दतिया (नईदुनिया प्रतिनिधि)। दीपावली की दौज पर रतनगढ़ में लगने वाले लख्खी मेले में बुधवार को करीब 20 लाख श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में पहुंचकर दर्शन किए एवं बंध कटवाए। मंगलवार शाम सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद से श्रद्धालुओं का रतनगढ़ माता एवं कुंअर बाबा के दर्शन करने के लिए पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। जो बुधवार की देर रात तक निरंतर जारी रहा। कलेक्टर संजय कुमार ने बताया कि मेले में देर शाम तक लगभग 20 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। इस बीच मेले में आने वाले श्रद्धालुजन सर्पदंश से पीड़ित का बंध खुलवाने मां के दरबार में लगातार पहुंचते रहे। जहां नीम का झोंका और जल मिलते ही पीड़ित के स्वस्थ होने का चमत्कार देख माता के जयकारों से परिसर गूंजता रहा। आज गुरुवार को भी दौज पर्व मनाए जाने के कारण श्रद्धालुओं के रतनगढ़ पहुंचने की उम्मीद है।

मेले के नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर रुपेश उपाध्याय ने बताया कि मेले की व्यवस्थाओं के लिए दतिया सहित ग्वालियर, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर आदि जिलों के प्रशासनिक पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्ना विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवाएं ली जा रही हैं। इसके लिए कर्मचारियों की आठ-आठ घंटे की पाली में ड्यूटी लगाई गई है। ताकि सभी कर्मचारी मुस्तैदी से अपना दायित्व निभा सकें। इसके कारण ही मेले में अबकी बार व्यवस्थाएं काफी चुस्त दुरुस्त नजर आई। लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद भी बिना धक्का मुक्की के कतारबद्ध कर लोगों को दर्शन कराए गए। मंदिर परिसर में आने जाने के लिए अलग-अगल व्यवस्था रखी गई। जहां पुलिस का प्रबंध रहा जिसकी मौजूदगी में श्रद्धालुओं ने कतार में लगकर ही दर्शन किए।

वहीं कलेक्टर संजय कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड मेले में की गई व्यवस्थाओं का लगातार अधिकारियों के साथ जायजा लेते रहे। जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने आठ प्वाइंट पर संभाग के विभिन्ना जिलों से आए अधिकारियों के साथ पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान आने वाली परेशानियों का भी उनके द्वारा मौके पर निराकरण किया गया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश भार्गव, अपर कलेक्टर एवं मेले के नोडल अधिकारी रुपेश उपाध्याय, एसडीएम सेवढ़ा अनुराग निंगवाल, तहसीलदार सूर्यकांत त्रिपाठी आदि साथ रहे।

शाम 4 बजे तक ही 14 लाख ने किए दर्शन

मेले के नोडल अधिकारी रुपेश उपाध्याय ने बताया कि रतनगढ़ मेले में बुधवार शाम 4 बजे तक 14 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दर्शन किए। प्रशासन ने 24 घंटे में 25 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था की थी। गुरुवार दोपहर तक भी करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। सभी अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी भी गुरुवार दोपहर तक लगाई गई है। उन्होंने बताया कि इस बार मेले की व्यवस्था को लेकर अलग-अलग कर्मचारियों की पारियों में ड्यूटी लगाई गई थी। जिसके कारण पूरा अमला मुस्तैद रहा। हर पारी के कर्मचारी को आठ घंटे की ड्यूटी के बाद कुछ समय आराम को भी मिल सका। जिससे तरोताजा होकर कर्मचारी अपनी ड्यूटी निभाते नजर आएं। यही कारण रहा कि इस बार मंदिर परिसर में दर्शन के दौरान भी कतई धक्का मुक्की नहीं हुई। सभी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए गए।

श्रद्धालुओं की परेशानी तत्काल कराई गई दूर

मेले के दौरान जिन रास्तों पर पेयजल आदि की समस्या रहती थी। वहां भी प्रशासन द्वारा खास व्यवस्थाएं कराई गई। ताकि श्रद्धालुओं को रास्ते में किसी तरह की समस्या न आएं। इसे देखते हुए खमरौली के पास भी पानी की समुचित व्यवस्था रही ताकि श्रद्धालुओं को पूरी मेला अवधि में पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ा। इसके साथ ही अन्य समस्याओं के बारे में जानकारी मिलते ही अधिकारी कर्मचारी उसे दूर करने में लगे रहे। मेले की व्यवस्थाओं के लिए दतिया, भिंड, ग्वालियर के पुलिस अमले के साथ ही करीब 3700 अधिकारी कर्मचारी मेले में ड्यूटी निभा रहे हैं। जिनमें भिंड, ग्वालियर, दतिया के कर्मचारी शामिल हैं।

मां आरती में कलेक्टर व सीईओ ने बजाए घंटे

मां रतनगढ़ की आरती में कलेक्टर संजय कुमार व सीईओ जिला पंचायत कमलेश भार्गव ने घंटे झालर बजाकर भाग लिया। वहीं एसपी अमन सिंह राठौर ने भी मौजूद रहे। आरती के दौरान अधिकारियों में भक्तिभाव नजर आया। रात में श्रद्धालुओं की अधिक भीड़ हो जाने पर जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव ने भी सर्पदंश से पीड़ित लोगों के बंध खोलने को लेकर झोंका देने में मदद की। सुप्रसिद्ध मां रतनगढ़ माता मंदिर दूरदराज से आए श्रद्धालु अपना बंध खुलवाने के लिए मां रतनगढ़ मंदिर पर अपने पीड़ित को लेकर पहुंचते हैं। रात्रि में पुजारियों के साथ ही जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव ने भी संभाला मोर्चा और पीड़ितों को झोंका लगाया।

जगह-जगह हुए भंडारे

रतनगढ़ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए मुख्य रास्तों पर भंडारे और नाश्ते का भी इंतजाम किया गया। स्थानीय लोगों व समाजसेवियों ने इस दौरान पेयजल और खाने की व्यवस्था रखी। सेवढ़ा में इंदरगढ़ कामद रोड पर सुनील बुधौलिया जनपद उपाध्यक्ष सेवढ़ा ने मेले में जा रहे पैदल श्रद्धालुओं को फल एवं चाय नाश्ता कराया एवं मिठाई वितरण की। गुरुवार को भी श्रद्धालुओं की मंदिर परिसर में भारी भीड़ रहने की उम्मीद जताई गई है। जिसे देखते हुए प्रशासन ने पूरी व्यवस्था की है।

नदी क्षेत्र पर रखी गई निगरानी

रतनगढ़ मेले के दौरान नदी क्षेत्र से श्रद्धालुओं की आवाजाही न हो इसे लेकर खास प्रबंध कराए गए हैं। यहां काफी मात्र में फोर्स और एसटीएफ की टीम मौजूद हैं। जो इस बात पर सख्त निगरानी कर रही हैं। ताकि कोई भी श्रद्धालु नदी पार कर मंदिर पहुंचने की कोशिश न कर सके। पूर्व में नदी पार कर ही श्रद्धालु सर्पदंश से पीड़ित को लेकर मंदिर पहुंचते थे। लेकिन इस बार सुरक्षा कारणों के चलते व्यवस्थाओं में परिवर्तन किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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