देवास(नईदुनिया प्रतिनिधि)। माता टेकरी पर वर्तमान में चामुंडा देव प्रबंध संस्थान द्वारा निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं। लेकिन दूसरी ओर पूर्व में यहां लगाए गई सामग्री को निकालकर भंगार के रूप में बेच दिया गया है। पाथ वे पर असामाजिक तत्वों की नजर लग गई है तो टेकरी के पीछे की ओर शीलनाथजी की धुनी पर जाने वाले मार्ग की सीढ़ियों की फर्शियां तोड़कर निकालकर ले गए हैं। दाल-बाफला पाइंट बंद है, टेकरी पर गर्मी में लोगों को ठंडा जल नहीं मिल पा रहा है। ऐसी तमाम बातें हैं जो उपेक्षा के चलते बदहाली के मंजर में तब्दील हो गई है।

बारिश में शेड नहीं होने से भीग जाते हैं श्रद्धालु

माता टेकरी स्थित अन्ना क्षेत्र में बना आगे-पीछे का शेड, पतरे, एंगल, गर्डर व दूसरा सब सामान भंगार के रूप में बेच दिया गया, जबकि माता टेकरी पर बारिश से बचने के लिए पर्याप्त इंतजाम आज भी नहीं है। थोड़ी सी बारिश आते ही हजारों दर्शनार्थी पूरी तरह से भीग जाते हैं। ना तो बड़ी माताजी पर ऐसा कोई स्थान है ना ही छोटी माताजी पर। जहां लोग बारिश के पानी से बच सकें। छोटी माताजी के साइड में शेड जरूर बना है लेकिन वह इतना छोटा है कि उसमें बचा नहीं जा सकता।

पूर्व महापौर ने दिया फ्रीजर भी दे दिया

तत्कालीन देव स्थान प्रबंध समिति के अध्यक्ष व कलेक्टर आशुतोष अवस्थी द्वारा यहां चलने वाले अन्ना क्षेत्र में बने भवन के आगे और पीछे गर्डर-एंगल पर पतरे का बड़ा शेड बनाया गया था। जिसके निर्माण पर उस समय लगभग पांच से सात लाख रुपये का खर्च आया था। नए निर्माण के चलते सारा सामान भंगार के रूप में औने पौने दाम पर बेच दिया गया। इधर पूर्व में अन्ना क्षेत्र संचालित करने वाले प्रेम भूतड़ा का कहना है कि वाटर कूलर, वाटर फिल्टर और अन्ना क्षेत्र में लगा सामान दानदाताओं द्वारा दिया गया था। पूर्व महापौर सुभाष शर्मा द्वारा दिया गया बड़ा फ्रीजर सहित अन्य सामान भी निकाल दिया गया। जबकि यह सब सामान काम में लिया जा सकता था। माता टेकरी पर बारिश से बचने के लिए एक बड़ा शेड इन सामान से बनाए जा सकता था। वाटर कूलर फिट हो सकते थे। वर्तमान में माता टेकरी पर पुराने कामों को छोड़कर ही नया निर्माण किया जा रहा है, जबकि जहां नए निर्माण की आवश्यकता है वहां ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

शीलनाथ धुनी मार्ग की सीढ़ियां की फर्शियां टूटी

शीलनाथ धुनी मार्ग स्थित सीढ़ियां की फर्शियां टूट चुकी है। सड़क मार्ग पर जो शेड बनाए गए हैं पिछले 2 साल से उसके पतरे टूट चुके हैं लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दर्शनार्थियों का कहना था कि कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला को मां चामुंडा देव प्रबंध संस्थान के माध्यम से किए जा रहे कामों की मानिटरिंग करवाना चाहिए। जो सामान काम में आ सकता है उसे भंगार के रूप में नहीं बेचा जाए वही बारिश के पूर्व माता टेकरी पर बड़े शेड का निर्माण किया जाए, जिससे कि दर्शनार्थी पानी से अपने आप को बचा सके।

पुराने तोड़ने के बजाय नए निर्माण होना चाहिए था

कांग्रेस प्रवक्ता सुधीर शर्मा का कहना है कि टेकरी पर पुराने निर्माण तोड़ने के बजाय नए निर्माण कार्य होना चाहिए। पतरे की सामग्री से नए शेड भी बनाए जा सकते हैं। टेकरी के सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं, शीलनाथ धुनी मार्ग बदहाल हो गया है। सीढ़ियों की फर्शियां असामाजिक तत्व निकालकर ले गए हैं। अन्ना क्षेत्र से निकाला गया सामान टेकरी पर काम में लिया जा सकता था। लोगों को गर्मी में फ्रीजर का ठंडा पानी मिल सकता है। इधर पूर्व महापौर सुभाष शर्मा का कहना है कि पूर्व में नगर निगम और जिला प्रशासन ने मिलकर वहां लाखों रुपये के काम करवाए थे। हमने वहां फ्रीजर दिया था, इस संबंध में विधायक गायत्री राजे और कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला से मिलकर चर्चा करुंगा। टेकरी से लाखों लागों की भावनाएं जुड़ी हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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