दमोह नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना की तीसरी लहर में अभी जिले में एक हजार से अधिक मरीज कोरोना पाजीटिव निकल चुके हैं। इसके बाद भी लोग नियमों के पालन में अनदेखी कर रहे हैं। भीड़ वाले इलाकों में लोगों के चेहरे से मास्क गायब है और शारीरिक दूरी का पालन भी नहीं हो रहा है। पहली और दूसरी लहर के बाद भी लोगों ने कोई सीख नहीं ली और तीसरी लहर में भी लापरवाही भारी पड़ रही है। अभी कोरोना मरीजों की संख्या का हाल ऐसा है कि यदि एक दिन मरीजों की संख्या कम रहती है तो दूसरे दिन बढ़ जाती है। गनीमत की बात यह है कि अस्पताल में केवल गिने-चुने मरीज ही इलाजरत है बाकी अन्य मरीज होम आइसोलेशन में हैं लेकिन फिर भी नियमों से अनदेखी करना भारी पड़ रहा है।

सख्ती से नहीं हो रही कार्रवाई :

घंटाघर, टोपी लाइन व अन्य कुछ स्थान ऐसे हैं जहां हजारों की संख्या में सुबह से रात तक भीड़ रहती है जिनमें से अधिकांश लोग बिना मास्क के ही बाजार में घूमते हैं और शारीरिक दूरी का पालन भी नहीं करते। शुक्रवार को घंटाघर से निकलने वाले कई लोग बिना मास्क के ही दिखाई दिए इसके अलावा उनके साथ जो स्वजन चल रहे थे वह भी लापरवाही करते हुए बिना मास्क के चल रहे थे जबकि इनकी लापरवाही पूरे परिवार पर भारी पड़ सकती है। प्रशासन द्वारा रोको-टोको अभियान चलाते हुए बिना मास्क वाले लोगों पर चालानी कार्रवाई की जाती है लेकिन यह कार्रवाई भी केवल मुंह दिखाई साबित हो रही है। जहां भीड़ रहती है वहां कोई कार्रवाई नहीं होती जबकि अब सख्ती जरूरी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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