दतिया (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ई-केवाईसी के मामले में निलंबित किए गए 7 पटवारियों की बहाली की मांग को लेकर जिले के पटवारी अनिश्चित कालीन कलम बंद हड़ताल पर चले गए हैं। विरोध स्वरुप दतिया, बड़ौनी, इंदरगढ़ सहित अन्य जगहों पर पटवारियों ने अपने बस्ते जमा करा दिए। जिले के करीब तीन सैकड़ा पटवारियों के आंदोलन पर चले जाने से राजस्व कार्य सहित गिरदावरी का काम भी प्रभावित होगा। पटवारी संघ ने आंदोलन जारी रखने के संकेत भी दिए हैं।

हड़ताल पर जाने से पूर्व गुरुवार को दतिया तहसील में पटवारी अपने बस्ते जमा करने पहुंचे। जहां उन्होंने बस्ते जमा कर दिए। लेकिन उन्हें प्राप्ति न मिलने के कारण वह काफी देर तक न्यू कलेक्ट्रेट में इंतजार करते दिखाई दिए। पटवारियों का कहना था कि उन्होंने अपने बस्ते तो जमा कर दिए लेकिन शाम तक उन्हें इसकी प्राप्ति नहीं दी गई। इंदरगढ़ में पटवारियों ने पहुंचकर तहसील में कलमबंद हड़ताल की सूचना के साथ अपने बस्ते जमा कर दिए। वहीं भांडेर में ज्ञापन सौंपा गया। यहां शुक्रवार को विरोध स्वरूप पटवारी अपने बस्ते जमा करने पहुंचेंगे। इधर पटवारियों की इस कलमबंद हड़ताल के चलते उन गांवों में सर्वे कार्य भी प्रभावित होना निश्चित हैं जहां नदी का पानी खेतों में भर जाने से किसानों की फसलें खराब हुई हैं।

पटवारियों के निलंबन को लेकर हो रहा विरोध

इस कलमबंद हड़ताल में अन्य मांगों के साथ उन 7 पटवारियों को बहाल कराने की भी मांग शामिल है। जो हाल ही में ई-केवाईसी में लापरवाही के चलते निलंबित कर दिए गए थे। इस मामले में पटवारी संघ का तर्क है कि ई-केवाईसी कराने का काम स्वयं किसान का होता है। जबकि पटवारी का कर्तव्य सिर्फ इसकी जानकारी और प्रचार करना था। ऐसे में दतिया, बड़ौनी के 7 पटवारियों को निलंबित किया जाना गलत है। संघ उनकी बहाली के लिए आंदोलन की राह पर है। इसके साथ ही पटवारियों ने सरकारी अवकाश के दिनों में भी पटवारियों की बैठक लिए जाने और उनसे काम कराने को लेकर भी ज्ञापन सौंपा था। वहीं जियो

फेंस गिरदावरी का भी पटवारी विरोध कर रहे हैं।

बस्ते सौंपकर जताया विरोध

पटवारियों ने अपनी मांगों को लेकर कलमबंद हड़ताल शुरु करते ही अपने बस्ते संबंधित तहसील मुख्यालयों पर जाकर जमा कर विरोध जताया। पटवारियों के निलंबन आदेश को निरस्त कराने के लिए 25 अगस्त से जिले के पटवारी अनिश्चित कालीन कलमबंद हड़ताल पर चले गए। तहसील इंदरगढ़, बड़ौनी में भी पटवारी अपने बस्ते जमा कराने पहुंचे।

गिरदावरी का काम होगा प्रभावित, पटवारियों ने गिनाई समस्याएं

जिओ फेंस गिरदावरी में तकनीकी और व्यावहारिक परेशानियों के चलते भांडेर विकासखंड के पटवारियों द्वारा तहसील कार्यालय भांडेर पहुंचकर आयुक्त भूअभिलेख मप्र ग्वालियर के नाम 9 बिंदुओं का ज्ञापन तहसील अध्यक्ष मप्र पटवारी संघ तहसील भांडेर मुकेश साध्या के नेतृत्व में दिया गया। जिसे तहसीलदार की अनुपस्थिति में उनके रीडर ने प्राप्त किया। ज्ञापन में उल्लेख है कि बारिश के मौसम में खेतों में पानी भरे होने, मेड़ों में चारा, घास, खरपतवार अधिक होने, आदि विषम कारणों से खेतों पर जा पाना संभव नहीं हो पाता है। वहीं बारिश के मौसम में आए दिन जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने व उनके काटने की घटनाएं होती हैं। जिओ फेंस के लिए प्रत्येक खेत में जाना होगा जिससे कार्य के दौरान जहरीले जीव जंतुओं आदि द्वारा काटे जाने का खतरा रहता है। वहीं किसानों द्वारा अपने खेतों को आवारा पशुओं-जंगली जीवों से बचाव के लिए चारों तरफ तार फेंसिंग कर दी गई है और उसमें बिजली का करंट भी प्रवाहित किया जाता है। जिससे एक खेत से दूसरे खेत में जाते समय बिजली का करंट लगने की संभावना रहती है। पिछले वर्ष प्रदेश में 3 पटवारियों की गिरदावरी के दौरान उक्त कारणों से आकस्मिक मृत्यु भी हो चुकी है।

वहीं जिओ फेंस गिरदावरी में अधिक समय लगता है। यदि सब कुछ ठीक रहे तो समतल इलाकों में एक दिन में अधिकतम 20 से 25 सर्वे नंबर तथा भौगोलिक रूप से दुर्गम दूरस्थ बीहड़, पहाड़ी इलाकों में एक दिन में अधिकतम 10 से 15 सर्वे नंबर तक की ही गिरदावरी की जा सकती है। जबकि अधिकांश पटवारी हल्कों में सर्वे नंबर लगभग 10,000 तक हैं। सारा एप्प भी सही कार्य ना करने, सर्वर डाउन रहने, डाटा अपलोड ना होने, मोबाइल इंटरनेट नेटवर्क न आने व अन्य तकनीकी दिक्कतों के कारण मौके पर जिओ फेंस गिरदावरी में समस्याएं आती हैं। सैटेलाइट इमेज सही प्रदर्शित नहीं हो रही है। अधिकतर ग्रामों में वास्तविक फसल के स्थान पर धान एवं सोयाबीन की फसल प्रदर्शित हो रही है। ऐसे में पटवारियों ने गिरदावरी करने से इंकार कर दिया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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