इंदरगढ़। नईदुनिया प्रतिनिधि

नईदुनिया की पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ समाजिक सरोकार की पहल करके वृक्षों को बचाने के लिए विगत चार वर्षों किए जा रहे पहल आओ जलाए कंडों की होली अब एक आंदोलन बनकर समाज के हर वर्ग अधिकारी,समाजसेवी,धर्मगुरु, राजनीतिज्ञ,छात्र-छात्राएं के लिए आदर्श बन चुका है। इसका असर इस वर्ष भी सभी ने वृक्षों की सुरक्षा का संकल्प लेते हुए शपथ ली है। हम इस वर्ष भी कंडों की ही होली जलाएगे। नईदुनिया प्रतिनिधि ने आओ जलाए कंडों की होली के संदर्भ में अनेक लोगों से बात की और उनका अभिमत जाना। इसके साथ ही उन सभी को प्रेरित किया कि वे अपने आस पडोस में गोबर के कंडे बनवाकर होलिका दहन मे अर्पित करने का संकल्प दिलाए। इस अभियान से लगातार स्थानीय लोग जुड़ रहे है। पर्यावरण संरक्षण में अपनी अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को कंडों की होली जलाने के लिए प्रेरित कर रहे है।

1- पर्यावरण प्रदूषण जिस प्रकार तेजी से फैल रहा है। उससे वातावरण पूरी तरह से प्रदूषित हो रहा है। सांस लेना मुश्किल है। अनेकों बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है। इस लिए वृक्ष बचाने की आवश्यकता है। हमे शुद्घ हवा देने का कार्य करते है। कंडों की होली से वातावरण शुद्ध होगा और पर्यावरण भी। इस लिए सभी को कंडों की होली जलाना चाहिए।

कोक सिंह पटेल।

पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद इंदरगढ़ फोटो

2-पर्यावरण की सुरक्षा के लिए लकड़ी का दुरुपयोग रोकना व जंगलों को बचाना बेहद जरूरी है। कंडों की होली जलाने से उसके धुए का मनुष्यों के स्वस्थ्य पर बुरा असर नहीं पड़ता है। वहीं वातावरण भी शुद्ध हो जाता है। नईदुनिया का ये प्रयास सराहनीय है। मैं खुद वृक्ष अधिकारी होने के नाते कहीं भी हरे भरे वृक्षों को नुकसान नहीं पहुंचाने दूगा।

विजय बहादुर सिंह।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी व वृक्ष अधिकारी

नगर परिषद इंदरगढ़ फोटो

3- गोबर के कंडों की होली जलाने से पर्यावरण में पाए जाने वाले अनेकों हानिकारक कीटाणु खत्म हो जाते हैं। वायु शुद्ध होती है ज्यादा से ज्यादा कंडों का उपयोग करने से वृक्षों को कटने से बचाया जा सकता है। धार्मिक व वैज्ञानिक दोनों ही मानते है कि कि वायु प्रदूषण से बचने के लिए कंडों की होली सबसे बेहतर व सर्वोत्तम है। कंडों की होली जलाने से हरियाली,वृक्ष,और पर्यावरण को संतुलित रखा जा सकता है। आओ जलाए कंडों की होली अभियान से लाखों हरे वृक्ष कटने से बच जाएगे। गोबर के कंडे वातावरण को शुद्ध करेगा। आओ हम सभी पर्यावरण बचाने में सहयोग करें।

शिवरमन सिंह राठौर

कार्यकारी अध्यक्ष।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी इंदरगढ़ फोटो

4-लकड़ी की होली जलाने से वृक्षों को काटना पड़ेगा। इससे पर्यावरण को नुकसान होता है। इसके बजाय यदि हम थोड़ा सा समझदारी से काम ले और कंडों की व्यवस्था कर ले और होली जलाए तो वृक्ष भी बचेगें और पर्यावरण भी अभी क्षेत्र मे बहुत सी गोशालाएं स्थापित की गई है। गौवंश के गोबर के कंडों का निर्माण हुआ है। इसी बहाने गौवंश की भी रक्षा हो जाएगी।

राकेश परमार

एसडीएम सेंवढ़ा फोटो।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना