Datia News सेवढ़ा (नईदुनिया न्यूज)। सिंध नदी पर बने पुराने पुल से ट्रैक्टर ट्राली गिरने के सोमवार शाम हुए हादसे में चार लोगों की जान चली गई थी जबकि 21 लोग घायल हो गए थे। जिसमें दो गंभीर घायल 13 वर्षीय किशोरी जूली कुशवाहा और महिला अर्चना कुशवाह की हालत नाजुक बनी हुई है। दोनों का उपचार ग्वालियर के हास्पिटल में चल रहा है।

अस्पताल संचालक डा.अमित यादव के अनुसार दोनों मरीज कोमा में वेंटलेटर पर हैं। जबकि अन्य लोगों की हालत में सुधार हो रहा है। इस बीच में घटना में मृत लोगों का पीएम सेवढ़ा में कराया गया। शव उनके स्वजन को सौंप दिए गए। दबोह कस्बे के वार्ड क्रमांक 8 में जैसे ही मृतकों के शव पहुंचे तो कोहराम मच गया पूरे कस्बे में शोक का माहौल नजर आया।

अगले दिन भी नहीं पहुंचे जिम्मेदार अधिकारी

इधर पुल पर हुई घटना के दूसरे दिन भी पुल की देखरेख करने वाले सड़क विकास निगम के अधिकारी यहां नहीं पहुंचे। गत वर्ष बाढ़ के दौरान पुल जो हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। उस पर इसी विभाग के द्वारा लाखों रुपए खर्च कर व्हील गार्ड लगाए गए और ऊपरी सतह पर मरम्मत व आरसीसी का कार्य किया गया था। महज 1 वर्ष बाद फिर से पानी बरसा और यह पुल जलमग्न हो गया। इस दौरान मरम्मत पूरी तरह उखड़ गई और आरसीसी की ऊपरी सतह भी गड्ढों में तब्दील हो गई। खतरनाक अवस्था में पहुंचे पुल पर कटाव को कम करने के लिए एसडीएम निंगवाल द्वारा नगर परिषद से डस्ट डलवाई गई। लेकिन दोनों ही तरफ से ढलान होने के कारण वाहनों के असंतुलित होने की संभावना बनी रही।

वहीं इस बारे में एसडीएम अनुराग निंगवाल ने बताया कि पुल की देखरेख का जिम्मा सड़क विकास निगम के अधिकारियों के पास है। प्रशासन द्वारा इस बार पुल के डूबने से हुए नुकसान के बाद पत्र जारी कर दिया गया था। उस वक्त एमपीआरडीसी के अधिकारियों का तर्क था कि बार बार डूबने से उनका नुकसान हो रहा है इसलिए बारिश बंद होने के बाद जब पुल डूबने की समस्या समाप्त होगी तब पुल का मेंटेनेंस कर दिया जाएगा पर इसके बाद अधिकारी नहीं आए। एसडीएम निंगवाल ने मंगलवार को भी मौके पर जाकर पुल की स्थिति देखी। वहीं एसपी अमन सिंह राठोड़, एसडीओपी दीपक नायक देर रात सेवढ़ा पहुंचे और उन्होंने पुल एवं नदी के हिस्से में पुलिस बल बढ़ाने के निर्देश दिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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