दतिया। सावन का महीना सभी के लिए खास होता है। इस दौरान हर तरफ हरियाली के साथ स्वच्छता का भी माहौल रहता है। सावन में सोमवार का भी अपना अलग ही होता है कहते हैं कि इस दिन व्रत करने वालों पर

भगवान शंकर की विशेष कृपा होती है। दतिया पौराणिक काल से ही धार्मिक नगरी के रूप में जाना गया है।

जिसका प्रमाण यहां सैंकड़ों साल पुराने मंदिर स्वयं देते हैं। इन्हीं में से एक भगवान शिव का रिसाला मंदिर। किले के पिछले हिस्से में स्थापित रिसाला मंदिर की स्थापना लगभग 400 साल पहले की गई थी।

मंदिर के पुजारी भवानी शंकर निचरेले ने बताया कि मंदिर की सेवा उनके परिवार द्वारा पैत्रिक रूप से की जा रही है। उन्होंने बताया कि भगवान के दर्शन अपने किले से ही करने के लिए तत्कालीन महाराज ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था। आपको बता देंकि मंदिर में विशाल शिवलिंग मंदिर की दूसरी मंजिल पर स्थापित हैं।

पुजारी के अनुसार मंदिर 7 मंजिला है। जिस पर जाने के लिए अलग अलग सीढ़ीयां बनी हुई हैं। मंदिर की सातवीं

मंजिल पर मठ को स्थापित किया गया है। मंदिर के संबेध में पुजारी ने बताया कि मंदिर में यदि निष्पक्ष व कल्याण की भावना से जो भी कुछ मांगा जाता है वह अवश्य पूरा होता है। पुजारी ने बताया कि जिले में इतनी बड़ी शिवलिंग और कहीं नहीं है।

सावन के दूसरे सोमवार पर हुई शिव पूजा

सावन के दूसरे सोमवार पर भी शिवालयों में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ देखने को मिली लोग सुबह से ही शिवालयों में दर्शनों के लिए कतारों में खड़े दिखाई दिए। वहीं स्कूल जाने वाले बच्चे भी सुबह ही भगवान के दर्शनो व जल अर्पित करने के लिए मंदिरों में पहुंचे। इस दौरान लोगों ने भगवान शिव के दर्शन कर उन्हें बेल पत्र अर्पित किए। शिवालय में भगवान शिव की अराधना स्वरूप पंडितों द्वारा मंत्रोचार के साथ ही उनका अभिषेक किया गया।

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