बसई। नईदुनिया न्यूज

बसई तहसील के ग्राम पंचायत बजरंगढ़ वासी आज पानी की कमी के चलते अपने जान से प्यारे जानवरों को बेचने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि हमारे खुद के लिए पानी नहीं है। ऐसे में जानवरों के लिए पानी कहां से लेकर आएं

गौरतलब है कि दतिया जिले में पानी का संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में जिले के कई गांव से ग्रामीण पलायन करने की मन बना चुके हैं। उन्ही में से एक है बजरंगढ़ जहां तकरीबन 200 परिवार रहते हैं। जो आज पानी की बूंद बूंद के लिए मोहताज हैं। इस परेशानी से कई सालों से लड़ रहे ग्रामीण अब थक चुके हैं। क्योंकि इनकी लड़ाई पर न तो प्रशासन ध्यान दे रहा है। और ना ही इस क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों को दिखाई देती है। जो चुनाव के समय बड़े- बड़े वादे करके लोगों को गुमराह कर वोट का धन तो लूट लेते हैं।अब दोबारा कभी इस और मुड़कर देखना भी मुनासिब नहीं समझते हैं। क्षेत्र में हालात यह है कि आज पानी की एक -एक बूंद के लिए जहां घरों के भीतर क्लेश होता है। तो बाहर आपस में झगड़े।

-कुआ सूखने के बाद दोबारा पानी आने तक करना पड़ता है इंतजार

इस मोहल्ले पर एक कुआं वह कुआं भी सूखने की कगार पर आ गया है। कुआं में पानी कम हो जाता है तो कुछ समय तक रूकना पडता है कुआं में पानी आने पर पुनः नंबर के हिसाब से पानी भरना पड़ता है। इस मोहल्ले की महिला लक्ष्मी पाल, हंसमुखी पाल, प्रभा पाल, कमला, देवकुअंर, कला, कमला, कल्ली, शशी, रजबाई, राजाबेटी, मिथला, गायत्री, ललीबाई, सुनीता, अनीता, पुष्पा आदि का कहना है कि अब हालात बहुत ही नाजुक होते जा रहे है इसलिए यदि जल्द ही पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो अब हम उग्र आंदोलन कर प्रशासन को अपनी समस्या बताएंगे।

पानी के चलते बेचनी पड़ रही बकरियां

ग्रामीण इमरत पाल, दयाराम, महेश, अनिल, सुट्टू, लछ्छू का कहना है कि हमारे यहां बकरियां है ,लेकिन पानी नहीं होने से ऐसा लग रहा है अब तो बकरी बेचनी ही पड़ेगी क्योंकि पानी- पीने की व्यवस्था जब ग्रामीणों को नहीं हो पा रही है। तो पशुओ को कहा से हो। वहीं लोगों के साथ अब जानवर भी कमजोर होती जा रहे हैं।

- स्कूल में प्यासे हैं नौनिहाल

सतलौन ग्राम पंचायत का एक मात्र माध्यमिक विद्यालय जिसमें लगभग 100 छात्र छात्रायें अध्ययन रत होंगी। वह माध्यमिक विद्यालय भी गा?व से हटाकर इसी मुहल्ले पर कर दिया अब तो इन अध्यनरत छात्र -छात्राओ को पानी का बडा संकट आ गया है। इस विद्यालय में भी हैंडपम्प नहीं लगा जबकि कई बार अधिकारियों से मांग कर चुके है।

-गांव से 2 किमी दूरी पर है यह मोहल्ला

बजरंग गढ मोहल्ला सतलौन गांव से 2 किमी दूरी पर है इस मोहल्ले के लोग अन्य मूलभूत सुविधाओ से भी बंचित है। इसी के चलते सरपंच सचिव भी इस मौहल्ले पर ध्यान नहीं देते हैं। परेशानी इस कदर बढ़ चुकी है। लोगों को अब पलायन के सिवा और कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है।

-क्या कहते हैं लोग

-हमने पानी को लेकर जगह- जगह निवेदन किया है। आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। अब यदि जल्द ही समस्या का समाधान नही हुआ तो उग्र होकर सड़क पर उतरेंगे।

अनिल पाल निवासी बजरंगगढ़ फोटो 17

-पानी को लेकर हमारे मोहल्ले में आय दिन झगड़ा होता रहता है। एक ही कुआं है वह भी निजी है सो निवेदन करके भरते रहते है कुआं में भी पानी कम होता चला जा रहा है इसलिए नंबर लगते है। बहुत परेशानी है एक हैंडपंप लग जाएए यही निवेदन है शासन से।

लक्ष्मी पाल निबासी बजरंगगढ मुहल्ला फोटो 18

-नेता चुनाव के समय आते है हर बार सभी से एक ही निबेदन करते है कि हमारे मोहल्ले में पानी के लिए एक हैंडपंप लगवा दो, चुनाव निकलने के बाद फिर नहीं आते है यदि जल्द ही हैंडपंप नही लगा तो अव हम सब आंदोलन करेंगे।

इमरत पाल उम्र 80 साल निबासी बजरंगगढ फोटो 19

-क्या कहते हैं जिम्मेदार

इस मोहल्ले पर बड़ी मात्रा में गांव के लोग रहते है और साथ में माध्यमिक विद्यालय जिसमें करीब एक सैकड़ा स्कूली बच्चे अध्यनरत हो ओर वहा पानी के लिए एक हैंडपंप तक नहीं हो उस मोहल्ले की कैसी हालात होगी यह से सब जानते ही है। यह मामला दो वर्ष पहले मेने जनपद की बैठक में उठाया था अधिकारियो ने गंभीरता से नही लिया।

विमला तिवारी जनपद सदस्य जनपद पंचायत दतिया फोटो 20

-इस समस्या को मेने संज्ञान में लेकर नोट कर ली है पूरी संवेदनशीलता के साथ नियमानुसार समस्या का जल्द ही समाधान होगा।

अभिषेक कुमार सीईओ जनपद पंचायत दतिया

फोटो 14 गांव के इकलौते कुए के पास पानी भरने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते ग्रामीण

फोटो 15 सूखा पड़ा गांव का हैंडपंप

फोटो 16 गांव का स्कूल