बसई (नईदुनिया न्यूज)। बारिश के बाद बेतवा नदी में एकाएक अधिक पानी आने से किसानों की फसलें डूब गई है। जिससे अन्नादाता के चेहरे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ जाने से नदी क्षेत्र के आसपास लगे खेतों में पानी भर गया है। ग्रामीणों की फसलें जलमग्न हो गई है। जिस वजह से किसानों पर एकबार फिर संकट छाने लगा है।

बसई क्षेत्र के ग्राम मकडारी, चौवाहा, देवगढ़, हीरापुर आदि गांव बेतवा नदी के किनारे बसे हैं। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद गांव के खेत भी लबालब होने लगे हैं। जिससे अधिकांश किसानों की फसलें जलमग्न हो गई है। किसानों के मुताबिक उनकी मूंगफली, उड़द, मूंग, तिली आदि की फसलें पानी में डूब जाने से खराब होने लगी हैं। किसानों का कहना है कि कोरोना काल के बाद जैसे-तैसे उधार रुपये लेकर खेतों में बोवनी की थी। लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद उनकी फसलें नष्ट होने लगी है। किसानों ने शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

इन किसानों की फसलें हुई जलमग्न

बतवा नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के क्षेत्र में भी पानी पहुंच जाने से देवगढ़ निवासी बोटन पुत्र महीप यादव, मकडारी निवासी रामचरन पुत्र हरीलाल पाल, सुम्मेर पुत्र महीप यादव, चंदन पुत्र हरीसिंह, चतुर्थ सिंह पुत्र दयाराम निवासी देवगढ़, अजय पुत्र पुरुषोत्तम पटैरिया, राजकुमार पुत्र पुरुषोत्तम पटैरिया, सूरज पुत्र भागीरथ, इंद्रपाल पुत्र लल्लू, चंदन पुत्र भागीरथ लोधी, बलवीर पुत्र भागीरथ, फूलवती-भागीरथी निवासी मकडारी आदि किसानों की 5 से 8 बीघा तक की खेती बर्वाद हो गई है। किसान ऐसी हालत में प्रशासन से मदद की आस लगाए बैठे हैं। वहीं इस मामले में बसई तहसीलदार मयंक तिवारी का कहना है कि नदी में पानी अधिक आने पर हम टीम सहित ग्रामीणों के पास पहुचे थे। किसानों के नुकसान का आंकलन स्वयं कल ही टीम लेकर करेंगे।किसानों की वास्तविक क्षति होने पर उनकी मदद की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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