सेवढ़ा (नईदुनिया न्यूज)। सेवढ़ा सहित विधानसभा क्षेत्र के 3 पुलों के नव निर्माण की मांग को लेकर कांग्रेस आगामी 29 अगस्त को आंदोलन का शंखनाद करेगी। प्रदेश स्तरीय कांग्रेसी नेताओं की मौजूदगी आंदोलन शुरू होगा। आंदोलन के दौरान सेवढ़ा के अलावा विधानसभा क्षेत्र के लांच और रतनगढ़ पुल के नव निर्माण की मांग प्रमुखता उठाई जाएगी। आंदोलन की शुरुआत विशाल रैली एवं धरना प्रदर्शन के साथ होगी। जिसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी। यह आंदोलन सेवढ़ा विधायक घनश्याम सिंह द्वारा किया जा रहा है। इस संबंध में विधायक सिंह ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन कर आंदोलन से जुड़ी जानकारी दी।

विधायक सिंह ने कहाकि आंदोलन में क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ता, दुकानदार साथी एवं आमजन को भी शामिल किया जाएगा। अगर व्यापारीगण पार्टी द्वारा संचालित आंदोलन का हिस्सा नहीं बनना चाहेंगे तो उन लोगों के द्वारा प्रथक से किए गए आंदोलन में भी कांग्रेसी नेता सहयोग करेंगे। कांग्रेस हर हाल में पुल के नव निर्माण की घोषणा और कार्य प्रारंभ होने तक आंदोलन को जारी रखेगी। विधायक ने कहाकि एक साल पहले 3-4 अगस्त 2021 को सिंचाई विभाग के लापरवाह अधिकारियों द्वारा अचानक मड़ीखेड़ा डेम से सिंध नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से आई जल त्रासदी में सिंध नदी पर बने तीन प्रमुख पुल जिनमें इंदरगढ़-पिछोर मार्ग पर ग्राम लांच पर सिंध नदी पर बना पुल, रतनगढ़ माता मंदिर मार्ग पर निर्मित पुल एवं सेवढ़ा नगर में सनकुआं के पास सिंध नदी पर निर्मित पुल बाढ़ के पानी के तेज बहाव में टूटकर ढह गए थे। साथ ही करीब आधा सैकड़ा गांवों में बाढ़ का पानी भर जाने से कई सैकड़ा लोगों को अपने मकान छोड़ने के लिए विवश होना पड़ा था। अधिकारियों द्वारा बलात लाई गई आपदा से प्रभावित लोगों को शासन-प्रशासन से कोई खास मदद भी नहीं मिली। विधायक ने बताया कि बाढ़ से टूटे तीनों पुलों का निर्माण कार्य स्वीकृत कराने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव से मिलकर उन्हें लिखित पत्र सौंपा गया था। विधानसभा में भी सेवढ़ा क्षेत्र के पुलों के निर्माण का मुद्दा उनके द्वारा उठाया गया। लेकिन शासन ने अब तक तीनों महत्वपूर्ण पुलों के निर्माण कार्य को स्वीकृत नहीं किया। नदी पर बने उक्त तीनों पुलों का निर्माण नहीं होने से अकेले सेवढ़ा क्षेत्र ही नहीं आसपास के शहर लहार, दबोह, मौ, गोहद, आलमपुर जिला भिंड, मोंठ, समथर जिला झांसी, दतिया, इंदरगढ़, थरेट, पंडोखर, भांडेर जिला दतिया तथा डबरा, पिछोर एवं ग्वालियर के करीब 1 लाख व्यक्ति प्रतिदिन आवागमन की सुविधा से वंचित हैं।

30 घंटे बाद छोटे पुल से यातायात हुआ शुरू

बुधवार सुबह 6 बजे बंद हुआ सनकुआं पुल गुरुवार दोपहर 12.30 पर पानी उतरने के बाद एक बार फिर वाहनों के लिए खोल दिया गया। मड़ीखेड़ा डैम से पानी छोड़े जाने के कारण नदी सामान्य स्तर से 17 फीट ऊंचाई पर बहने लगी थी। इसके कारण सिंध नदी पर बना छोटा पुल डूब गया था। पुल के ऊपर 2 से ढाई फीट तक पानी बह रहा था। लगातार 24 घंटे तक पुल डूबा रहा। गुरुवार को सुबह पुल से पानी नीचे आया तो पता चला कि पुल के ऊपर बनाई गई मुड़िया और पिलर डैमेज हुए हैं। पुल के ऊपर बड़ी मात्रा में मलबा पेड़ के झाड़ झंकार और गंदगी एकत्रित हो गई थी। जिसके बाद नगर परिषद को सफाई के निर्देश दिए गए। एसडीएम अनुराग निंगवाल, टीआई धीरेंद्र मिश्रा ने नगर पंचायत के कर्मचारियों के साथ सबसे पहले पुल के ऊपर जमा मलवा और पेड़ के डालियां हटवाई। इसके लिए जेसीबी मशीन चलाई गई। इस कार्य में वार्ड नंबर 1 एवं 2 के लोगों द्वारा भी श्रमदान कर मुड़िया के चारों ओर जमा गंदगी को हटाया गया। 2 घंटे तक चले सफाई अभियान के बाद पुल पर सबसे पहले पशुओं को निकाला गया। जो कि बीते 30 घंटे से परेशान चल रहे थे। उसके बाद बाइक एवं छोटे वाहन को और अंत में बड़े वाहनों की आवाजाही प्रारंभ कर दी गई। एसडीएम ने सड़क विकास निगम के अधिकारियों से चर्चा कर पुल को हुई सामान्य क्षति की पूर्ति के लिए मौका मुआयना करने के भी निर्देश दिए। वहीं नगर परिषद अध्यक्ष आशा गोविंद नागिल द्वारा नपं कर्मचारियों को पुल के आसपास फिसलन पैदा करने वाले मलबे को हटाने के लिए निर्देश दिए गए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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