देवास (नईदुनिया प्रतिनिधि)। चाणक्यपुरी एक्सटेंशन में भागवत कथा का आयोजन खाटू श्याम महिला मंडल द्वारा किया जा रहा है। भागवत कथा में भागवताचार्य पंडित मुकेश पाठक ने महारास लीला श्री उद्धव चरित्र श्री कृष्ण मथुरा गमन और श्री रुक्मणी विवाह महोत्सव प्रसंग पर विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया। इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण रुकमणी के विवाह की झांकी ने सभी को खूब आनंदित किया। भागवत कथा के दौरान कृष्ण बनी निशा गोला और रुकमणी बनी वाणी मिश्रा के कृष्ण रुक्मणी प्रसंग पर मंचन को देखकर सहसा लोग कह उठे अद्भुत...। पांडाल में मौजूद महिलाएं बच्चे यहां तक बुजुर्ग झूम उठे। इस दौरान पुष्प वर्षा भी होती रही।

भागवत कथा के छठे दिन कथा स्थल पर रूकमणी विवाह के आयोजन ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। विवाह पर जमकर फूलों की बरसात हुई। कथावाचक पंडित मुकेश पाठक ने भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जो भक्त प्रेमी कृष्ण रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। कथा वाचक पंडित मुकेश पाठक ने कहा कि जीव परमात्मा का अंश है इसलिए जीव के अंदर अपारशक्ति रहती है यदि कोई कमी रहती है वह मात्र संकल्प की होती है संकल्प व कपट रहित होने से प्रभु उसे निश्चित रूप से पूरा करेंगे।

विवाह महोत्सव प्रसंग पर व्याख्यान करते हुए उन्होंने कहा कि रुकमणी के भाई रुकमि ने उनका विवाह शिशुपाल के साथ सुनिश्चित किया था लेकिन रुक्मणी ने संकल्प लिया था कि वह शिशुपाल को नहीं बल्कि सत्यमार्गी भगवान द्वारकाधीश को पति के रूप में वरण करेगी। भगवान श्री द्वारकाधीश ने रुक्मणी के सत्य संकल्प को पूर्ण किया और उन्हें पत्नी के रूप में वरण करके प्रधान पटरानी बनाया।

चाणक्य पुरी एक्सटेंशन कॉलोनी में चल रही भागवत कथा में भाजपा के नगर महामंत्री धर्मेंद्र सिंह बैस ने अतिथि के रूप में शिरकत की और द्वारकाधीश की महाआरती की। खाटू श्याम महिला मंडल की ज्योति मिश्रा, पुष्पा वर्मा, मंजू धाकरे, हेमलता वर्मा, देवबाई सोलंकी ने बताया कि श्रीमद भागवत कथा का शनिवार को हवन पूजन के साथ समापन होगा और रविवार को भंडारा होगा।

संत मिलन और हरि कथा दोनों दुर्लभ

वहीं शहर में चल रही एक अन्य स्थान पर संगीतमय श्रीमद् भागवत के चतुर्थ दिवस में पं.कमलनयन शास्त्रीजी ने भावों को व्यक्त करते हुए कहा की संत मिलन और हरि कथा दोनों ही दुर्लभ है, इसलिए सदैव भक्तों को इनका लाभ लेना चाहिए। पं.श्री ने कहा प्रभु को प्रेम-पुरुषार्थ-प्रार्थना इन तीन बिंदुओं के माध्यम से पाया जा सकता है। गज ने भी भगवान की प्रार्थना की और भगवान मिले। कथा के मध्य प्रहलाद चरित्र-अजामिल उपाख्यान-वामन चरित्र-श्री राम जन्म-व कृष्ण जन्म कथा का वर्णन हुआ। भक्तों ने झूमकर नंद महोत्सव मनाया। नंद के आनंद भयो जै कन्हैया लाल की।

Posted By: Nai Dunia News Network

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