देवास। नईदुनिया प्रतिनिधि।Dewas News : राजीव गांधी नगर की कविता पुत्री फूलचंद का विवाह सोमवार को इस अनूठे अंदाज में हुआ, जिसकी उसने कभी कल्पना ही नहीं की थी। विवाह की व्यवस्थाएं ही पुलिस ने नहीं संभाली बल्कि कन्यादान भी एसपी कृष्णावेणी देसावतु ने किया। पंडितजी ने मुंह पर अंगोछा लपेटकर मंत्र पढ़े और शारीरिक दूरी के नियम के साथ वर-वधू विधि-विधान के साथ परिणय सूत्र में बंध गए। खास बात यह भी रही कि विवाह स्थल पर शहनाई की जगह पुलिस गाड़ियों के सायरन गूंजते रहे।

यह आयोजन लॉकडाउन-4 में पुलिस की सर्वथा अलग छवि दर्शाने वाला रहा। कविता की बुआ और पिता शादी के लिए रुपये जुटा रहे थे कि पुलिस को इसकी जानकारी लग गई।

देखते ही देखते पुलिस ने शादी की सारी व्यवस्था कर दी आला अधिकारी मामेरा लेकर पहुंचे। कविता का विवाह त्रिलोकनगर के जितेंद्र पुत्र देवकरण के तय होने पर कविता के पिता ने पुलिस से विवाह में सहयोग मांगा था। इस पर पुलिस की पाठशाला की छांव में कविता का विवाह संपन्न हुआ।

इस तरह मंगाया सामान

परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में पता लगने पर पुलिस ने बर्तन की दुकानें खुलवाईं। बर्तनों के साथ पूजन की सामग्री मंगवाई गई। विवाह में मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी घरेलू सामग्री भेंट की। नवदंपती को गृहस्थी का जरूरी सामान भी भेंट किया गया। आला अधिकारी मामेरा लेकर पहुंचे थे। दूल्हा-दुल्हन को घर से विवाह स्थल पर लाने के लिए गाड़ी का इंतजाम भी विभाग की ओर से किया गया।

पढ़े और नौकरी करे

एसपी देसावतु ने बताया कि कोरोना संकट में यह अलग विवाह पुलिस पाठशाला की ओर से हुआ है। लड़की के पिता ने सहयोग मांगा था और सभी के आशीर्वाद से विवाह संपन्न् हो गया। मैंने दुल्हन से कहा है कि वह आगे पढ़ाई करे और नौकरी भी करे।

इस तरह बनी बात

दरअसल, 2008 में कविता की मां का निधन हो चुका है। वह अपनी तीन बुआ के पास रह रही थी। शादी तय होने पर मजदूर पिता इंतजामों के लिए रुपए नहीं जुटा पाए। इस पर तीनों बुआओं ने भाई को हिम्मत बंधाई कि भतीजी की शादी सभी मिलकर करवाएंगे।

बड़ी बुआ शांता मुखर्जीनगर में पुलिसकर्मी जितेंद्र दुबे के पास पहुंची उनसे शादी के लिए आर्थिक मदद करने को कहा। जब दुबे को परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में पता चला तो उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बताया और मदद की अपील भी की।

इसके बाद पुलिस विभाग ने स्वयं कविता की शादी का जिम्मा लिया और उसे पूरा भी किया। बता दें कि पुलिस की पाठशाला में गरीब बच्चों की पढ़ाई के अलावा इनके परिवारों की मदद की जाती है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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