उत्साह में नहीं भूले पर्यावरण सुरक्षा की जिम्मेदारी

- नईदुनिया अभियान का लोगो लगा लें--

देवास (नईदुनिया प्रतिनिधि)। होली का पर्व नजदीक आते ही आमजन का उत्साह बढ़ता जा रहा है। होलिका दहन के साथ ही रंग-गुलाल की फुहार की मस्ती का आनंद लेने के लिए हर कोई उत्साहित है। ऐसे में जिम्मेदार युवा और गृहिणियां भी लोगों को समझा रही है कि उत्साह में पर्यावरण सुरक्षा की हमारी जिम्मेदारी को कतई नहीं भूलना है। इसके लिए मिलने जुलने वालों के साथ ही घर-परिवार के लोगों को कंडों की होली जलाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

युवा नयन कानूनगो ने कहा कि नईदुनिया की इस मुहिम से प्रेरित होकर हमारी संस्था मित्राय सोशल वेलफेयर सोसायटी जो कि पर्यावरण को लेकर काम करती है वो भी होली उत्सव समितियों से आग्रह करेगी कि देश मे दिन पर दिन बढ़ रहे प्रदूषण को ध्यान में रखकर हम अभी से अनावश्यक पेड़ों की कटाई को रोके और कंडे की होली जलाए। इससे पर्यावरण को बचाने में कुछ हद तक मदद मिलेगी। हमें अभी से ही सजग होना पड़ेगा नहीं तो भविष्य में हमें बहुत ही भयंकर परिणाम भुगतना होगा। हमारे पूर्वजों ने हमें जो हरी-भरी धरती सौंपी थी, उसका दोहन करके हम हमारे बच्चों को विरासत में सुखी और बंजर जमीन देकर नहीं जा सकते। ऐसे में हमें कंडों की होली ही जलाना चाहिए।

फोटो 06देवास- 73 नयन कानूनगो

मिश्रीलाल नगर में रहने वाले देवेंद्रसिंह सेंधव ने कहा मैं होली को लेकर उत्साहित हूं लेकिन पर्यावरण सुरक्षा की जिम्मेदारी भी हमारी है। इस वजह से मोहल्ले में दोस्तों के साथ ही आसपास के लोगों को भी कंडों की होली जलाने के लिए प्रेरित कर रहा हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि हर आमजन अपनी जिम्मेदारी समझेंगा। साथ ही इससे हजारों क्विंटल लकड़ी बचेगी और कई पेड़ भी जीवित रह सकेंगे। नईदुनिया का अभियान सराहनीय है।

फोटो 06देवास-68 देवेंद्रसिंह सेंधव

गंगानगर में रहने वाले नितेश जोशी ने कहा कंडों की होली जलाने के साथ ही हमें हुड़दंग से बचना होगा। होली हमारी परंपरा है। इसे पूरे उत्साह और उमंग से मनाया जाना चाहिए लेकिन इसमें हुड़दंग कतई नहीं होना चाहिए। धार्मिक रीति-रिवाज के साथ निर्धारित समय पर होलिका दहन किया जाना चाहिए। साथ ही कंडों का संग्रहण भी घर-घर जाकर करना चाहिए। इससे सभी लोगों को प्रेरणा मिलेगी।

फोटो 06देवास-69 नितेश जोशी

गृहिणी गहना पिपलौदिया ने कहा घर-परिवार के काम इतने ज्यादा होते है कि समय ही नहीं मिलता है। इसके बाद भी नईदुनिया के अभियान से प्रेरित होकर मैं सभी को समझाइश देने का प्रयास कर रही हूं कि कंडों की होली ही जलाई जाना चाहिए। मेरी साथी भी इस अभियान की सराहना कर रही है। लकड़ी जलाने के लिए पेड़ों को कतई नहीं काटा जाना चाहिए।

फोटो 06देवास-70 गहना पिपलौदिया

कैला देवी मंदिर क्षेत्र निवासी पूजा बरेठा ने कहा कि सरकार तो पर्यावरण बचाने के लिए कई प्रयास कर रही है लेकिन हमें भी सजग रहना होगा। पेड़ों को काटने से बचाना हमारा नैतिक धर्म होना चाहिए। होली हमारा पर्व है और इसे खूब मनाया जाना चाहिए लेकिन वर्तमान स्थितियों के अनुसार पेड़ों की बलि देकर लकड़ी नहीं जलाई जाना चाहिए। इसके बजाय कंडों की होली जलाकर हम पर्व मना सकते है। इससे पर्यावरण की सुरक्षा होगी।

फोटो 06देवास-71पूजा बरेठा

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Posted By: Nai Dunia News Network

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