दतिया/सेवढ़ा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पुल निर्माण की मांग को लेकर सेवढ़ा के व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता बुधवार को सड़क पर उतर आए। इसी मांग के चलते सुबह से ही नगर का पूरा बाजार बंद नजर आया। इसके बाद व्यापारियों एवं स्थानीय लोगों ने करीब एक किलोमीटर लंबी विशाल रैली के रुप में नारेबाजी करते हुए तहसील की ओर कूच किया। जहां दोपहर 12 बजे एसडीएम सेवढ़ा अनुराग निंगवाल को ज्ञापन सौंपा गया। व्यापारियों की इस मांग के समर्थन में सिर्फ जनप्रतिनिधि ही नहीं बल्कि प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ खड़े नजर आए।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को सुबह से ही नगर के सभी बाजार बंद रहे। अपनी दुकानें बंद कर व्यापारी अमरेश्वर महादेव मंदिर पर एकत्रित हुए। यहां ज्ञापन तैयार किया गया। व्यापारियों ने हस्ताक्षर कर पुल निर्माण प्रारंभ होने तक आंदोलन को क्रमवार तरीके से जारी रखने और एकजुटता के साथ अपनी मांग उठाते रहने का संकल्प लिया। रैली प्रारंभ कर व्यापारियों का काफिला जैसे ही सदर बाजार पहुंचा तो काफी संख्या में आम नागरिक सामाजिक कार्यकर्ता छात्र भी इसमें शामिल हो गए।

धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम, लिया ज्ञापन

बस स्टैंड पर पहुंचते ही व्यापारियों की रैली एक बड़े स्वरूप के साथ दोपहर में तहसील परिसर पहुंची। यहां जनपद पंचायत कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन हुआ। धरने को पूर्व जिला पंचायत सदस्य आलोक सिंह परिहार, व्यवसाई संतोष अग्रवाल, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष विनोद गुप्ता एवं पत्रकार रमाशंकर नगरिया ने संबोधित किया। संचालन भूपेंद्र राणा द्वारा किया गया। इस बीच एसडीएम अनुराग निंगवाल धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने व्यापारियों से चर्चा की। एसडीएम ने लोगों की मांग को उचित ठहराया तथा अपने स्तर पर शासन को पत्र लिखने की बात कही।

50 हजार की आबादी झेल रही परेशानी

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम जारी ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 4 अगस्त 2021 को बहे आधा दर्जन पुलों में से सेवढ़ा पुल को छोड़कर शासन द्वारा वित्तीय वर्ष के बजट में अन्य सभी पुलों के नव निर्माण का अनुमोदन कर दिया गया। यह सेवढ़ा क्षेत्र की जनता के साथ घोर अन्याय है। पुल का निर्माण अगर जल्द नहीं होता तो नगर का बाजार जो पहले से ही चौपट हो रहा है वह बर्बाद हो जाएगा। शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ व्यापार के लिए भी आम नागरिक पलायन को मजबूर होगा। जो छोटा पुल मौजूद है, वह बरसात में डूबने के कारण नगर की 50 हजार आबादी का संपर्क कट जाता है। पुल के अभाव में नगर लगातार पिछड़ रहा है। बेरोजगारी बढ़ रही है। माल के परिवहन और यात्री बसों के सीधे न आने के कारण अब न सिर्फ आना जाना महंगा हो गया है बल्कि वस्तुएं भी महंगी होने लगी है। कम समय सीमा में ब्रिज का निर्माण कराने की मांग की गई।

व्यापारियों के साथ खड़े नजर आए जनप्रतिनिधि

इस आंदोलन के दौरान व्यापारियों के साथ काफी संख्या में सत्ताधारी दल भाजपा के कार्यकर्ता भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। शासकीय कर्मचारियों ने भी इधर उधर खड़े होकर व्यापारियों की मांग का समर्थन किया। आंदोलन में भाजपा के प्रमुख नेताओं में पूर्व जिला पंचायत सदस्य आलोक सिंह परिहार, पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष विनोद गुप्ता, वर्तमान नपं उपाध्यक्ष प्रतिनिधि संजय दीक्षित, चंद्रेश गुप्ता, अमित बातू शिवहरे राजकुमार माहेश्वरी, मोहर सिंह लुक्की नाटा, लक्ष्‌मण यादव, असलम खान के अलावा व्यापारी वर्ग से किराना एसोसिएशन अध्यक्ष सुमित पहरिया आदि सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

लगातार तीसरे दिन भी डूबा रहा पुल

सिंध नदी पर बना छोटा पुल लगातार तीसरे दिन पानी में डूबा रहा। डेम से छोड़े गए पानी के कारण पुल पर जल स्तर काफी ऊंचा बना हुआ है। दूसरी ओर दो दिन पहले जंगल चरने गए पशु जो कि पुल डूबने के कारण नदी के उस पार फंस गए थे, वह अभी भी वहीं फंसे हुए है। उनके साथ पशुपालक भी काफी संख्या में घर छोड़कर खुले आसमान के नीचे दिन रात गुजार रहे है। इन सभी परिस्थितियों के अलावा नगर में आवागामन बंद होने से न पूरी व्यवस्था अस्त व्यस्त हो गई है। लोगों को ग्वालियर भिंड जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग से होकर 60 किलोमीटर का फेरा लगाना पड़ रहा है। वहीं नदी उस पार स्थित 18 ग्राम के लोगों का आवागमन बंद हो गया। तीसरे दिन पुल पर पानी की मात्रा कम हुई है पर अभी इसके खुलने को लेकर लोगों को और इंतजार करना पड़ सकता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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