दतिया । नईदुनिया प्रतिनिधि।

शहर के वार्ड एक की पूर्व पार्षद भूरी कुशवाह के पति भंवर सिंह कुशवाह ने अज्ञात कारणों के चलते घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की खबर फैलते ही वार्ड के लोग सकते में आ गए। पुलिस ने घटना के संबंध में फिलहाल मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है। मृतक ने क्यों जान दी, पुलिस इन कारणों की पड़ताल कर रही है। भंवर सिंह पर भी कई आपराधिक मामले भी दर्ज थे। करीब 4 साल जेल में रहने के बाद जनवरी में ही वह छूटकर घर लौटा था। वह पार्षद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था।

दतिया शहर के वार्ड क्रमांक 1 की पूर्व पार्षद भूरी कुशवाहा का पति भंवर सिंह कुशवाहा निवासी रिछरा फाटक गुरुवार को रात का खाना खाकर अपने कमरे में सोने चला गया था। शुक्रवार सुबह जब काफी देर तक भंवर सिंह कमरे से बाहर नहीं आया तो घर के लोगों को चिंता हुई। उन्होंने कमरे का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। लेकिन जब दरवाजा नहीं खुला तो गेट तोड़कर स्वजन अंदर पहुंचे तो वह पंखे से भंवर सिंह का शव लटक रहा था। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव नीचे उतरवाकर पंचनामा तैयार किया। भंवर सिंह की पत्नी भूरी वार्ड 1 से लगातार पार्षद थी । हाल ही में हुए आरक्षण में वार्ड एक अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने पर भंवर सिंह खुद चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। इससे पहले यह वार्ड ओबीसी महिला के लिए आरक्षित था। जिसमें उसकी पत्नी पार्षद थी। भंवर सिंह चुनाव लड़ने को लेकर वार्ड में भी लगातार संपर्क में था। लेकिन उसके द्वारा अचानक आत्महत्या कर लेने की खबर सुनकर वार्ड के लोग भी सकते में आ गए।

पहले भाई की हो चुकी है हत्या

मृतक भंवर सिंह के भाई बालकिशुन की भी करीब 6 वर्ष पूर्व हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद भंवर सिंह पर भी कई अपराधिक मामले दर्ज हुए। हत्या के मामले में वह पिछले साढ़े 4 साल से जेल में था। हाल ही में वह जनवरी में रिहा होकर घर वापस लौटा था।

इधर नाना के यहां आई मासूम की करंट से गई जान

भांडेर अनुभाग के दुरसड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम इमलिया में शुक्रवार सुबह एक 4 वर्षीय बालिका की करंट की चपेट में आ जाने से मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक मासूम बालिका रचना पुत्र पुष्पेंद्र आदिवासी निवासी महेवा थाना लिधौरा टीकमगढ़ कुछ दिन पहले ही अपनी मां के साथ नाना के यहां आई हुई थी। जहां शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे बालिका खेल रही थी। इसी दौरान घर के बाहर लगे एक पेड़ से निकले बिजली तारों की चपेट में आ गई। जिससे करंट लगने के कारण बालिका रचना पेड़ से चिपकी रह गई। उसे झटपटाता देख बालिका के नाना मिथुनलाल आदिवासी दौड़े और उन्होंने उसे छुड़ाने का प्रयास किया। इस प्रयास में वह भी बुरी तरह झुलस गए। आसपास के लोगों मदद से नाना और पोती को उपचार के लिए स्वजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डाक्टर ने बालिका को मृत घोषित कर दिया। जबकि नाना का उपचार जारी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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