दमोह/देवडोंगरा(नईदुनिया प्रतिनिधि)। शासन द्वारा छात्र-छात्राओं की शिक्षा के लिए कई तरह की योजनाओं का क्रियान्वय किया जा रहा है लेकिन इन सुविधाओं का लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा है। एक तरफ स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष बनाकर बच्चों को बैठने की उचित व्यवस्था कराई जाती है तो दूसरी तरफ शासकीय उमा देवडोंगरा में बच्चे जमीन पर बैठकर अध्ययन करने मजबूर है। इस संबंध में अध्ययनरत बच्चों ने बताया कि स्कूल में बच्चों की संख्या अधिक है लेकिन यहां पर कक्षों में बैठने की व्यवस्था नहीं होती है इस कारण कई बच्चों को जमीन पर बैठकर अपनी पढ़ाई करना पड़ रही है। इस संबंध में हम लोगों द्वारा कई बार शिक्षकों और प्राचार्य को अवगत कराया गया लेकिन अभी तक समस्या का हल नहीं हुआ है।

शासकीय उमा स्कूल देंवडोंगरा में कक्षा नवमीं से 12वीं तक की कक्षाओं का संचालन किया जाता है वहीं सत्र 2022-23 में यहां पर 500 से अधिक छात्र-छात्राओं की संख्या दर्ज है पिछले सत्र में यहां पर 559 छात्र-छात्राओं द्वारा अध्यापन कार्य किया जाता था। वहीं स्कूल में मात्र चार कक्ष है एक कक्ष प्राचार्य और कार्यालय के लिए बना हुआ है जिस कारण बच्चों को बैठने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है और मजबूरीवश जमीन में बैठकर अध्ययन करते है और कम जगह में बैठकर वह सही तरीके से अपनी पढ़ाई नहीं कर पाते। वहीं बच्चों ने अभिभावकों ने बताया कि कई बार बच्चें घर आकर स्कूल के कमरों में कम जगह होने के कारण पढ़ाई सही तरीके से न करने की शिकायत करते है लेकिन इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन द्वारा इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं इस संबंध में जब प्रभारी प्राचार्य सपना पाठक से बात की गई तो उनकी तरफ से संतोषप्रद जबाव नहीं दिया गया और मामला वरिष्ठ अधिकारियों के पल्ले छोड दिया गया। ग्रामीणों ने वरिष्ठ अधिकारियों से समस्या निराकरण की मांग उठाई है।

पुलिस ने होटल में ठहरे दो लोगों के पास से जब्त की चांदी और नगदी

कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत घंटाघर के समीप संचालित एक होटल पर शुक्रवार रात पुलिस ने छापामार कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया। जिनके पास से दो किलो कच्ची चांदी और करीब साढ़े तीन लाख नगद रुपये बरामद किए गए हैं। मुखबिर ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी थी जिसके बाद पुलिस ने इन दोनों लोगों को गिरफ्तार किया है और चांदी व नगदी के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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