नेमावर, देवास, जयपुर। राजस्थान के भंवरी देवी हत्याकांड में 6 साल से फरार आरोपी इंद्रा विश्नोई को राजस्थान एटीएस ने देवास के पास नर्मदा तट से गिरफ्तार कर लिया। इंद्रा पर 5 लाख रुपए का इनाम था और भंवरी देवी की हत्या में आरोपी बनाए जाने के बाद वह फरार हो गई थी। तभी से पुलिस को उसकी तलाश थी। जानकारी के मुताबिक उसने नदी के किनारे ही उसने एक घर बना लिया था, वहीं वो एक सामान्य महिला की तरह रहती थी। फरारी के बाद से उसने मोबाइल फोन और अपने एटीएम का प्रयोग भी नहीं किया था।

गौरतलब है कि इंद्रा विश्नोई ने ही अपने भाई और पूर्व विधायक मलखान सिंह और पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा के साथ मिलकर भंवरी देवी की हत्या की साजिश रची थी। भंवरी के मलखान और महिपाल के साथ संबंध थे। इस दौरान उसकी एक बेटी भी हुई और उसका कहना था कि यह मलखान की बेटी है। भंवरी ने इसके लिए उससे पैसे मांगना शुरू कर दिए। जिसके बाद इन सभी ने मिलकर उसे मारने का षडयंत्र रचा। 2011 में भंवरी देवी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी।

50 वर्षीय इंद्रा नेमावर के नागर घाट के पास कुटिया में दो साल से गरीब बनकर गीताबाई के नाम से रह रही थी। यहां लोग उसे जीजी पुकारते थे। गिफ्तारी के पहले वह ओंकारेश्वर जाने की तैयारी कर रही थी। एटीएस का दावा है कि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए प्लास्टिक सर्जरी करवा ली थी एटीएस इंद्रा को रात में ही जोधपुर ले गई और शनिवार दोपहर सीबीआई के हवाले कर दिया।

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