रीवा। विज्ञान महाविद्यालय में शनिवार को एक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में कॉलेज के प्राचार्य सहित पर्यावरण विशेषज्ञों ने हिस्सा लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण पर हम सभी का जीवन निर्भर होता और प्रकृति पर्यावरण पर चलती है लेकिन इसको सुरक्षित और संरक्षित रखने के लिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा तभी पर्यावरण का संतुलन बना रहेगा। पर्यावरण को बनाने के लिए हम सभी को अपनी जिम्मेदारियां निभानी होगी और इस बात को लेकर चिंतन करना होगा कि पर्यावरण किस तरह से हमारा सुरक्षित और संरक्षित रहेगा। उस दिशा में सभी को मिलजुल कर काम करने होंगे।

जन जागरूकता से ही संभव

सेमिनार के दौरान विषय विशेषज्ञों ने बताया कि पर्यावरण को बचाए रखने तथा इसको और अच्छा बनाने के लिए जन जागरूकता की महती आवश्यकता है। लोगों में जितना ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता आएगी उतनी तेजी से ही इसमें सुधार आ पाएगा। जानकारी के आभाव में लोग पर्यावरण को नुकसान पहुचा रहें है और इससे लगातार पर्यावरण के बिगड़ रहा है।

इस तरह बिगडता है

पर्यावरण सेमिनार के दौरान बताया गया कि पर्यावरण बिगाड़ने के लिए सबसे ज्यादा पेड़ों की सुरक्षा न करना कारण है। दूसरा सबसे बड़ा कारण प्लास्टिक का अनाधिकृत रूप से उपयोग करना और जलाने आदि के दौरान वह पर्यावरण को बिगाड़ रहा है तथा वाहनों से निकलने वाला हानिकारक धुआं है। ज्यादा धुआं फेंकने वाले वाहनों का भी उपयोग न हो, ज्यादा से ज्यादा लोग पेड़ लगाएं और उसे सुरक्षित और संरक्षित करें, प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें और उसे जलाने के दौरान सावधानी रखें। नदी जलाशय एवं अन्य प्राकृतिक स्रोतों पर भी पर्यावरण की मार पड़ रही है। इसके लिए जलाशयों में ऐसे केमिकल को न छोड़े एवं गंदगी को फेंकने की वजह उसे खाली स्थानों नष्ट करने से निश्चित तौर पर काफी हद में पर्यावरण पर सुधार पाया जा सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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