दतिया। नईदुनिया प्रतिनिधि।

करीब 6 वर्ष पुराने भ्रष्टाचार के मामले में ऋतुराज सिंह चौहान, विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण दतिया ने रिश्वत लेने के आरोपित पटवारी कृष्ण कुमार प्रजापति को 04 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 4000 रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। प्रकरण में अभियोजन संचालन प्रवीण कुमार गुप्ता, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा किया गया।

सहायक जिला अभियोजन अधिकारी प्रवीण कुमार गुप्ता ने बताया कि 22 सितंबर 2016 को फरियादी रामपाल सिंह गुर्जर पुत्र पंजाब सिंह गुर्जर उम्र 44 वर्ष निवासी कुम्हेडी जिला दतिया ने पुलिस अधीक्षक विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त ग्वालियर को आवेदन दिया था कि उसके खेत में बिजली विभाग की 33 केव्ही की लाइन निकली है जिसके टावर उसके खेत में लगे हैं। टावर लगने से उसकी फसल को हुए नुकसान के एवज में जो मुआवजा मिलना है। उसकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए पटवारी कृष्णकुमार प्रजापति रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत के सत्यापन के लिए आवेदक को आरोपित द्वारा रिश्वत मांगने के संबंध में बातचीत रिकार्ड करने के लिए वायस रिकार्डर दिया गया। वायस रिकार्डर में दर्ज आवाजों को सुनने के पश्चात एवं रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर आरोपी के विरुद्ध धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान लोकायुक्त टीम ने 24 सितंबर 2016 को आवेदक को 10,000 रुपये रिश्वत की राशि देकर आरोपित कृष्ण कुमार प्रजापति के किराए के निवास रामनगर कालौनी दतिया भेजा था। जहां आवेदक के इशारे पर लोकायुक्त टीम ने आरोपित को 10,000 रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया था। विवेचना उपरांत आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

अभियोजन द्वारा प्रस्तुत गवाहों एवं सबूतों पर विश्वास करते हुए न्यायालय ने 28 मई को आरोपित कृष्णकुमार प्रजापति को रिश्वत मांगने एवं रिश्वत लेने के अपराध का दोषी पाते हुए आरोपित को उपरोक्त सजा सुनाई गई। उल्लेखनीय है कि फरियादी रामपाल सिंह गुर्जर न्यायालयीन साक्ष्‌य के दौरान पक्षद्रोही हो गया था एवं उसने आरोपित पटवारी द्वारा रिश्वत मांगने एवं प्राप्त करने से इंकार किया था। जिस पर अभियोजन की ओर से फरियादी रामपाल सिंह गुर्जर के विरुद्ध न्यायालय में झूठा साक्ष्‌य देने के लिए आवेदन दिया गया। जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने फरियादी के विरुद्ध परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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