देवास(नईदुनिया प्रतिनिधि)। सरकार से ऐसे तो जिले में टीकाकरण करने में दो साल से ज्यादा वक्त लग जाएगा। ऐसा इसलिए कह रहे है कि टीके का टोटा हो गया है। गुरुवार को सिर्फ 310 टीके लगे थे। वैक्सीन खत्म होने के कारण शुक्रवार को जिले में टीकाकरण नहीं हुआ है। आगे भी संकट हैं, क्योंकि अभी पता भी नहीं है कि कब और कितनी वैक्सीन आएगी। जिले में 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू हुआ था। साढ़े चार माह में अब तक 2 लाख 64 हजार 387 लोगों को वैक्सीन लगी है। जिले में 18 से 44 साल के आयु वर्ग के करीब साढ़े ग्यारह लाख लोगों को टीका लगाने का टारेगट हैं। ऐसे टीके के संकट और अटकते अटकते टीकाकरण से जिले में टारगेट पूरा करने में दो साल का वक्त लग जाएगा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग को आगे टीककरण बढ़ने की उम्मीद है।

ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रामीण टीका नहीं लगवा रहे हैं। ऐसे में विभाग को टारगेट प्राप्त करना मुश्किल होगा। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के ग्रामीण इलाकों में जागरूकता लाना होगा, क्योंकि साढ़े चार माह में तो ग्रामीणों में भ्रांतियों की मोटी परत अब तक नहीं हटा सकी है। आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं की टीम लोगों की जागरूक करने तो जा रही हैं, लेकिन उसका ग्रामीण इलाकों में असर नहीं नजर आ रहा है। भ्रांतियां इतनी ज्यादा है कि लोग टीम से टीके बारे में बात नहीं करना चाहते हैं। टीके की समझाइश सुनना नहीं चाहते हैं। गांवों में टीके के बाद मौत का डर फैला है। जिस दूर करने के लिए विभाग को गंभीरता से कदम उठाना होंगे।

-गांवों में टीकाकरण का प्लान

सीएमएचओ डाक्टर एमपी शर्मा ने बताया कि टीमें लोगों का जागरूक कर रही है। ग्रामीण स्तर की प्लानिंग की है। टीम गांवों में जाकर टीकाकरण करेगी। कोशिश है कि ग्रामीण स्तर पर ज्यादा ज्यादा टीकाकरण हो। शहर के साथ जिले में सत्रों की संख्या बढ़ाई गई है।

-युवा वर्ग में मायूसी

जिले में टीके के संकट को लेकर युवाओं में मायूसी है। जिले में 18 से 44 आयु वर्ग के करीब साढे़ सात लाख लोगों का टीकाकरण किया जाना है, लेकिन टीका खत्म होने से युवाओं में नाराजगी है। युवाओं का कहना है कि वैसे ही युवा वर्ग का टीकाकरण देरी से शुरू किया गया है। मई के पहले सप्ताह में टीकाकरण जिले में आरंभ हुआ। उसके बाद भी शुरुआत में सत्रों की संख्या कम रखी गई। अब सत्र बढ़े तो टीके खत्म होने का संकट सामने आ रहा है। जिले में शुक्रवार को टीकाकरण भी नहीं हुआ। इससे पहले गुरुवार को भी जिले में 310 लोगों को ही टीका लगाया गया। ऐसी स्थिति में युवाओं के टीकाकरण में लंबा समय लग सकता है। अब अनलाक हो गया है और युवाओं को कामकाज के सिलसिले में बाहर जाना पड़ रहा है तो उन्हें सुरक्षित करने के लिए टीके ज्यादा संख्या में आना चाहिए। कई युवाओं के सामने दूसरे डोज का भी संकट हो गया है। जिले में अभी आनसाइट टीकाकरण किया जा रहा है जिसमें टोकन के आधार पर युवाओं को टीका लगाया जा रहा है। युवाओं में उत्साह इतना है कि वह सुबह 9 बजे से ही बड़ी संख्या में केंद्रों पर पहुंचते हैं, लेकिन टीके की कमी के चलते उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ता है।

शासन से निर्देश के अनुसार टीकाकरण किया जा रहा है। वैक्सीन आने पर आगे टीकाकरण किया जाएगा। अभी हमारे पास दूसरे डोज के लिए 800 टीके हैं।

-डाक्टर के कल्याणी, जिला टीकाकरण अधिकारी

Posted By: Nai Dunia News Network

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