-खातेगांव तहसील के ग्राम बड़ी बरछा का है मामला, एससीएसटी एक्ट की धाराओं में हुआ आजीवन कारावास

देवास। नईदुनिया प्रतिनिधि

16 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय ने एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। खास बात यह कि आरोपी को दुष्कर्म के मामले में तो 10-10 वर्ष की सजा हुई लेकिन एससीएसटी एक्ट की धाराओं के तहत न्यायालय ने अधिकतम से अधिकतम दंड आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

जानकारी के अनुसार 25 अक्टूबर 2014 को खातेगांव थाने के ग्राम बड़ी बरछा निवासी 16 वर्षीय किशोरी रात में लापता हो गई थी। इसके बाद उसके पिता ने खातेगांव थाने पर सूचना दी थी। मामले में पिता ने पास ही रहने वाले आरोपी अफजल पिता बरकत खां निवासी बड़ी बरछा पर शंका जाहिर की थी। मामले में पुलिस ने पहले अपहरण व एससीएसटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला कि घटना वाले दिन आरोपी रात में किशोरी का शादी का झांसा देकर ले गया था। आरोपी ने धमकी भी दी थी कि नहीं गई तो जान से मार देगा। इसके बाद आरोपी अफजल उसके एक अन्य साथी रामनिवास पिता जगराम जाट के साथ उसे खातेगांव ले गया और वहां से बस से लेकर उज्जैन गया। उज्जैन में आरोपी ने किशोरी को एक कमरे में रखा और दुष्कर्म किया। इसके अगले दिन आरोपी के पास किसी का फोन आया तो आरोपी किशोरी को लेकर गांव जा रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी और किशोरी के बयान के आधार पर पुलिस ने प्रकरण में दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी सहित लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धाराएं बढ़ाई थी। इसके बाद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। मामले में विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट योगेशचंद्र गुप्त ने आरोपी अफजल को दोषी पाया जबकि आरोपी रामनिवास को बरी कर दिया गया। न्यायालय ने आरोपी अफजल को अपहरण की धारा 363 में तीन वर्ष की सजा व एक हजार रुपए अर्थदंड और अन्य धाराओं में सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक विमलकुमार छाजेड़ ने की।