देवास। अंधेरा होने की वजह से अपर कलेक्टर की नेम प्लेट पर सिर्फ कलेक्टर लिखा दिखाई दिया। समझे कलेक्टर का बंगला है। अच्छा पैसा मिलेगा। यह सोचकर बंगले में चोरी करने घुस गए, लेकिन सिर्फ चार हजार ही नगद मिले तो गुस्से में कलेक्टर के लिए चिट्ठी लिख दी। यह कबूलानामा अपर कलेक्टर त्रिलोकन गौड़ की शासकीय आवास की चोरी के मामले में चोरों ने पुलिस के सामने किया है। कोतवाली पुलिस ने घटना के तीन में से दो आरोपितों को पकड़ लिया है।

मुख्य आरोपित फरार है। आरोपित नशा करते हैं और नशे के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। मुख्य आरोपित हिस्ट्रीशीटर बदमाश भी है। तीनों आरोपित देवास के रहने वाले हैं जिन पर पहले से ही अपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार तीन चोरों ने अपर कलेक्टर त्रिलोचन गौड़ के सिविल लाइन स्थित घर में चोरी की घटना को अंजाम दिया था। मामले में पुलिस ने 32 वर्षीय कुंदन पुत्र नरेंद्र ठाकुर निवासी बिहारीगंज देवास और शुभम उर्फ छोटू पुत्र राधेश्याम जायसवाल निवासी बिहारीगंज को गिरफ्तार किया है। कोतवाली टीआई उमरावसिंह ने बताया कि मामले में 9 अक्टूबर को कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था।

एस डाक्टर शिवदयालसिंह के मार्गदर्शन में टीम गठित की गई। दोनों आरोपितों को देवास से ही पकड़ा है। उनका मुख्य साथी प्रकाश फरार है। जिस पर 8 प्रकरण दर्ज हैं तीनों आरोपितों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण हैं। शुभम 2019 में जिलाबदर हो चुका है। तीनों आरोपित को नशे की लत है। ये पावडर का सेवन करते हैं। नशे की लत के कारण चोरी करते हैं। तीसरे आरोपित की तलाश जारी है।

चिट्ठी को लेकर नमूने लिए हैं

पुलिस ने बताया कि कुंदन का कहना है कि उसने कलेक्टर के नाम चिट्ठी लिखी, लेकिन दूसरे आरोपित शुभम का कहना है कि प्रकाश मुख्य आरोपित ने चिट्ठी लिखी है। लिखावट को लेकर आरोपितों के नमूने लिए गए हैं। वहीं दोनों आरोपितों ने मीडिया के सामने कहा कि वे दोनों तो बाहर ही थे। मुख्य आरोपित प्रकाश अंदर चोरी करने गया था।

चिट्ठी में लिखा था ज्यादा रुपये नहीं मिले तो लिखा था जब पैसे नहीं थे लाक नहीं करना था कलेक्टर

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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