भांडेर। नईदुनिया न्यूज

साहित्य अकादमी मप्र संस्कृति परिषद से सम्बद्ध पाठक मंच भांडेर के तत्वावधान में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें अंचल के युवा कवि शरद नागर व हिंदी संबर्द्धन के लिए दादा रामसोबरन दुबे को हिंदी भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व नगर पालिका अधिकारी शहजाद उद्दीन सिद्दीकी उपस्थित रहे। अध्यक्षता वरिष्ठ कवि राधाकृष्ण पाठक ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में विचारक माता प्रसाद दुबे व समाजसेवी नारायण प्रसाद वर्मा मौजूद रहे। समारोह के प्रारंभ में पाठक मंच भांडेर के संयोजक रवीन्द्र सत्यार्थी ने हिंदी दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए अतिथियों का स्वागत किया।

काव्यधारा कार्यक्रम का बुंदेली कवि प्रकाश बुधौलिया ने सरस्वती वंदना से शुभारंभ किया। कवि बसंत सोनी ने हिंदी है अमृत सी वाणी, अंतर्मन में रस घोले, सद्भावना की प्रतीक है, बंद कपाट हृदय के खोले सुनाकर उपस्थित श्रोताओं को हिंदी का संदेश दिया। बुंदेली कवि जयराम राहुल ने वर्तमान नीति पर करारा व्यंग्य किया। कवि रामकिशोर अग्रवाल ने हम सब ने कसम खाई थी हिंदी को राष्ट्रभाषा बनवाने की सुनाई। वरिष्ठ कवि राधाकृष्ण पाठक ने भिन्ना-प्रदेशों के वासी से, अंग्रेजी में बातें करते हैं के माध्यम से हिंदी के प्रति दोगली नीति रखने वालों पर प्रहार किया। युवा कवि शरद नागर ने कविता भावहीन हो गई भावना, ज्ञानशून्य हो गई लेखनी सुनाकर काव्यधारा की दिशा परिवर्तित की। हास्य कवि लक्ष्‌मीनारायण झा ने सब बोल रहे हैं खरी खरी, बताओ बारादरी कैसे गिरी से वातावरण हास्य व्यंग मय बना दिया। वरिष्ठ कवि रवींद्र सत्यार्थी ने मंद बुद्धि बाले देशद्रोहियों के चक्कर में सारा देश जलियांवाला बाग न बन जाए प्रस्तुत कर वातावरण को राष्ट्रभक्ति पूर्ण बनाया। कवि अरुणेश सक्सेना ने मैं हिंदी हूं, मैं हिंदी हूं, मैं मातृभाषा हिंदी हूं से हिंदी का समर्थन किया। कवि ईदखां दर्द व राजेंद्र नामदेव ने भी हिंदी को लेकर काव्यपाठ किया। इस अवसर पर विचारक माता प्रसाद दुबे ने संविधान के अनुच्छेदों का उद्धरण देते हुए हिंदी की भलाई के लिए एकजुटता का आग्रह किया।

समारोह में राजेश पांडे, संतोष सोनी, राजेश त्रिपाठी, नरेंद्र पांडे, इमरान मंसूरी, सतीश गुप्ता आदि उपस्थित रहे। समारोह का संचालन महंत आशाराम शुक्ल ने व आभार राजेंद्र नामदेव ने व्यक्त किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local