उदयनगर(नईदुनिया न्यूज)। विधायक के लेटर पर डिप्टी रेंजर को देवास पदस्थ करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को आदिवासी संगठनों ने विरोध स्वरूप प्रदर्शन किया और डिप्टी रेंजर को फिर यहीं पर पदस्थ करने की मांग की। हालांकि वन अधिकारियों का कहना है कि डिप्टी रेंजर पर कोई कार्रवाई नहीं की है, बल्कि देवास में पौधारोपण के कार्य के लिए उन्हें वहां पहुंचाया है।

उल्लेखनीय है कि बागली विधायक पहाड़सिंह कन्नाौजे ने सात जून को उपवन मंडल कार्यालय देवास में एक पत्र लिखा था। इसमें पुंजापुरा में पदस्थ डिप्टी रेंजर श्रवणकुमार काजले के खिलाफ शिकायत की थी। इसमें बताया गया था कि काजले किशनगढ़-पोलाखाल सबरेंज में पदस्थ है और वे गरीब आदिवासियों के खिलाफ झूठे प्रकरण बनाते हैं। इन्हें यहां से हटाकर निलंबित किया जाए।

मामले में वन मंडल अधिकारी ने तीन दिन में जांच के लिए उपवन मंडल अधिकारी अमित सोलंकी को निर्देश दिए। इस बीच देवास में पौधारोपण कार्य के लिए श्रवणकुमार काजले को पदस्थ कर दिया गया। इसकी जानकारी आदिवासी संगठन को लगी तो उन्होंने विरोध स्वरूप शुक्रवार को उदयनगर के झंडी चौक पर प्रदर्शन किया। साथ ही विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस को आवेदन देकर सीतावन मंडल अध्यक्ष अजय शर्मा पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शर्मा द्वारा जंगल में अवैध रूप से रेत का परिवहन किया जाता है। 15 मई को जंगल में अवैध रूप से लकड़ी का परिवहन करने पर कार्रवाई की गई थी। शर्मा ने उक्त मामले की शिकायत विधायक से की थी।

इसी प्रकार एसडीएम के नाम तहसीलदार को भी संगठन ने ज्ञापन सौंपकर श्रवणकुमार काजले को किशनगढ़ पदस्थ नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस अवसर पर संगठन के रणजीत भिलाला, सूरज डाबर, नंदू रावत, कमल वास्केल, बलराम कर्मा, बैरसिंह डाबर, दयाराम दावा आदि उपस्थित थे।

थाना प्रभारी राजाराम वास्केल ने बताया कि आदिवासी संगठन ने ज्ञापन दिया है। मामले की जांच करेंगे। इस मामले में उपवन अधिकारी अमित सोलंकी ने बताया कि विधायक का लेटर हमें मिला था। काजले के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है। देवास में पौधारोपण चल रहा है, इसलिए वहां पर पदस्थ किया है। सीतावन मंडल अध्यक्ष शर्मा ने बताया कि मेरे खिलाफ कोई प्रकरण पंजीबद्ध नहीं है। मुझ पर जो आरोप लगाए है, वे गलत है। विधायक कन्नाौजे ने बताया कि क्षेत्र की जनता डिप्टी रेंजर काजले से परेशान है। आदिवासियों पर झूठे प्रकरण बनाते हैं। यदि कोई जनप्रतिनिधि उनसे चर्चा करता है तो अपशब्दों का प्रयोग किया जाता है। मेरे क्षेत्र में अधिकारी की तानाशाही नहीं चलने दूंगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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