देवास (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अगर आपकी मजबूरी है और आप नवजात बच्चे को अपनाना नहीं चाहते हैं तो उसे फेंकने का जुर्म मत करिए। उसे मरने के लिए किसी नाले या फिर झाड़ियों में मत फेंकिए। उसे खुद से दूर ही करना है तो सुरक्षित पालना घर में जाकर रखकर आ जाइए।

जी हां, अब महिला एवं बाल विकास जिले में पालना घर शुरू करने जा रहा है। यह शुभ कवायद शुरू हो गई है। तीन दिन पहले जिला अस्पताल में स्थित वन स्टाप सेंटर में पालना घर खुल गया है। जिसमें कोई भी अनचाहे बच्चे को रखना नहीं चाहता है तो वह बच्चे को सुरक्षित पालना घर में रखकर जा सकता है। शहर के साथ ही जिले में बागली, उदयनगर सहित अन्य इलाकों में भी जल्द ही पालना घर खोले जाएंगे। इससे लोग अनचाहे बच्चों को फेंके नहीं, बल्कि सुरक्षित पालना घर में रखकर चले जाएं। बागली, खातेगांव सहित उदयनगर क्षेत्र में पिछले कुछ सालों में बच्चों के फेंकने की घटना सामने आ चुकी है। इसके बाद विभाग ने इन इलाकों में पालन घर खोलने का प्लान तैयार किया था।

यहां-यहां खुलेंगे पालना घर

-शहर के बस स्टैंड, माता टेकरी

-बागली

-खातेगांव

-कन्नाौद

-उदयनगर

-सोनकच्छ

इधर...जिले में जल्द खुलेगा शिशुगृह, स्थान का चयन

जिले में जल्द ही शिशुगृह खुलने जा रहा है। इसको लेकर स्थान का चयन कर लिया गया है। वर्तमान में लावारिश अवस्था में मिलने वाले बच्चों को उज्जैन या फिर इंदौर के शिशुगृह में भेजा जाता है, लेकिन अब जल्द ही जिले में यह सुविधा होने जा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी रेलम बघेल ने बताया कि हमने शहर के गंगापुर क्षेत्र में स्थान का चयन कर लिया गया है। जल्द ही इस दिशा में आगे की कवायद कर ली जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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