दतिया (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहरी आबादी वाले क्षेत्र में कुल पानी की सात टंकिया बनी हुई है। इन टंकियों से 36 वार्डों में जलापूर्ति की जा रही है। इसमें एक टंकी पूर्व में क्षतिग्रस्त हुई थी, जिसे सुधारने में महिनों लग गए। इसके अलावा निजी कंपनी को जलापूर्ति का जिम्मा दिया गया है यह कंपनी भी जल वितरण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। बारिश के बाद रामसागर तालाब और अंगूरी बैराज में पर्याप्त पानी है। इसके बावजूद शहर में दो से 5 दिनों में जलापूर्ति की जा रही है और उसका समय वह दिन भी निर्धारित नहीं है। नगर पालिका के पास इसका माकूल जवाब भी नहीं है। बाधित जलापूर्ति के लिए नपा विद्युत कटौती को भी जिम्मेदार बता रही है। इसी प्रकार से जिला अस्पताल में कुएं से मोटर चोरी होने पर मरीजों व उनके स्वजनों तथा स्टाफ के लिए जल संकट गहरा जाता है। यहां कई महिनों से पानी की निर्माणाधीन टंकी अधूरी पड़ी हुई है।

बेतहाशा विद्युत कटौती और नगर पालिका द्वारा सौंपी गई है निजी कंपनी की अव्यवस्था के कारण ये हाल है। बता दें कि अब राम सागर में जलस्तर भी काफी बेहतर है। इसे बाद भी शहर में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। विद्युत कटौती होने के कारण नगर पालिका के जल प्रदाय विभाग की पानी की टंकियां समय पर नहीं भर पा रही है। जल प्रदाय संभाल रही कंपनी की अव्यवस्थाओं से शहर में भरी बारिश में कृत्रिम पेयजल संकट पैदा हो गया है।

पूर्व में राम सागर में जलस्तर ज्यादा नीचे पहुंचने और बरसात नहीं होने के कारण भी जल संकट गहरा गया था। बता दे कि 30 फीसद जलापूर्ति इसी राम सागर से ही होती है। शेष 70 जलापूर्ति अंगूरी बैराज से की जाती है। नगर पालिका इन दोनों जल स्त्रौतों के लबालब होने पर भी दो से पांच दिनों में जल प्रदाय कर रही है। शहरी क्षैत्र में कुल 7 पानी की टंकियां है, जिसमें दो टंकियों की मरम्मत जा रही थी, वे टंकिया भी अब ठीक हो गई है। ऐसे में विद्युत कटौती के कारण ये टंकियां भी समय पर नहीं भर पा रही है। पूर्व में एक बैठक में एक दिन छोड़कर नल देना तय हुआ था। इसके बावजूद अब शहर में पांच-पांच दिनों में जल प्रदाय किया जा रहा है। बानको नामक एक कंपनी को प्रति माह एक करोड़ रूपये प्रतिमाह नगर पालिका व्यवस्थित जल प्रदाय के लिए देती है। यह कंपनी भी व्यवस्था है ठीक से नहीं कर पा रही है, जबकि जलापूर्ति का विद्युत बिल नगर पालिका अलग से जमा कराती है। इस तरह करोड़ों खर्च के बाद भी शहर के आम आदमी को पानी नहीं मिल पा रहा है।

जल व्यवस्था पर करोड़ो खर्च

जो दो टंकियों की मरम्मत की गई थी, उस पर लाखों की राशि खर्च की गई थी। ये जल संकट ्‌िनजी कंपनी बानको के कुप्रबंधन का नतीजा है। गर्मियों में भी इस अव्यवस्था के चलते 17 टैंकर में भी कर्मचारी और डीजल खर्च लाखों रूपये खर्च किए गए थे। इस बावजूद लोगों को पानी नहीं मिला था। इस तरह करोड़ों रूपये खर्च होने कै बावजूद वर्तमान और गर्मियों में दतिया शहर भीषण जल संकट झेल रहा है।

132 केवी का फाल्ट भी जल संकट का कारण

तीन दिन पूर्व विद्युत वितरण कंपनी एक झोन में 132 केवी पावर प्लांट में फाल्ट हो गया था। जिसके कारण भी पानी की टंकियां नहीं भर पाई थी। जिस कारण भी पिछले 4 दिनों से जलापूर्ति शहर की बाधित हुई है। नगर निगम के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इसी तरह एक सप्ताह पूर्व भी पूरी रात बिजली नहीं रहने से टंकियां नहीं भर पाई थी। इस वजह से भी जलापूर्ति शहर में गड़बड़ा गई है।

----------------

जिला चिकित्सालय में पानी के लिए हाहाकार

जिला चिकित्सालय में स्थित एक कुएं से जल प्रदाय की व्यवस्था की गई है। इस हुए पर भी लगभग दो से तीन बार मोटर चोरी हो जाने से जल संकट की भयावह स्थिति बन गई है। यहां पर परिसर में एक टंकी का निर्माण किया जा रहा है। जिससे पूरे जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज की जलापूर्ति प्स्तावित है। इस टंकी का आधा अधूरा स्ट्रक्चर भी बना हुआ है, किंतु वह कई माह से अधूरी पड़ी हुई है सीएमएचओ डॉ. आर बी कुरेले का कहना है कि ठेकेदार को इस संदर्भ में नोटिस दिया गया है। जल्दी ही इस टंकी का कार्य पूरा हो जाएगा।

जल प्रदाय का ना समय ना दिन और ना ही अवधि तय

निजी कंपनी बानकों जलप्रदाय के कुप्रबंधन का एक और उदाहरण है कि पांच दिनों के बाद जलापूर्ति होने के बाद भी जिस कंपनी को जल प्रदाय की जिम्मेदारी दी गई है वह कभी भी जल प्रदाय चालू कर देता है जल प्रदाय के लिए न तो कोई समय तय है और ना ही कोई दिन तय है। ना ही नल कब तक आएंगे इसकी भी कोई अवधि भी निर्धारित नहीं है। कभी-कभी 10 मिनट नल चलने के बाद बंद हो जाते हैं। इस कारण अब शहर में फिर से डिब्बा व्यवस्था चालू होने लगी है और लोग जल संकट से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।

बिजली कंपनी का हम क्या करें : सीएमओ

दतिया नगर पालिका परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनिल कुमार दुबे ने बताया कि विद्युत कटौती के कारण जल प्रदाय बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। यह सही है कि जल संकट के कारण लोग परेशान हैं। इसके लिए जल व्यवस्था देख रही निजी कंपनी बालकों को भी निर्देश जारी किए गए हैं और विद्युत वितरण कंपनी सूचित किया जा रहा है। इसके बाद भी विद्युत आपूर्ति ठीक से नहीं हो पा रही है। विद्युत विभाग का कम क्या कर सकते है। इस कारण जल संकट गहराया हुआ है। जल प्रदाय विद्युत आपूर्ति पर ही निर्भर करता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local