देवास। Dewas News ग्रामीण क्षेत्र के शासकीय स्कूल के बच्चों के लिए हवाई यात्रा एक बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा कर दिखाया है आगरोद संकुल के ग्राम बिजेपुर स्कूल के प्रधान अध्यापक किशोर कनासे ने, जिन्होंने अपने निजी प्रयासों से स्कूल के 18 से अधिक बच्चों को हवाई यात्रा करवाकर उन्हें दिल्ली की सैर करवाई।

अपनी नौकरी से ईतर कुछ करने का जज्बा

आम तौर पर शासकीय स्कूलों में और खासकर ग्रामीण अंचलों में स्कूली बच्चे सुविधाओं से वंचित रहते है।कई बार विद्यालय का स्टॉफ भी शासकीय योजनाओं के भरोसे स्कूल और बच्चों के लिए कुछ भी करने में अपनी असमर्थता जाहिर करता है। ऐसे में इन शासकीय विद्यालयों में से कुछ लोग अपवाद स्वरुप सामने आते है जो इन स्कूलों और बच्चों के प्रति अपनी नौकरी से ईतर कुछ करने का जज्बा रखते है।

18 से अधिक बच्चों की हवाई यात्रा की इच्छा पूरी की

आगरोद संकुल के ग्राम बिजेपुर के माध्यमिक विद्यालय के प्रधान अध्यापक कनासे ने पिछले दिनों अपने प्रयासों से अपने स्कूल के 18 से अधिक बच्चों की हवाई यात्रा की इच्छा और देश की राजधानी दिल्ली को देखने के उनके सपने को पूरा करने के लिए निजी तौर पर प्रयास किए। इसमें करीब 40 से 50 हजार का खर्च आया।

पालकों की सहमति से बच्‍चों ने लिया दिल्‍ली दौरे का आनंद

पालकों की सहमति से बच्चों ने हवाई यात्रा करके दिल्ली में लाल किला, संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, कुतुब मीनार, अक्षरधाम, कनॉट प्लेस जैसे दर्शनीय स्थानों का आनंद लिया। स्कूली बच्चों के साथ यात्रा में शाला के शिक्षक नितिन गुप्ता और शिक्षिका आशा तिलोदिया भी थे।

बच्‍चों को अपने निजी प्रयासों से देते हैं मदद

उल्लेखनीय है कि कनासे समय-समय पर अपने स्कूल के बच्चों के लिए अपने निजी प्रयासों से कभी किताब कापियां, कभी स्कूल बैग तो कभी स्वेटर की व्यवस्था करते है, साथ ही संकुल के माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों के लिए वर्ष में एक बार खेल प्रतियोगिता का आयोजन कर बच्चों को प्रोत्साहित भी करते है।

Posted By: Hemant Upadhyay

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