मां के दरबार में भक्ति के दुर्लभ पलों के साक्षी बने सैकड़ों लोग हाथ जोड़े खड़े थे। रोंड़ बनवार चौबीसा क्षेत्र की खेर मटेना शक्ति धाम में श्रद्धालु मां के नाम के लोहे के बाना छिदवाते हैं। वहीं श्रद्धालु हाथों में अग्नि से प्रज्वलित ज्वाला खप्पर लिए भक्ति भाव से यह असहज कार्य बड़े ही सहज भाव से करते हैं। एक बाने में दर्जनों लोग आपने गाल में छेदकर मां की भक्ति की शक्ति प्रगट करते हैं। सैकड़ों लोग राम नवमीं को जवारे दर्शन पूजन को शक्तिधाम मटेना पहुंचे। मटेना शक्तिधाम परिसर में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन से पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित थी। जहां पर रात्रि कालीन रामलीला का मंचन कि या गया।

बनवार में भक्तों ने मां दुर्गा को दी विदाई

फोटो 03 बनवार। विसर्जन को जाती प्रतिमा।बनवार। अष्टमी और नवमी की तिथि एक साथ पड़ने की वजह से विजयादशमी के दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का बनवार में विसर्जन कि या गया। पूजा पंडालों में स्थापित मां दुर्गा का भक्तों ने सुबह पूजन और अर्चन कि या। इसके बाद अश्रुपूरित नेत्रों ने विसर्जन शोभायात्रा में मां ने नगर भ्रमण कि या। जगह हाथों में थाल सजाए खड़ी महिलाओं में माता रानी की आरती उतारकर परिवार की खुशहाली, सुख समृद्धि की कामना करते हुए विदाई दी।

17 वर्ष से घूघरा आमघाट वीरान खेरा में रखे जाते हैं जवारे

फोटो 04 बनवार। बोए गए जवारे।

बनवार। जनपद जबेरा के वनांचल टोला घुघरा आमघाट में आदिवासी परंपरा के अनुसार ही वीरान खेरा में नवरात्र के प्रथम दिन से जवारे रखकर देवी दरवार देवालय में विगत 17 वर्षों से आदिवासी जवारे रखकर खेरमाई की पूजा करते हैं। नवमी को हर्षोल्लास के साथ जवारों का विसर्जन कि या गया। जिसमें सभी वनवासी लोग शामिल हुए। माता रानी से घर, खेत खलिहान व जंगल में खुशहाली की कामना की।

आनंद धाम मंदिर में महाकाली व चौपरा की चंडी मां को चढ़ाई आस्था की चुनरी

फोटो 05 बनवार। चुनरी यात्रा में शामिल श्रद्धालु।

बनवार। चंडी मां दरबार में शुक्रवार को लाखों सितारों से सजी चुनरी चढ़ाई गई। इसके लिए पटी महाराज हनुमान मंदिर से चंडी माता मंदिर चोपरा एक कि मी तक निस्वार्थ सामाजिक संगठन के सचिन मोदी द्वारा निकाली गई चुनरी यात्रा में क्षेत्रीय विधायक धर्मेंद्र सिंह लोधी, गौरव पटेल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि शामिल हुए। जबेरा के नरसिंह देवालय से प्रारंभ चुनरी यात्रा आनंद धाम महाकाली मंदिर पहुंची और मां को श्रद्धा की चुनरी चढ़ाई गई। भव्य चुनरी यात्रा जैसे-जैसे नगर से आगे बढ़ी भक्तों का जत्था उसमें जुड़ता गया। रास्ते में चुनरी यात्रा का स्वागत व अभिनंदन कि या गया। सर्व भौम श्री सिद्धेश्वर सहयोगी संगठन के द्वारा यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को पानी की व्यवस्था की गई और जहां से चुनरी यात्रा निकल रही थी सड़कों को पानी की बौछार से साफ कि या गया। आनंद धाम काली मंदिर के संस्थापक संत स्वामी रंजीतानंद सरस्वती ने मां महाकाली को चुनरी अर्पित की।

गायत्री मंदिर में नवरात्र के नौ दिनों में अखंड जाप के साथ हुई महाआरती

फोटो 06 तेंदूखेड़ा। महाआरती में जलाए गए दीपक।

तेंदूखेड़ा। नगर के गायत्री मंदिर में नवरात्र के पहले दिन से गायत्री मंदिर में अखंड जाप और महाआरती का आयोजन हुआ। इस आयोजन में गायत्री परिवार के साथ सर्व समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजन के संबंध में गायत्री परिवार के मदन नामदेव ने बताया कि नवरात्र में गायत्री प्रज्ञा पीठ तेंदूखेड़ा में विशेष अनुष्ठान, उपासना और साधना के साथ कार्यक्रम आयोजित कि ए गए। अखंड जाप सुबह छह बजे से शाम सात बजे तक प्रतिदिन आयोजित कि ए गए। साथ ही लगातार नौ दिनों तक महाआरती का विशेष आयोजन आयोजित कि या गया। जिसमें गायत्री स्वजनों के साथ आम लोगों की भी मौजूदगी रही। इसके साथ ही विशाल दीप यज्ञ का आयोजन भी कि या गया। गायत्री परिवार के स्वजनों के सप्ताह अंतर्गत आने वाले जन्मोत्सव का कार्यक्रम भी दीप यज्ञ के माध्यम से संपादित कि या जा रहा है। शुक्रवार को अनुष्ठान की पूर्णाहुति के अवसर पर गायत्री यज्ञ का आयोजन कि या गया। नवरात्र के पहले दिन से गायत्री मंदिर में चल रही पूजा अर्चना के बाद शनिवार को हवन पूजन का आयोजन कि या गया। जिसमें नामदेव परिवार के साथ गायत्री शक्ति पीठ के सभी सदस्य शामिल रहे। गायत्री मंदिर में हवन पूजन के दौरान धर्मदास नामदेव, मदन नामदेव, लक्ष्मी नामदेव, आशीष नामदेव, ब्रजेश नामदेव, मुन्ना नामदेव, नीतेश नामदेव, रामकु मार राय, राजेश नामदेव, अंजू खरे, संजय खरे के अलावा गायत्री शक्ति पीठ परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे।

नरसिंहगढ़ में धूमधाम के साथ मनाया गया दशहरा

फोटो 07 नरसिंहगढ़। विसर्जन के लिए जा रही प्रतिमा।

नरसिंहगढ़। नवरात्र पर्व के समापन पर दुर्गा प्रतिमाओं को धूमधाम के साथ सुनार नदी में विसर्जन कि या गया। हवन, पूजन के साथ वाहनों में दुर्गा प्रतिमा को सजाया गया इसके बाद मुख्य मार्ग के रास्ते बैंड, बाजे के साथ झांकी निकाली गई। नरसिंहगढ़ में पांच जगह दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई थीं। जिसमें सर्वप्रथम खड़ेरा मोहल्ला, बिजली कॉलोनी, बाजार मोहल्ला, ग्वाल बाबा चबूतरा, कि ले वाली माता मंदिर में विराजमान दुर्गा प्रतिमाएं निकाली गई। जिसमें श्रद्धालुओं के द्वारा बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया गया। जुलूस का स्वागत नफीस खान, गुड्डा खान के द्वारा फू ल माला पहनाकर व शरबत और ठंडा पानी पिलाकर कि या। इस दौरान नरसिंहगढ़ पुलिस व्यवस्थाएं बनाने में जुटी रही।

Posted By: Nai Dunia News Network

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