दमोह,तेंदूखेड़ा नईदुनिया न्यूज।

दीपावली का पर्व गुरुवार को पूरे जिले में धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने रात को शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी का पूजन कर धना, धान्य और खुशहाली का आर्शीवाद मांगा। घरों में पूजन के साथ ही लोगों ने अपने व्यवसायिक स्थल पर मां लक्ष्मी का पूजन कि या। इसके साथ ही बच्चों और बड़ों ने जमकर आतिशबाजी चलाई। शुक्रवार को गोवर्धन पूजन कि या गया। गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर महिलाओं ने पूजन कि या वहीं ग्वालों की टोली ने दिवारी नृत्य कि या।

गोवर्धन का हुआ पूजन, खड़े रहे वाहन :

दीपावली के दिन से अधिकांश घरों में गोबर से बने गोवर्धन को स्थापित कि या जाता है। जिनकी पूजा अर्चना को दीपावली के अगले दिन विशेष महत्व दिया जाता है। गोवर्धन पर्वत का पूजन पूर्ण विधि विधान से कि या जाता है। परमा के दिन सभी प्रकार के प्रतिष्ठान बंद रहते हैं इसके अलावा वाहनों का संचालन भी बंद रहता है। दोज पर्व पर पूजन के साथ ही व्यापारिक प्रतिष्ठान खुलते हैं। पंडित धर्मेद्र दुबे ने बताया कि जब इंद्र देव ने अपनी नाराजगी दिखाते हुये तेज बारिश की थी। बारिश को रोकने भगवान कृष्ण ने अपनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाया था। जिसके नीचे सभी गोकु ल निवासी आकर खड़े हो गए थे और इंद्र का घमंड टूट गया था। परमा के दिन गोदन माता की पूजा अर्चना की जाती है।

शिक्षक ने छात्राओं ने साथ जलाये दीप :

दीपावली पर्व पर सभी लोगों ने अपने घरों में मां लक्ष्मी का पूजन करने के साथ ही तेल के दीपक जलाकर उजाला कि या। तेंदूखेड़ा ब्लाक में एक प्रधान अध्यापक ने पहले अपने सहयोगी शिक्षक के साथ अपने स्कू ल पहुंचकर छात्राओं के साथ दीपावली मनाई। उसके बाद घर पहुंचकर अपने परिवार के साथ घर में दीपावली पर्व मनाया। प्रधान अध्यापक दिलीप द्विवेदी ने स्कू ल पहुंचकर पहले स्कू ल में पूजन अर्चन कि या। श्री दुबे मुख्य मार्ग से तीन कि मी अंदर जंगल के बीचों बीच बसे ग्राम तिपनी में पदस्थ हैं। इस गांव में आदिवासी समाज के लोग रहते हैं। प्रधान अध्यापक दिलीप द्विवेदी अपने सहयोगी मनमोहन अहिरवार के साथ स्कू ल पहुंचे और उन्होंने पहले स्कू ल में दीप जलाए और छात्रों को प्रसाद का वितरण कि या उसके बाद घर आकर माता लक्ष्मी का पूजन कि या।

जगाए घर, दिवारी गाकर नृत्य :

दीपावली के दूसरे दिन परमा का त्योहार पड़ता है जिसमें यादव समाज के लोग दिवारी गाकर नृत्य करते हैं। यादव समाज के लोग परमा के दिन सुबह समय ममरी लेकर घर-घर जाते हैं और घरों को जगाते हैं। उसके बाद शाम के समय छाहोर बांधकर नगर में दीवाली नाचते, गाते मनाते हैं। पूरे दिन नगर में भी कार्यक्रम चलते रहे। सुबह से यादव समाज के लोग ममरी बांधकर घरों को जगाने पहुंचे। नगर के लोगों ने प्रसाद देकर ममरी पूजा की और तिलक लगाकर उनका स्वागत कि या।

Posted By: Nai Dunia News Network

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