दमोह(नईदुनिया प्रतिनिधि)। एकता परिषद के बैनर तले मंगलवार को दमोह पहुंचकर ग्राम देवरी शंकर पंचायत कुदपुरा थाना तारादेही ब्लाक तेंदूखेड़ा के दर्जनों आदिवासी महिला, पुरुषों ने कलेक्टर व एसपी को आवेदन देकर उनके साथ हुई मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। वन कर्मियों एवं ग्रामीणों के मध्य टकराव रोकने एवं काबिज वन भूमि के दावों का निराकरण कर पात्रों को शीध्र वनाधिकार पत्र देने की भी मांग की गई।

एकता परिषद के पूर्व प्रदेश समन्वयक सुजात खान, भूमि अधिकार संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष शिवलाल आदिवासी, वंदना आदिवासी, दुलारी आदिवासी, पूजा आदिवासी, ज्ञानी आदिवासी, परसोत्तम आदिवासी आदि ने बताया कि आठ आदिवासी परिवार वीरान गांव बांदकपुर की झापन वीट की आरएफ क्रमांक 282 की वन भूमि पर वर्षों से काबिज हैं। उस भूमि पर कृषि कार्य कर जीवन यापन करते चले आ रहे हैं। वन भूमि का वनाधिकार पत्र पाने के लिए इन आदिवासियों ने विधिवत वनाधिकार कानून के तहत अपने दावे भी एमपी वन मित्र पोर्टल में फीड करवाये हैं जो अभी तक लंबित हैं। यह जानने के बाद भी तीन जून को वन विभाग ने अपनी तानाशाही पूर्ण कार्रवाई कर इन आदिवासियों की झोपड़ियां हटा दी। इनकी बारगा में आग लगा दी और इनके हल बखर, गाड़ी भी उठा कर ले गए। जिसकी शिकायत कलेक्टर से पीड़ितों ने सात जून 2022 को की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

परिणाम स्वरूप जिला प्रशासन की लापरवाही से प्रोत्साहित वन विभाग ने पुनः 27 जून को कृषि कार्य कर रही आदिवासी महिलाओं पर हमला किया। जिसमें गर्भवती महिला वंदना आदिवासी के पेट में चोट पहुंचाई गई वहीं रामदुलारी आदिवासी एवं पूजा आदिवासी के साथ भी जातिगत अपमान कर उनके साथ मारपीट की गई। उन्हे अपमानित कर कृषि कार्य करने से रोका गया साथ ही एक बार फिर इनका हलए बखर जब्त किया गया इसकी शिकायत कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक से पीड़ितों ने की है। साथ ही चेतावनी भी दी है यदि समय रहते शासन, प्रशासन एवं संबंधितों द्वारा कार्रवाई नहीं की गई तो आदिवासियों एवं वन कर्मियों के मध्य भारी टकराव पैदा हो सकता है एकता परिषद एवं पीड़ितों ने शीघ्र ही कार्रवाई की मांग की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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