महेश सोलंकी देवास(नईदुनिया)

इस बार माता टेकरी पर मां के दर्शन लिए एक मिनट में 300 भक्त पहुंचे...1 एक घंटे में 18 हजार श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद लिया और 10 घंटे में करीब एक लाख 80 हजार भक्त मां की शरण में पहुंचे। इस तरह से गणित से सात दिनों में करीब साढ़े नौ लाख भक्तों ने माता टेकरी पर पहुंचकर मां के दर पर शीश नवाया। इतनी बड़ी संख्या में भक्तों को सुविधापूर्ण व व्यवस्थित दर्शन कराने के पीछे पुलिस का माइक्रो मैनेजमेंट काम आया। रात से ही टेकरी पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है। सुबह चार बजे भीड़ खत्म होने के बाद 4ः30 बजे एसपी डा. शिवदयालसिंह पूरी टीम से मिलते थे। अगले दिन ड्यूटी को लेकर सभी को ब्रीफ किया जाता था। जो समस्या आई उसे दूर किया जाता था।

-फीडर प्लान से पूरा मैनेजमेंट हुआ

भक्तों बिना परेशानी के दर्शन हो। इसलिए फीडर प्लान तैयार किया गया, क्योंकि टेकरी पर सीमित स्थान है। पूरी भीड़ अगर टेकरी पर चढ़ जाएगी तो उसे कंट्रोल कैसे किया जाए, इसका पूरा ध्यान रखा गया। प्लान में यह तय किया गया कि जितनी भीड़ नीचे से भेजेंगे, उतनी उᆬपर टेकरी पर मैनेज हो जाए। डीएसपी किरण शर्मा ने बताया कि हमने अंदाज लगाया था कि पूरी टेकरी को खाली होने में 18 से 20 मिनट लगता है। अगर एक आदमी राउंड लेगा तो। अगर भीड़ ज्यादा होगी तो करीब 30 मिनट लगता है। इसलिए 30 मिनट का गैप प्लान किया। प्लान बनाया कि कैसे 30 मिनट टेकरी से नीचे भक्तों को रोका जाए। भीड़ बढ़ने पर यह प्लान भी काम आया कि भीड़ बढ़ने पर हमने धूनी मार्ग से एंट्री को बंद की। उस मार्ग को सिर्फ एग्जिट के रूप में उपयोग करते थे।

-टेकरी पर जाने के ये तीन मार्ग हैं

सीढ़ी द्वार, शंख द्वार और रपट मार्ग से टेकरी पर पहुंचा जाता है। शंख द्वार में जान के दो रास्ते हैं। जबरेश्वर मंदिर के पास और एक यूनियन बैंक पास से। जबरेश्वर के पास की एंट्री भीड़ बढ़ने पर बंद कर दी जाती है। सिर्फ यूनियन बैंक से एंट्री दी जाती है। जिससे उᆬपर टेकरी को खाली करने का समय मिल जाता था।

-तीन स्थानों पर जिगजैग बनाए थे

डीएसपी शर्मा ने बताया कि शंख द्वार पर जिगजैग बनाया था। वहीं टेकरी पर जैन मंदिर के पास भी जिगजैग बनाया है। तीसरा सीढ़ी द्वार के पास तैयार किया गय था। जब भीड़ नहीं होती तो लोगों को सीधा चलाया जाता था। भीड़ होने पर लोगों को जिगजैग से गुजारा जाता था। इससे पुलिस की होल्डिंग कैपिसिटी बढ जाती थी।

दो एएसपी और चार डीएसपी टेकरी की कमान संभाल रहे हैं

1-650 से ज्यादा का बल लगा

2-कमांड सेंटर से एसपी की मानीटिरिंग

3-दो एडिशनल एसपी ने दोनों माता मंदिरों की व्यवस्थाओं की कमान संभाली।

4-सीएसपी विवेकसिंह चौहान, एसडीओपी प्रशांत भदौरिया व शाबेरा अंसारी ने बड़ी माता मंदिर के आसपास का एरिया संभाला।

5-कन्नाौद एसडीओपी ज्योति उमठ ने जैन मंदिर के पास वाला इलाका संभाला।

6-डीएसपी आकांशा बिछोटे ने छोटी माता मंदिर की व्यवस्था देखी।

8-शंख द्वार की व्यवस्था डीएसपी वीपी शर्मा संभाल रहे हैं।

-पार्किंग से लेकर टेकरी के आसपास की व्यवस्था डीएसपी शर्मा ने संभाली

डीएसपी शर्मा ने बताया कि कई पार्किंग प्वाइंट थे बनाए गए थे। सबसे पहले पुलिस लाइन और स्टेशन पर पार्किंग करवाई जाती थी। भीड़ बढ़ने पर नगर निगम का पुराना परिसर भरा जाता था। फिर मोती बंगला की सड़क व क्षेत्र में पार्किंग करवाई जाती थी। इसके बाद सिविल लाइन का उत्कृष्ट स्कूल और शिक्षा विभाग कार्यालय भरा जाता था। इसके बाद फारेस्ट कार्यालय वाले क्षेत्र का पार्किंग के लिए इस्तेमाल होता था। विकास नगर से बालगढ़ रोड पर भी पार्किंग करवाई गई।

-ऐसे समझिए साढ़े नौ लाख भक्तों के दर्शन के गणित

एक मिनट में 100 से 110 बाइक आ रही थी। एक बाइक पर तीन लोगों को बैठने का एवरेज ले तो एक मिनट में 300 आदमी पहुंच रहे थे। एक घंटे में 18 हजार लोग टेकरी दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। अगर 10 घंटे का एवरेज भी निकालें तो एक लाख 80 लोग दर्शन कर रहे थे।

-ऐसे समझिए रूट की दूरी को

प्रवेश की बात करें यूनियन बैंक से लेकर टेकरी की दूरी एक किमी। उᆬपर चढ़ाई सात सौ मीटर और पूरा परिक्रमा पथ डेढ़ किमी है। इस हिसाब से करीब साढ़े किमी का एरिया खचाखच भरा था। एक समय में टेकरी पर 30 से 35 हजार लोग होते थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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