नेमावर। भंवरी देवी हत्याकांड की मास्टर माइंड इंद्रा लंबे समय से नेमावर में रह रही थी। उसकी पुख्ता लोकेशन मिलने के बाद राजस्थान एटीएस का एक इंस्पेक्टर पिछले पांच दिन से नेमावर में रहकर रैकी कर रहा था। उसकी जानकारी पर शुक्रवार को एटीएस की टीम तीन गाड़ियों से एएसपी के नेतृत्व में नेमावर पहुंची और आरोपी इंद्रा को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि आरोपी इंद्रा ने यहां एक पाराशर परिवार की वृद्ध महिला से नजदीकियां बनाई और बाद में उसके घर में रहने लगी।

इंद्रा को शुक्रवार को राजस्थान एटीएस ने नेमावर तट स्थित एक कुटिया से गिरफ्तार किया था। जानकारी के अनुसार इंद्रा ने यहां के लोगों को खुद को गरीब और धार्मिक महिला बताया था। वह यहां एक कुटियानुमा आश्रम में रह रही थी। करीब एक साल पहले वह नगर की महिला रूक्मिणी देवी पाराशर के संपर्क में आई थी और खुद को गरीब व धार्मिक महिला बताकर उनके साथ रहने लगी थी।

टीआई डावर के अनुसार रूक्मिणी देवी की मौत के बाद भी वह वहीं रह रही थी लेकिन स्थायी रूप से नहीं रहती थी। सालभर पहले आई थी और फिर चली गई थी। इसके बाद फिर वापस आ गई। एक जगह वह नहीं रहते हुए ज्यादातर समय वह मंदिरों या घाट पर रहती थी। रूक्मिणी देवी के घर में कोई नहीं रहता है। उनका बेटा है जो हरदा में किसी मंदिर में पुजारी है।

अलर्ट रहती थी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इंद्रा काफी चालाक है। वह पूरे समय अलर्ट रहती थी। साथ ही कभी भी एक जगह नहीं रहती। कभी घर पर तो कभी मंदिर या घाट पर जाती रहती थी। पुलिस को जानकारी मिली है कि वह हरदा में किसी दूर के रिश्तेदार से लगातार संपर्क में थी। वह कभी कभी बाहर भी जाती रहती थी।

10 लोगों की टीम आई थी

राजस्थान एटीएस की टीम में 10 लोग शामिल थे जिनका नेतृत्व एएसपी ने किया। ये तीन वाहनों से नेमावर पहुंचे थे। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद टीम जोधपुर रवाना हो गई।

कभी सोचा नहीं इतनी शातिर होगी

इंद्रा की गिरफ्तारी के बाद वहां रह रहे लोगों ने बताया कि हमें कभी ऐसा नहीं लगा कि यह इतनी शातिर महिला होगी। पुलिस ने जब घेराबंदी कर इंद्रा को पकड़ा तो उसका असली चेहरा पुलिस के सामने आया।

पुलिस प्रणाली पर सवाल, नहीं होती जांच

उधर भेष बदलकर फरारी काट रही इंद्रा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की व्यवस्था पर भी सवाल उठे। आम जनता में यह चर्चा और भय है कि पता नहीं कितने अपराधी इस तरह यहां फरारी काटते होंगे। लोगों का कहना है कि पुलिस को सकिय्र होकर यहां आने वाले और रहने वाले लोगों की पड़ताल करनी चाहिए। हो सकता है कि कई अपराधी यहां साधु बनकर फरारी काट रहे हों।

करेंगे जांच

मामले में टीआई टीएस डावर का कहना है कि यह सही है कि बाहर के काफी लोग आते हैं। अब यहां रहने वाले बाहरी लोगों की जांच की जाएगी। उनके आइडेंटी कार्ड आदि चेक किए जाएंगे।

Posted By: