देवास। देवास टीबी मुक्त जिला होने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। भारत सरकार ने साल 2025 तक पूरे देश से टीबी को खत्म करने का लक्ष्‌य रखा है। लक्ष्‌य की तरफ जिला बढ़ रहा है। इसे लेकर जिले में जांच सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। बीमारी के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होती है जांच की सुविधा। पहले सिर्फ जिला मुख्यालय पर टीबी जांच के लिए सीबी नाट मशीन की सुविधा थी, लेकिन अब सभी ब्लाकों में टीबी की जांच के लिए ट्रूनेट मशीनें लगा दी गई है, जिससे एमडीआर यानी मल्टी ड्रग रजिस्टेंस की भी जांच होना शुरू हो गई है। इस जांच को लेकर पहले देवास से सैंपल इंदौर भेजे जाते थे। इसकी जांच रिपोर्ट आने में डेढ़ माह का समय लगता था, लेकिन अब ब्लाक स्तर पर ट्रूनेट मशीनें लगने से सिर्फ 2 घंटे में जांच रिपोर्ट मिल रही है। इससे मरीजों देवास मुख्यालय पर जिला अस्पताल आने की जरूरत भी नहीं है। जल्द टीबी का इलाज शुरू हो रहा है।

जिला क्षय अधिकारी डाक्टर शिवेंद्र मिश्रा ने बताया कि ट्रूनेट मशीनें उपयोग के साथ ही रखरखाव में सुविधाजनक होती हैं। ब्लाक स्तर पर मशीनों से जांच शुरू हो गई है। जिला टीबी मुक्त की दिशा में बढ़ रहा है। जिले में लगातार टीम गांवों में स्क्रीनिंग कर रही है। पिछले साल जिले में 2 हजार 563 केस जिले में मिले थे। इस बार अभी जनवरी से लेकर अगस्त 1600 टीबी के मरीज मिल चुके हैं।

जिले में ये हो रही है कवायद

01-टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए मरीजों की मानीटरिंग की जा रही है। टीम जिले में लोगों के घर-घर जाती है। खखार की जांच, एक्सरे, एचआइवी, शुगर की जांच की जाती है।

02-मरीज मिलने के बाद तुरंत इलाज शुरू किया जाता है। दवा के प्रभावी होने की पुष्टि के बाद उस हिसाब से मरीज का इलाज किया जाता है।

03-जिले में मरीजों की पोर्टल पर एंट्री भी हो रही है। इसमें निक्षय पोर्टल पर सारी जानकारी होती है।

04-स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीज मिलने के बाद उसकी कांटेक्ट ट्रेसिंग करती है। बच्चों को टीबी से बचाव के लिए दवाइयां दी जाती है।

टीबी को लेकर इस साल की स्थिति...

ब्लाक प्रायवेट डाक्टर के पास पहुंचे मरीज शासकीय अस्पताल पहुंचे मरीज

बागली 20 201

बरोठा 0 69

देवास 191 522

कन्नाौद 18 232

खातेगांव 10 181

सोनकच्छ 15 122

टोंकखुर्द 0 37

कुुल 254 1365

पिछले साल जिले में टीबी की स्थिति...

ब्लाक प्रायवेट डाक्टर के पास पहुंचे मरीज शासकीय अस्पताल पहुंचे मरीज कुल

बागली 69 363 432

देवास (बरोठा) 303 847 1150

कन्नाौद 30 415 445

खातेगांव 37 239 276

सोनकच्छ 42 218 260

वर्जन...

जिले में सभी ब्लाकों में ट्रनेट मशीन से कार्य शुरू हो गया है। हम जितनी ज्यादा स्क्रीनिंग और जांच करेंगे। उससे फायदा होगा कि बीमारी जल्द पकड़ में आएगी और उसे पहली स्टेज में खत्म किया जाएगा। -डाक्टर शिवेंद्र मिश्रा, जिला क्षय अधिकारी, देवास

Posted By: Nai Dunia News Network

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