सैकड़ों साल पुरानी संस्कृति से बच्चों का जुड़ाव

पुंजापुरा। ढांकनी में दाल गोरी गरबो आया..., सोती होतु जाग गोरी गरबो आया...., बाईरी बढ़ा घर देखाई छाछ करे..., रावटुया टुटयो बहु गिरी रे बाई..., मटकी को हो गई टुकड़ों...., लंका की गादी पर बैठुयो हनुमान छल्ला बोल... जैसे लोकगीत गली-मोहल्ले में सुनाई दे रहे हैं। पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए बच्चों की टोली दशहरा मिलना समारोह के दूसरे दिन से ही नगर के प्रत्येक घरों में शाम होते ही युवाओं की टोली छल्ला मांगने पहुंच रही है। लड़कों की टोली में हाथ में ज्वार, मक्का का पौधा लेकर गीत गाए जा रहे हैं। इसी प्रकार बालिकाएं अपने सिर पर गरबा रखकर उसमें दिया जलाकर गरबे को फू लों से सजा कर गरबा मांगने निकल पड़ती है। लड़कि यां ...आनी लाया चुनी लाया लाख रुपए की लाड़ी लायों, बाईरी बड़ा घर देखाई छाछ करे, रावटुयो की बहु गिरी, बाई मटकी को हो गई टुकड़ों आदि लोक गीत गा रही है। इन्हें प्रत्येक घर से मक्का व मूंगफली सहित राशि मिल रही है। यह सिलसिला पूर्णिमा तक चलेगा। पांच दिनों तक जो राशि व अनाज मिलेगा, इससे बच्चे गांव के बाहर रसोई का आयोजन करेंगे। उर्मिला कु ड़ेकर, वंदना कु ड़ेकर, शलोनी कु ड़ेकर, संध्या मंसोर, नौशीन शाह आदि गरबा मांग रहे हैं।

12 पीयूएन 01ः पुंजापुरा में छल्ला मांगते हुए बच्चे। -नईदुनिया

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ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों पुरानी परंपरा आज भी है कायम

कांटाफोड़। ग्रामीण क्षेत्र में सैकड़ों वर्ष पुरानी परम्परा आज भी कायम है। इसमें पीढ़ी दर पीढ़ी बच्चों की सहभागिता बनी हुई है। दशहरे की शाम से शरद पूर्णिमा तक गांव के घर-घर जाकर पांच से 10 साल तक के बच्चे आपनी तोतली व स्थानीय भाषा में छल्ला-बोला गाते हैं, वहीं कई बच्चे घास-पूस आदि बांधकर रीछ बनकर नृत्य कर ग्रामीणों को आकर्षित करते हैं, तो वहीं छोटे बच्चों का डराते हुए नजर आते हैं। इस दौरान ग्रामीण उन्हें पैसे और अनाज देते हैं। इसका संग्रहण कर शरद पूर्णिमा पर भोज का आयोजन कि या जाता है। इन दिनों छला छला बकड़ियो तिकलिया हनुमान लंका की गादी पर बैठिया वीर हनुमान छला बोल....., आंकी बाकी खुरपी मेंढका नींनद जाए मेंढक का छोरा-छोरी भूखा मर जाए, रोटी देने जाए छला बोल..... इस तरह के परंपरिक गीत सुनने को मिल रहे हैं। ये गीत बच्चे गा रहे हैं उन्हें अनाज व रुपए मिल रहे हैं।

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बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है दशहरा- बघेल

सोनकच्छ। विजयादशमी पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। रावण जैसा विद्वान पूरी दुनिया में कोई नहीं था, लेकि न उसका अहंकार उसे ले डूबा। श्रीराम सर्वशक्तिमान थे, लेकि न उनको इस बात का बिल्कु ल भी घमंड नहीं था। इसी कारण श्रीराम को पूजा जाता है। रोटरी क्लब द्वारा शुक्रवार को स्थानीय रेस्टोरेंट पर आयोजित दशहरा मिलन समारोह में नगर पंचायत अध्यक्ष राजवीरसिंह बघेल ने मुख्य अतिथि के रुप में यह विचार व्यक्त कि ए। कार्यक्रम के विशेष अतिथि पूर्व मंडल अध्यक्ष सत्यानारायण लाठी, पूर्व मंडल अध्यक्ष जामिन हुसैन, क्लब सचिव रवींद्र नायक थे। अध्यक्षता क्लब अध्यक्ष कमल नागर ने की। चतुर्विध परीक्षण मंत्र का वाचन पूर्व अध्यक्ष संजय सेठी द्वारा कि या गया। अतिथियों का स्वागत पूर्व अध्यक्ष हुकमचन्द अग्रवाल, शंकरलाल शर्मा, मोहनसिंह बघेल आदि सदस्यों द्वारा कि या गया। संचालन कोषाध्यक्ष महेशचंद सिसौदिया ने कि या। आभार प्रमोद भावसार ने माना।

12 एसओएन 01ः नप अध्यक्ष राजवीरसिंह बघेल को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए क्लब के सदस्य।-नईदुनिया

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शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में होंगे विभिन्न आयोजन

श्वास-दमा के मरीजों को दवा वितरण के साथ सजेगी गीत-संगीत की महफिल

बागली। शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में दुग्धपान के आयोजन होंगे। जटाशंकर तीर्थ पर महंत बद्रीदास महाराज के सानिध्य में समिति द्वारा महाआरती के साथ ही दूध का वितरण कि या जाएगा। वाग्योग चेतना पीठम आश्रम में मुकु ंदमुनि पं. रामाधार द्विवेदी के सानिध्य में भजन संध्या के साथ श्वास व दमा के मरीजों को निशुल्क दवा पिलाई जाएगी। पं. राके श नागौरी ने बताया कि वैद्य डॉ सुनील उपाध्याय की देखरेख में तैयार होने वाली इस दवाई का सेवन करने दूर-दूर से प्रतिवर्ष सैकड़ों लोग आते हैं। इस अवसर पर पं. द्विवेदी द्वारा शरद पूर्णिमा के महत्व पर व्याख्यान दिया जाएगा एवं क्षेत्रीय कलाकारों द्वारा वाद्य यन्त्रों पर शास्त्रीय संगीत की सुमधुर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। बांसुरी वादक अनिरुद्ध शर्मा ने बताया चांदनी रात में लयकारी संस्था द्वारा विवो अकादमी में कि शोर कु मार को समर्पित कमाल के कि शोर दा कार्यक्रम के माध्यम से गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी।

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अंगना पधारों महारानी...

करनावद। अंगना पधारों महारानी मेरी शारदा भवानी.. जैसे धार्मिक गीतों पर बहुत तालियां बटोरी और देर रात तक आयोजन चलता रहा। शरद उत्सव समारोह में उज्जैन के महाकालेश्वर रामायण मंडल द्वारा एक से बढ़कर एक धार्मिक व राष्ट्रीय गीतों की प्रस्तुतियां दी गई। रंगमंच नाटक में राजा भरतरी के नाटक का मंचन कलाकारों द्वारा कि या गया। कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा, जिसमें हजारों की तादात में आसपास के क्षेत्र से आए महिलाओं व पुरुषों ने नाटक का लुफ्त उठाया। कार्यक्रम के पूर्व माताजी की बेदी के आसपास बुजुर्गों द्वारा गरबी एवं भजन गाए गए। रविवार को यहां पर शरद उत्सव में चांदनी की रोशनी में देवी-देवताओं की सवारी निकाली जाएगी।

12 के एआर 01ः करनावद में शरद उत्सव के दौरान अंगना पधारों महारानी की प्रस्तुति देते कलाकार।-नईदुनिया

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जयंती को लेकर बैठक आज

हाटपीपल्या। अखंड भारत के शिल्पी लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को लेकर 13 अक्टूबर को सुबह 11 बजे पाटीदार समाज छात्रावास में आवश्यक बैठक आयोजित की जाएगी। जानकारी पाटीदार समाज संगठन मीडिया प्रभारी रवि पाटीदार ने दी।

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दुर्गा उत्सव के समापन पर हुआ कन्या भोजपीपलरावां। सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति मालीपुरा द्वारा नवरात्र उत्सव समापन के अवसर पर शनिवार को कन्या भोज का आयोजन कि या। इसमें सैकड़ों बालिकाओं ने महाप्रसाद ग्रहण कि या। इस अवसर पर अध्यक्ष संतोष राठौर, मधुसूदन नवगोत्री, ओमप्रकाश यादव, जितेंद्र गोयल, विकास नेहरु, संतोष पटवा, अंकि त पटवा उपस्थित थे।

12 पीआरडब्ल्यू 01ः भंडारे में महाप्रसाद ग्रहण करती बालिकाएं। -नईदुनिया

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कन्या भोज व भंडारा कि या

नेवरी/हाटपीपल्या। मां चामुंडा सेवा समिति नेवरी द्वारा कन्या भोज व भंडारा कि या गया। इसमें पूरे गांव की हजारों कन्याओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण कि या। आयोजन समस्त ग्रामवासी के सहयोग से प्रतिवर्ष अनुसार नवरात्रि के पश्चात रखा जाता है। इस आयोजन में समिति सहित शीतला माता समिति का सराहनीय सहयोग रहा। इस अवसर पर समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

12 एचटीपी 01ः ग्राम नेवरी में महाप्रसाद ग्रहण करते हुए श्रद्धालु।-नईदुनिया

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कन्या भोज आज

नेवरी/हाटपीपल्या। ग्राम नेवरी में शरद पूर्णिमा पर बरोठा मार्ग पर स्थित मां लालबाई फू लबाई माता मंदिर परिसर पर सुबह 10 बजे से कन्या भोज का आयोजन कि या जाएगा। इसमें विधायक मनोज चौधरी भी उपस्थित रहेंगे। जानकारी ओमप्रकाश रेनीवाल व अनिल गुप्ता ने दी।