दतिया (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए नगरीय निकायों में चुनकर आए नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रयास करने में जुट गए हैं। दतिया नगर में पेयजल व्यवस्था की खराब स्थिति को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रशांत ढेंगुला दो बार फिल्टर प्लांट का निरीक्षण कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने फिल्टर प्लांट पर मिली कमियों में सुधार के लिए संबंधितों को आवश्यक समझाइश भी दी। इसी क्रम में शनिवार 20 अगस्त को भी नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रशांत ढेंगुला राजगढ़ टंकी, पुराना फ़िल्टर प्लांट आदि टंकियों का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान वहां पाई गई अनिमित्ताओं को उन्होंने तत्काल प्रभाव से दूर करने के लिए अधिकारियों व जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी को निर्देश दिए। उन्होंने नगरवासियों को स्वच्छ एवं समय पर पेयजल उपलब्ध कराने के कार्य को जिम्मेदारी से किए जाने की आवश्यकता बताई।

वैसे तो नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि का लगातार दूसरा निरीक्षण था। लेकिन उसके बाद भी शहर में पेयजल सप्लाई के समय में कोई खास परिवर्तन देखने को नहीं मिला है। वार्डों में एक दिन छोड़कर ही पानी सप्लाई किया जा रहा है। जो मात्र 45 मिनिट से 50 मिनिट तक ही आ रहा है। ऐसे में आवश्यक है कि पेयजल सप्लाई के समय में वृद्धि के साथ स्वच्छ पानी शहर के लोगों को उपलब्ध कराने के लिए सार्थक प्रयास हों। इस संबंध में शहरवासी लंबे समय से मांग भी करते रहे हैं।

भांडेर में भी अध्यक्ष प्रतिनिधि ने दी सख्त हिदायत

भांडेर में शनिवार को नपं अध्यक्ष प्रतिनिधि रामजीवन राय ने शनिवार सुबह फिल्टर प्लांट तथा इंटकवेल पहुंचकर निरीक्षण किया। साथ ही वहां तैनात बानको कंपनी के कर्मचारियों को सख्त लहजे में चेतावनी भारी हिदायत भी दी कि नगर में अब तक जो दूषित जल प्रदाय किया जाता रहा है, उसमें अब आगे से सुधार दिखना चाहिए। उन्होंने नगर को आपूर्ति योग्य जल शुद्ध हो इसके लिए पानी के शुद्धिकरण के लिए मिलाए जाने वाले घटक उचित अनुपात में मिलाने तथा इसकी जानकारी नगरपालिका को नियमित रूप से देने को भी कहा। उन्होंने पानी को शुद्ध करने के बाद जिस टैंक में स्टोर किया जाता है उसे कवर्ड करने और नियमित अंतराल से उस टैंक की सफाई करवाने के निर्देश दिए। इंटकवेल पर नदी से जहां पानी लिया जाता है उस एरिये को कंक्रीट से बनवाने और वहां जंगरोधी छलनी वाली जाली लगवाने को भी कहा। जिससे पानी खींचे जाने के दौरान गंदगी न आए।

प्रारंभ से ही बेकार साबित हुई जलावर्धन योजना

साढ़े 14 करोड़ लागत से भांडेर नगर को मिली जलावर्धन योजना अपने क्रियाशील होने के बाद से ही विवादित रही है। पिछली नपं ने कार्यकाल समाप्त होने के अंतिम क्षणों में इसे विधायक के हाथों लोकार्पित कराया था। आनन फानन में अधूरी योजना शुरू तो हो गई। लेकिन कभी भी वादे के मुताबिक शुद्ध आरओ जैसे पानी सप्लाई नगरवासियों को नसीब नहीं हुई। कई बार नगरवासियों ने ज्ञापन दिए। इसके निर्माण और नियंत्रण एजेंसी बानको कंस्ट्रक्शन कंपनी को नोटिस भी जारी किए गए। लेकिन सत्तापक्ष की नजदीकी का फायदा इस कंपनी को हमेशा मिलता रहा और नगरवासी परेशान रहे।

बीमारियों से बचने के लिए दोहरा खर्च उठा रहे लोग

इस योजना से नगर में प्राइवेट तौर पर पानी बेचने वालों को फायदा हुआ और उनका धंधा फलनेफूलने लगा जो अब भी जारी है। क्योंकि दूषित पेयजल पीने से बेहतर लोगों ने मासिक दोहरा खर्च उठाना मुनासिब समझा। पहले तो नगरपालिका को ही जल कर देना है। फिर आरओ वाले को भी मासिक शुल्क देना पड़ रहा है। जलावर्धन योजना से आ रहे दूषित पानी के कारण पेट की बीमारियों ने भी लोगों को परेशान किया। जब नपं के चुनाव हुए तो उस वक्त मतदाताओं की एक ही मांग थी कि जो भी नगर की पेयजल व्यवस्था को सुधरेगा, वोट उसे ही जाएगा। नगरपालिका में अध्यक्ष का चार्ज ग्रहण करने के तत्काल बाद हुई बैठक में भी अध्यक्ष प्रतिनिधि रामजीवन राय ने पहली प्रतिक्रिया नगर को शुद्ध पेयजल आपूर्ति को लेकर दी थी। उसी प्रतिक्रिया के तहत शनिवार को उपाध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवेंद्र पाराशर तथा वार्ड एक पार्षद टीकाराम यादव के साथ जलप्रदाय तंत्र का उन्होंने निरीक्षण किया

इनका कहना है

हमारी पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता नगर को शुद्ध पेयजल आपूर्ति की है। निरीक्षण के दौरान कुछ समय मांगा गया है। हमने भी उन्हें सिस्टम सुधारने के लिए कुछ दिनों की मोहलत दी है। लेकिन यदि वे मोहलत के बाद भी पानी की गुणवत्ता नहीं सुधारते हैं तो हम आगे कठोर कदम उठाएंगे। - रामजीवन राय

नप अध्यक्ष प्रतिनिधि भांडेर।

Posted By: Nai Dunia News Network

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