जन्माष्टमीः मंदिरों में लगा भक्तों का तांता, रात में मना जन्मोत्सव, माखन-मिश्री का प्रसाद बांटा

-शहर में हुए विविध आयोजन, कहीं फूल बंगला सजा तो कहीं हुई भजन संध्या

देवास। नईदुनिया प्रतिनिधि

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व शुक्रवार को शहर में धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों में भगवान का आकर्षक श्रृंगार किया। रात में जन्मोत्सव के बाद आरती कर माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया। उधर शहरभर में विविध आयोजन किए गए। कहीं फूल बंगला सजाया गया तो कहीं भजन संध्या का आयोजन किया गया। अमृत नगर स्थित खाटू श्याम मंदिर में फूल बंगला सजाया गया। साथ ही छप्पन भोग अर्पित कर पवित्र ज्योत अर्पित की गई। इसी तरह पुरानी जेल रोड स्थित भगवान सांवरिया सेठ मंदिर में माहेश्वरी समाज द्वारा फूल बंगला सजाया गया। माहेश्वरी महिला संगठन व सखी संगठन द्वारा छप्पन भोग लगाया गया। रात में द्वारका मंत्री ने भजनों की प्रस्तुति दी। रात 12 बजे नंद बाबा नन्हें श्रीकृष्ण को टोकनी में सिर पर धारण कर कार्यक्रम स्थल पर आए। उधर मल्हार स्मृति मंदिर में भगवान खाटू श्याम सेवा समिति द्वारा दरबार सजाकर भगवान की पूजा-अर्चना की गई। यहां भी भजन संध्या का आयोजन किया गया।

भोलेनाथ की बर्फ की झांकी सजाई

अयोध्या विचार मंच व नागेश्वर सेवा समिति के तत्वावधान में कलेक्टोरेट के समीप जन्माष्टमी पर बाबा भोलेनाथ की बर्फ की झांकी सजाई गई। साथ ही भजन संध्या का आयोजन किया गया।

फोटो-01ः मल्हार स्मृति मंदिर में सजाया गया भगवान खाटू श्याम का दरबार।

फोटो-02ः अयोध्या विचार मंच व नागेश्वर सेवा समिति ने सजाई भगवान की बर्फ की झांकी।

फोटो-03ः पुरानी जेल रोड स्थित सांवरिया सेठ मंदिर में भजन की प्रस्तुति देते द्वारका मंत्री।

फोटो-04ः सांवरिया सेठ मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा।

फोटो-05ः सांवरिया सेठ मंदिर में भगवान का आकर्षक श्रृंगार कर छप्पन भोग लगाया गया।

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राधाकृष्ण जी का श्रृंगार कर महिलाओं ने किए भजन कीर्तन

देवास। भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को सुबह से ही बाल गोपाल कृष्णजी के मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। कृष्ण मंदिरों को आकर्षक फूलों से सजाया गया। रामेश्वर महिला मंडल की राजरानी धूत ने बताया कि रामनगर स्थित रामेश्वर मंदिर में पं. हेमराज दुबे द्वारा राधाकृष्ण जी का फूलों व गुब्बारों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर नृत्य किया। इस अवसर पर शीला राजपूत, उषा मिश्रा, मधु जायसवाल, पुष्पा नामदेव, स्नेहलता, शकुंतला परिहार, संगीता सोनी, संध्या, मोना शर्मा, अलका गोयल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

23 देवास-90ः मंदिर परिसर में महिलाएं भजन कीर्तन करते हुए। -नईदुनिया।

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कैलादेवी में आज श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 56 भोग व भजन संध्या

देवास। मां कैलादेवी मंदिर सेठ मिश्रीलाल नगर में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव 24 अगस्त को मनाया जाएगा। कार्यक्रम में 56 भोग के साथ भजन संध्या का आयोजन होगा।

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रिमझिम बारिश के बीच निकली गवली समाज की वाहन रैली

देवास। गवली समाज द्वारा रिमझिम बारिश के बीच शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सुबह राधाकृष्ण मंदिर गवली मोहल्ला से वाहन रैली निकाली गई। वाहन रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई पुनः मंदिर परिसर पहुंची। रैली में समाज के वरिष्ठजनों व युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे के साथ भगवा ध्वज लहराए। ढोल, ताशों, डीजे, बैंड बाजों के साथ निकली यह रैली आकर्षण का केंद्र रही। शाम को मटकी फोड़ का आयोजन किया गया। रैली का जगह-जगह स्वागत किया गया। रैली के प्रारंभ में प्रसाद के रुप में फलाहार वितरित किया गया। कार्यक्रम में समाज के सभी वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया। रैली में विक्रमसिंह पवार, समाज के रामदयाल यादव, अर्जुन यादव, शिव यादव, ओमप्रकाश यादव, जगदीश यादव, सुरेश यादव, अनिल यादव, संतोष यादव, मुकेश यादव, दिलीप यादव, विजय यादव, पवन यादव आदि उपस्थित थे।

23 देवास-82ः वाहन रैली में शामिल गवली समाजजन। -नईदुनिया।

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आयोजित रंग भरो प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

देवास। अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती द्वारा शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से संबंधित रंगभरों प्रतियोगिता का आयोजन उत्कृष्ट विद्यालय में किया गया। अतिथि के रुप में आरएसएस विभाग संघचालक कैलाश चंद्रावत, मार्गदर्शक डॉ. रमेश सोनी, संस्कार भारती मालवा प्रांत के संगठन मंत्री प्रकाश पंवार, देवास इकाई अध्यक्ष द्वारका मंत्री, कार्यवाहक अध्यक्ष चंद्रकला रघुवंशी, मातृशक्ति प्रमुख कल्पना नाग उपस्थित थे। कार्यक्रम का आरंभ अतिथियों ने मां सरस्वती व भगवान श्रीकृष्ण का पूजन कर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत संस्कार भारती की ओर से हरीश जुनेजा, शशिकांत वझे, अरुण मणपे, जितेंद्र त्रिवेदी, माधवानंद दुबे, कविता सिसौदिया, डॉ. रंगभरी काशिव, वैशाली अग्रवाल, अशोक शर्मा ने किया। अतिथि चंद्रावत ने बताया कि प्रतियोगिता से बच्चों के मन में अपनी प्रतिभा को समाज में व्यापक आधार प्रदान करने का प्रयास है। पंवार ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हजारों बच्चों के कला कौशल को एक नई दिशा प्रदान करते हैं। बच्चों द्वारा दो वर्गो अ-वर्ग में कक्षा पहली से चौथी। व ब-वर्ग में कक्षा पांचवी से आठवीं तक के बच्चों ने श्रीकृष्ण के बाल रुप के रेखा चित्र में सुंदर रंग संयोजन किया। आयोजन में हरीश जुनेजा, अजय गुप्ता, माधवानंद दुबे, अशोक शर्मा, जितेंद्र राठौर, उमेश जोशी, आशीष आशापुरे, रोहित सोनी, पियूष आशापुरे, रुपाली बेलापुरकर, सीमा शर्मा, सरिता मोदी, विनीता पांडे, रोहित गुर्जर का सहयोग रहा।

23 देवास-93ः अपनी कल्पनाओं से भगवान श्रीकृष्ण को रंगों से सजाती बालिका। -नईदुनिया।

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संस्था महाशक्ति करेगी चल समारोह का स्वागत व पुरस्कार वितरित

देवास। संस्था महाशक्ति द्वारा 24 अगस्त को सुभाष चौक में वीर गोगादेव के चल समारोह का स्वागत कर पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। आयोजक राहुल बाली, विपिन बाली व विकास पचरोले ने बताया कि अतिथि के रुप में विधायक गायत्रीराजे पवार, सांसद महेंद्र सोलंकी, विक्रमसिंह पवार, पार्षद राजेश यादव, विनय सांगते, सत्यनारायण वर्मा, अजय पहाड़िया उपस्थित रहेंगे।

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सामूहिक स्नात्र महोत्सव का हुआ आयोजन

मेरु पर्वत संरचना के साथ 56 दिक्कुमारी व 14 स्वप्नों की कलात्मक प्रस्तुति दी

देवास। शंखेश्वर पार्श्‌वनाथ मंदिर तुकोगंज रोड पर साध्वी सुधर्मगुणा श्रीजी आदि के सानिध्य में सामूहिक स्नात्र महोत्सव का आयोजन शुक्रवार को हुआ। इसके अंतर्गत जिनेश्वर प्रभु का जन्म कल्याणक उत्सव मनाया गया। मेरु पर्वत की सुंदर संरचना की गई। जिस पर प्रभु के जन्म के बाद इंद्र-इंद्राणी द्वारा जन्माभिषेक किया गया। भगवान के माता-पिता दीपक संगीता जैन व इंद्र-इंद्राणी संजय वंदना कटारिया बने। प्रियंवदा दासी का किरदार आयुषी विजयवर्गीय ने निभाया। 56 दिक्ककुमारी द्वारा नृत्य की प्रस्तुती के साथ प्रभु का जन्मोत्सव मनाया। प्रभु की माता के 14 स्वप्नों को लेकर नृत्यमय प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के बाद साधर्मिक भक्ति का विशेष आयोजन हुआ। भक्ति संगीत की प्रस्तुति विजय जैन, गौरव जैन व वैभव जैन ने दी। प्रवक्ता विजय जैन ने बताया कि सुबह नौ बजे प्रारंभ हुआ यह स्नात्र महोत्सव दोपहर 12 बजे तक अनवरत चलता रहा। महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुजनों ने झूमते, नाचते प्रभु जन्म की खुशियां मनाई। साध्वीजी ने प्रभु जन्म कल्याणक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तीर्थंकर परमात्मा का जन्म होता है तो नरक के जीवों को भी कुछ समय के लिए सुख व शांति प्राप्त होती है, तो फिर हम तो प्रभु के अनुयायी हैं। हमारे प्रभु के जन्म पर हमें अंतरमन से खुशियां मनानी है एवं उनके प्रदत्त मार्ग पर चलते हुए मानव जीवन को सफल बनाना है।

23 देवास-83ः इंद्र-इंद्राणी प्रभु का जन्माभिषेक करते हुए। -नईदुनिया।