*जिला अस्पताल में डायलिसिस मशीनों की संख्या सात हुई

*शाजापुर, मंदसौर से भी मरीज देवास आते हैं

देवास (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिला अस्पताल में मरीजों को अत्याधुनिक डायलिसिस मशीन का लाभ मिलने लगा है। अस्पताल में लाखों रुपये की नई मशीन को लगा दिया गया है। इसका लाभ मरीजों को मिलने लगा है। अत्याधुनिक मशीन ब्लड प्रेशर, शरीर में आक्सीजन की मात्रा, पल्स, रक्त की शुद्धता के साथ ही कई सुविधाओं से लैस है।

उल्लेखनीय है कि अस्पताल में साल 2016 से डायलिसिस यूनिट की शुरुआत हुई थी। इसमें पहले मशीनों की संख्या कम थी। धीरे-धीरे संख्या बढ़ाई गई। नई मशीन के आने से अब यूनिट में मशीनों की संख्या सात हो गई है। वर्तमान में 24 मरीज डायलिसिसि करवाने पहुंचते हैं। यूनिट शुरू होने के बाद अब तक करीब ढाई सौ से ज्यादा मरीजों की डायलिसिस हो चुकी है। प्रभारी डा. अतुल पवनीकर ने बताया कि मशीन इंस्टाल कर दी गई। मरीजों को इसका लाभ भी मिलने लगा है। अब यूनिट में बिजली गुल होने की समस्या भी नहीं हैं। यूनिट को अलग जनरेटर से जोड़ दिया गया है। दो आरओ प्लांट भी लगे हैं।

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मशीन में ये हैं खासियत

-पुरानी मशीनों में फाल्ट होने पर समस्या होती थी। अगर थोड़ा सा भी फाल्ट हो तो मशीन के बंद होने की संभावना रहती है। नई आधुनिक मशीन में इस प्रकार की समस्या नहीं होगी। साथ ही उसमें करीब 30 मिनट का बैकअप भी मिलता है।

प्रतिदिन आठ से दस मरीजों की डायलिसिस की जाती है

नर्सिंग आफिसर कनकलता द्विवेदी व अन्नापूर्णा मालवीय ने बताया कि प्रतिदिन यूनिट में करीब 8 से 10 मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। एक मरीज की करीब चार घंटे डायलिसिस की जाती है। अभी करीब 24 मरीज रजिस्टर हैं। जो अपने तय समय के अनुसार डायलिसिस करवाने पहुंचते हैं। टेक्निशियन शकील शेख, इमरान शेख ने बताया कि ये आधुनिक मशीन पुरानी मशीन से कई गुना बेहतर फीचर वाली है। इसे संचालित करना भी आसान होता है। इसका रखरखाव भी सरल होता है।

इंदौर नहीं जाना पड़ता

80 वर्षीय गुणमाला जैन ने बताया कि पहले उन्हें इंदौर में डायलिसिस करवाने के लिए जाना पड़ता था। इसमें पूरा दिन बर्बाद होता था। खर्च भी ज्यादा होता था, लेकिन अब यह सुविधा देवास में ही मिल रही है। आधुनिक मशीन का भी मरीजों को लाभ मिलने लगा है। मरीज तौसिफ ने बताया कि वे साल 2016 से जिला अस्पताल में डायलिसिस करवा रहे हैं। यूनिट में जिले के मरीजों के साथ ही शाजापुर, मंदसौर से भी मरीज डायलिसिस के लिए आते हैं।

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यूनिट को लेकर ये है समस्या

यूनिट को लेकर सबसे ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है। इसके लिए वर्तमान में नगर निगम से टैंकर के द्वारा पानी की आपूर्तिहोती है, लेकिन अगर पानी मिलने में देरी हो या फिर टैंकर नहीं पहुंचें तो डायलिसिस प्रभावित हो जाती है। इस समस्या के स्थायी निराकरण के लिए बोरिंग होना चाहिए ताकि पानी की समस्या का स्थायी हल हो सके।

Posted By: Nai Dunia News Network

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