दतिया (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्व. हरिसिंह कवि साहित्यकार मंच व हंसो हंसाओ कोरोना भगाओ मंच के संयुक्त तत्वावधान में स्व. हरिसिंह हरीश स्मृति काव्य गोष्ठी का आयोजन गत दिवस स्थानीय राजगढ़ फाटक सुमन साहित्य सदन पर किया गया। इस आयोजन में शहर के साहित्यकार व कवि शामिल हुए गोष्ठी में सभी साहित्यकारों ने स्व. हरिसिंह हरीश को श्रद्धांजलि अर्पित कर काव्य पाठ किया। मुख्य अतिथि खेल व युवा कल्याण विभाग के समन्वयक संजय रावत और अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार सुंदरलाल श्रीवास्तव ने की। विशेष अतिथि के रूप में भाजपा युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह तोमर व साहित्यकार रामस्वरूप साहू उपस्थित थे। सर्वप्रथम साहित्यकारों नेस्व. हरिसिंह हरीश के 86 वें जन्म दिवस के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। सरस्वती वंदना सुंदरलाल श्रीवास्तव ने प्रस्तुति की। संचालन लोकेंद्र सिंह यादव ने किया। इस अवसर पर श्री रावत ने कहा कि स्व. हरिसिंह हरीश दतिया केसफल साहित्यकारों में गिने जाते थे। वे श्रृंगार रस के बहुत ही उत्कृष्ट कवि थे। उन्होंने लगभग 10 उपन्यास भी लिखें थे। उनके जन्मदिवस पर उन्हें शत-शत नमन करता हूं।

इस अवसर पर काव्य पाठ करते हुए साहित्यकार राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि इस बरसात में सूखे नाले भी उफन जाते हैं, कीचड़ भरी गलियों में हम यूं ही फिसल फिसल जाते हैं बरसात में संभल के चलो यारों। रामस्वरूप साहू ने काव्य पाठ करते हुए कहा कि चौमासा ये री सखि देखो आया चौमासा, बूंद बूंद धरती लौं बरसे बतासा, उमड़ घुमड़ सजे आषाढ़ बदरा चढ़े नभ मंडल लैलैढोल ताशा। राजेंद्र सिंह खेगर ने काव्य पाठ करते हुए कहा कि शौर्य से परिपूर्ण रक्त हिंदुस्तान का पीठ नही दिखाता, कभी घर में घुसकर मार सकता सैनिक हिंदुस्तान का सुंदरलाल श्रीवास्तव ने काव्य पाठ करते हुए कहा कि किते गए बे दिन किते गयी बे राते गाँव की चौपालन पे बैठ सब करते थे पंचियाते इस अवसर पर महेश लक्षकार अनुरागी अर्चना जाटव दीपक सिंह मैं भी शानदार का पाठ किया अंत में आभार व्यक्त दीपक यादव ने किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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