देवास(नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर और उज्जैन में संक्रमण निकलने के बाद देवास जिले में सतर्कता ब़ढ़ गई है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड़ पर आया गया है। कलेक्टर ने कोरोना की तीसरी लहर के खतरे और कोविड की तैयारियों को लेकर बैठक ने कोविड जांच कम होने को लेकर नाराजगी जताई। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को कहा कि आरटीपीसीआर जांच को बढ़ाएं। करीब 40 प्रतिशत जांच आरटीपीसीआर होना चाहिए। कलेक्टर ने चेतावनी भी दी है कि अगर लक्ष्य मुताबकि सैंपलिंग नहीं होगी तो संबंधित को हटाने की कार्रवाई होगी। वहीं जिन्होंने कम सैंपलिंग की है उन्हें नोटस भेजकर जवाब मांगा जाएगा।

शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागृह में कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला की अध्यक्षता में कोविड संभावित तीसरी लहर को लेकर की तैयारियों व बचाव के संबंध में बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर ने कहा कि आरआरटी टीम के चिकित्सक स्टाफ सैंपलिंग की जानकारी ली तो यह सामने आया कि जांच कम हो रही हैं। अधिकांश टीमों के द्वारा आरटीपीसीआर के सैंपल टारगेट अनुसार नहीं लिए जा रहे हैं। जिस पर कलेक्टर ने नारागजी जताई और चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के अंदर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार सैंपलिंग की जाए। नहीं तो सेवा समाप्त की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि प्रतिदिन लिए जाने वाले सैंपल में आरएटी के साथ 40 प्रतिशत आरटीपीसीआर सैंपलिंग की जाना चाहिए। जिले में रोजाना करीब 2500 से 3000 सैंपलिंग होना चाहिए। जिसमें 11 सौ से 12 सौ करीबब आरटीपीसीआर के सैंपल हो। बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रकाशसिंह चौहान, सीएमएचओ डॉ एमपी शर्मा सहित अन्य मौजूद थे।

-जिन्होंने शून्य सैंपलिं की, उन्हें भेजेंगे नोटिस

बैठक की कई चिकित्सक और स्टाफ अनुपस्थित रहे। 30 जुलाई को जिस टीम ने शून्य सैंपल की रिपोर्ट भेजी है उन्हें शोकाज नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। कलेक्टर ने सीएमएचओ से कहा कि जो टीम निर्धारित लक्ष्य को पूर्ण नहीं करेगी उनकी सेवा समाप्त कर अन्य व्यक्तियों की नियुक्ति करें।

-अब बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर होगी सैंपलिंग

संभावित तीसरी लहर को देखते हुए आसपास के जिलों से आने वाले व्यक्तियों की जांच होगी। पुलिस प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से टीम बनाकर एंट्री पाइंट पर सैंपलिंग करेंगे। बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर काउंटर लगाए जाएंगे। कलेक्टर ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति पाजिटिव आता है तो उसकी कांटेक्ट ट्रेसिंग की जाए।

लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं, कार्रवाई करें

कलेक्टर ने कहा कि कांटेक्ट ट्रेसिंग और लोगों को जागरूक करें। अभी अधिकतर लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं। पुलिस प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा धार्मिक स्थानों, सार्वजनिक स्थानों, जहां भीड़ एकत्रित हो रही है वहां पर नियमों का पालन करवाएं। जुर्माने की कार्रवाई के लिए एडीएम, एएसपी और सीएमएचओ को कहा। कलेक्टर ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति पाजिटिव होता है तो उसे होम आइसोलेशन ना करते हुए तत्काल कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाए।

इधर, 160 आक्सीजन बेड तैयार, 40 बेड का आइसीयू बन रहा हैं

देवास। कोरोना की दूसरी लहर ने जिले में कहर बरपाया है। पहली लहर में करीब तीन हजार संक्रमित सामने आए थे। जबकि दूसरी लहर में भी चार हजार से ज्यादा पाजिटिव मरीज मिले थे। अप्रैल और मई माह में ज्यादा संक्रमित मिले थे। अप्रैल में जिले में दो हजार 333 पाजिटिव मरीज सामने आए थे। वहीं मई में दो हजार 66 लोगों को कोरोना हुआ था। हालात ये थे कि अस्पताल में आक्सीजन व आइसीयू बेड नहीं मिल रहे थे। अप्रैल में माह में जिला अस्पताल में सिर्फ 60 बेड आक्सीजन युक्त थे। दूसरी लहर के घातक परिणाम के बाद अस्पताल प्रबंधन तैयारियों में जुटा है। वर्तमान में जिला अस्पताल में 160 आक्सीजन बेड की उपलब्धता है। वहीं पहले सिर्फ 10 बेड का कोविड आइसीयू था। अब 40 बेड आइयीसू के हैं। वहीं बच्चों के इलाज के लिए भी तैयारियां तेज हो गई हैं। 40 बेड का बच्चों का आइसीयू तैयार किया जा रहा है। इसमें 20 बेड शासन की तरफ से स्वीकृत हुए थे। जबकि 20 बेड की व्यवस्था जनसहयोग से करवाई जा रही हैं। सबसे ज्यादा आक्सीजन का संकट सामने आया था। वर्तमान में प्रबंधन के पास 75 आक्सीजन कंसंट्रेटर हैं। वहीं ब्लाक तैयार भी मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई है। ब्लाक स्तर पर 20-20 बेड की इंतजाम किए गए हैं।

आंकड़ों में

आइसीयू के 40 बेड

40 बेड का बच्चा का आइसीयू

160 आक्सीजन बेड की व्यवस्था

75 अक्सीजन कंसंट्रेटर का इंतजाम

Posted By: Nai Dunia News Network

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