पीपलरावां (नईदुनिया न्यूज)।

शासकीय कॉलेज के भवन के लिए तीन वर्ष बाद भी जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है। कॉलेज की कक्षाएं प्राथमिक स्कूल के पुराने भवन में संचालित हो रही हैं। इस भवन में सुविधा नहीं है। बारिश के दिनों में छत से पानी भी टपकता है। इस बारिश में कक्षाओं में पानी जमा हो गया था, जिससे काफी परेशानी हुई थी। फिलहाल तो कॉलेज प्रबंधन चार हेक्टेयर जमीन की तलाश कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि नगर एवं आसपास के 25 गांवों के लोग नगर में कॉलेज खोलने की मांग वर्षों से कर रहे थे। यहां के विद्यार्थियों को 12वीं के बाद 60 किमी दूर देवास या 100 किमी दूर इंदौर पढ़ने जाना पड़ता था। ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को किराए से घर लेकर या होस्टल में रहकर पढ़ाई करनी पड़ती थी। इससे पालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। अनेक छात्राएं 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ देती थी या प्राइवेट रूप से पढ़ने को मजबूर होती थीं। तत्कालीन विधायक राजेंद्र वर्मा के प्रयास से वर्ष 2018 में पीपलरावां में कॉलेज स्वीकृत हुआ। कॉलेज पहले घिचलाय रोड स्थित हायर सेकंडरी स्कूल के अतिरिक्त कक्षों में संचालित होता था, किंतु दो वर्षों से गट्टा ग्राउंड स्थित प्राथमिक स्कूल के पुराने भवन में संचालित हो रहा है। कॉलेज में इस वर्ष 450 विद्यार्थी दर्ज हैं। इस वर्ष बाढ़ का पानी घुसने के कारण कक्षाओं में तीन-चार फीट तक पानी आ गया था।

भवन के लिए चाहिए चार हेक्टेयर जमीन

कॉलेज के नवीन भवन निर्माण के लिए मप्र शासन सतपुड़ा भवन भोपाल द्वारा जो पत्र कॉलेज को भेजा गया है, उसमें निर्धारित मापदंड अनुसार चार हेक्टेयर जमीन आवंटित करने की मांग के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद प्राचार्य संजय खेड़े द्वारा आवश्यक जमीन उपलब्ध कराने को लेकर एक जनवरी को कलेक्टर तथा एसडीएम को पत्र दिया गया। इसके पूर्व भी प्राचार्यों द्वारा जमीन आवंटन की मांग को लेकर पत्र लिखे गए हैं, किंतु अभी तक जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है।

नगर की सीमा में जमीन मिलना मुश्किल

कॉलेज के नवीन भवन निर्माण के लिए चार हेक्टेयर शासकीय जमीन की आवश्यकता है, किंतु नगर की सीमा में इतनी अधिक शासकीय जमीन नहीं मिल पा रही है। बताया जाता है कि सोनकच्छ रोड पर भी पटवारी द्वारा आश्रम शाला के पास जमीन देखी गई है, जो दो हेक्टेयर ही है। पोलाय रोड पर चार हेक्टेयर तक जमीन मिल सकती है, किंतु यह नगर से दो किमी दूर है। यहां की शासकीय जमीन औद्योगिक क्षेत्र को आवंटित कर दी गई है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्र से वापस कॉलेज भवन निर्माण के लिए जमीन मिलना काफी मुश्किल है।

भवन निर्माण के लिए चार हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। पोलाय रोड पर जो जमीन देखी गई है, वो नगर से दूर होकर औद्योगिक विभाग को ट्रांसफर कर दी गई है। सोनकच्छ रोड पर आश्रम शाला के पास जमीन उपलब्ध है, लेकिन यह दो हेक्टेयर ही है। विकल्प के रूप में दो स्थानों पर भी अलग-अलग निर्माण किया जा सकता है।

-संजय खेड़े, प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय पीपलरावां।

पूर्व में जमीन आवंटन के लिए जो प्रस्ताव फाइल गई थी, वो जमीन पूर्व में ही किसी अन्य विभाग को आवंटित होने से जमीन नहीं दी जा सकी। अब नया प्रस्ताव भेजने के लिए कलेक्टर द्वारा कहा गया है, उसे हम भिजवा रहे हैं।

-शिवानी तरेटिया, एसडीएम सोनकच्छ।

Posted By: Nai Dunia News Network

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