दतिया। नईदुनिया प्रतिनिधि

कोरोना संक्रमण के दौर में बढ़ती सर्दी और बदलते तापमान के साथ कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधित मुश्किलें आ रही हैं। जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन 65 से 100 लोग इसी तरह के रोगों की जांच करवाने पहुंच रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कोरोना संक्रमण भी जिले में तीन गुना बढ़ा है। सामान्य बुखार और कमजोरी महसूस करने वाले मरीजों में भी कोरोना के लक्षण पाए जाने लगे हैं, जो चिंता का विषय बन गया है।

शहर में हो रही गंदगी, प्रदूषण व धूल के कारण भी एलर्जी व संक्रमण का खतरा बढ़ा है। विशेषज्ञ व डॉक्टरों के मुताबिक सर्दियों में संक्रमण भी तेजी से फैलता है। इसके लिए खासकर वृद्ध और बच्चों के लिए डॉक्टरों ने गाइड लाइन भी जारी की है।

बदल रहे हैं कोरोना संक्रमण के लक्षण

जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार पूर्व में सांस में तकलीफ और फीवर आने पर कोरोना के लक्षण माने जाते थे, किंतु मौसम बदलने के साथ ही सर्दियों में शरीर में कमजोरी, बुखार, हाथ पैरों में दर्द, जकड़न आदि भी होने पर विशेषज्ञ इसे कोरोना संक्रमित की श्रेणी में रखने लगे हैं। सामान्य बीमारियों में बुखार आदि को लेकर डॉक्टर अब मरीज की कोरोना की जांच भी उसी के साथ कराने लगे हैं।

जिले के कोरोना मरीजों में अचानक 3 गुना वृद्धि पाई गई है। पिछले 10 दिन पूर्व जहां दो से 5 कोरोना संक्रमित टेस्ट में पाए जा रहे थे, वहीं अब लगभग 10 से 12 मरीज प्रतिदिन पाए जा रहे हैं। खासकर शहरी इलाकों में जहां पर घनी बस्तियां हैं, वहां संक्रमण की दर भी अधिक है। जिला चिकित्सालय में कोविड-19 के तहत प्रतिदिन ढाई सौ से 300 सैंपलिंग की जा रही है। विभिन्ना पद्धति के माध्यम से यह रिजल्ट निकाले जा रहे हैं। शनिवार को भी आरटीपीसीआर के तहत 105 तथा रेट पद्धति के माध्यम से 107 टेस्ट किए गए थे। जिनमें 10 कोरोना संक्रमित पाए गए। कोरोना संक्रमण के डर से भी लोग चिंतित हो रहे हैं। अस्थमा एलर्जी वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सर्दी के मौसम में वैसे भी अस्थमा व एलर्जी वालों के लिए खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में यदि किसी के घर परिवार में किसी सदस्य को इस तरह की बीमारियों व एलर्जी की शिकायत हो तो सावधानी बरतने के साथ ही विशेषज्ञों की सलाह लेना चाहिए।

बचाव के लिए यह रखें सावधानियां

घर से बाहर जाने पर या घर में रहने पर गर्म कपड़े ही पहन कर रखें।

शारीरिक कमजोरी फीवर और हाथ पैरों में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और कोरोना टेस्ट भी कराएं।

खाना जब भी खाएं वह ताजा ही खाएं, क्योंकि बासी खाने से शरीर में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

सर्दी के मौसम में खटाई बिल्कुल न खाएं और अन्य खटाई से संबंधित पूरक खाद्य पदार्थ अभी न खाएं।

पेय पदार्थों में भी गरम पेय पदार्थ का ही इस्तेमाल करें, इनमें सूप, कॉफी या फिर गर्म दूध बेहतर रहता है। यह गर्म पेय पदार्थ संक्रमण को भी रोकता है।

स्वास्थ्य खराब होने की दशा में कदापि सीधे या मेडिकल स्टोर से गोलियां न लें, बल्कि डॉक्टर से जांच कराने के बाद ही कोई औषधि लें।

इनका कहना है

दीपावली के दौरान सैंपलिंग के लिए लोग नहीं आ रहे थे। अब त्योहार खत्म होने के साथ ही सैंपलिंग के लिए लोग आने लगे हैं। इससे भी कोरोना संक्रमण की दर में वृद्धि हुई है। मौसम परिवर्तन से होने वाली बीमारियों में भी कोरोना संक्रमण के लक्षण पाए जा रहे हैं। प्रतिदिन कोरोना के ढाई सौ से अधिक टेस्ट और सामान्य बीमारियों के 100 से अधिक लोगों की जांच जिला चिकित्सालय में की जा रही है।

-एसएन शाक्य, सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय दतिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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