*घाटों से नीचे उतर रहा पानी, अब सफाई कराने में जुटी नगर परिषद

*884 फीट पर पर पहुंचा नेमावर में नर्मदा का जलस्तर, मंगलवार को 889 फीट पर गया था पहुंच

*24 घंटे सचेत रही टीम, घाटों पर पानी कम हुआ, लगातार मुनादी कर लोगों को सतर्क किया

*आपात स्थिति से निपटने के लिए की गई थी कई धर्मशालाओं में व्यवस्था

*कई वार्डों और आधा दर्जन पर गांवों पर था बाढ़ का खतरा

*6 धर्मशालाओं को आपात स्थिति के लिए तैयार कर रखा गया था

*1575 मिमी औसत वर्षा खातेगांव में दर्ज की गई है इस मानसून सत्र में, इस सत्र का सर्वाधिक आंकड़ा

*724 मिमी औसत वर्षा अभी तक देवास में हुई है इस मानसून सत्र में, यह क्षेत्र वर्षा के लिहाज से जिले में सबसे पीछे

पिछले वर्ष से लगभग दोगुनी हो चुकी है वर्षा

*1012.29 मिलीमीटर औसत वर्षा देवास जिले में अब तक हुई

*518.33 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई थी जिले में पिछले वर्ष अब तक

देवास-नेमावर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नेमावर में नर्मदा का जलस्तर कम हो गया है। इससे अब गांवों को खाली करवाने की आवश्यकता नहीं होगी। वर्तमान में नर्मदा खतरे के निशान से एक फीट नीचे बहने लगी है। मंगलवार को नेमावर में नर्मदा का जलस्तर 889 पर पहुंचा गया था, जो मंगलवार रात से पहले ही घटकर 884 पर पहुंच गया था। अब जलस्तर लगातार कम होता जा रहा है। बुधवार को घाटों पर पानी कम हो गया है।

पुलिस के साथ प्रशासन व बचाव दल 24 घंटे सचेत रहे। लगातार मुनादी कर लोगों को सतर्क किया गया था। आपात स्थिति से निपटने के लिए कई धर्मशालाओं में व्यवस्था की गई थी। यदि जलस्तर बढ़ता तो कई वार्डों और आधा दर्जन गांवों को खाली कराना पड़ता, लेकिन जलस्तर कम होने से हालात सामान्य हो रहे हैं। घाटों की सफाई का कार्य शुरू हो गया है।

नेमावर के टीआइ राजू वास्कले ने बताया कि नर्मदा का जलस्तर 889 से घटकर 884 फीट पर पहुंच गया है यानी खतरे से 1 फीट नीचे आ गया है। हमारे दल 24 घंटे लगातार प्रभावित गांव के लोगों को सचेत करने में जुटे रहे। अब हालात सामान्य हो रहे हैं। नर्मदा खतरे के निशान से नीचे आ गई है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस के दलों ने मंगलवार रात को प्रभावित होने वाले इलाकों में मुनादी करवाने के साथ ही लोगों को सतर्क किया।

14 लोगों की टीम रही सक्रिय

टीआइ वास्कले ने बताया कि हर परिस्थिति को लेकर हमने वरिष्ठों के मार्गदर्शन में तैयार कर ली थी। जलस्तर बढ़ने के साथ ही गांवों व वार्डों के लोगों को स्थानांतरित करने के लिए वाहनों की व्यवस्था थी। लोगों को ठहराने के लिए करीब 6 धर्मशालाओं की व्यवस्था की गई थी। राहत की बात रही कि मंगलवार रात होने से पहले ही नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया। घाटों से पानी उतर रहा है। उज्जैन से भी 14 लोगों की टीम हमारे साथ लगी थी। इसके अलावा नगर परिषद की टीम भी लगातार घटना को लेकर सजग रही। वरिष्ठ अधिकारी भी हमसे अपडेट ले रहे थे।

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घाटों पर फैला कीचड़

नेमावर में नागर और सिद्धेश्वर घाट पर जलस्तर कम होने के सफाई बुधवार सुबह से नगर परिषद ने सफाई अभियान चलाया। बाढ़ के पानी से घाटों पर कीचड़ ही कीचड़ हो गया। जिससे साफ किया गया। गाद भी हटाई गई।

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नाले के कारण तीन वार्डों के 1200 लोग नेमावर से कटे

नेमावर के 13, 14 और वार्ड क्रमांक 15 के करीब 1200 से ज्यादा लोग जल स्तर बढ़ने के चलते नेमावर से कट गए। ग्रामीण दिग्पालसिंह ने बताया कि तीनों वार्डों व नेमावर की बीच एक नाला पड़ता है। नर्मदा का जलस्तर बढ़ने से नाले में ज्यादा पानी आने से आवागमन बंद हो जाता है। जरूरत होने पर नावों के सहारे लोग नेमावर जाते हैं। दो दिन से नाले में पानी होने से लोगों ने नावों का सहारा लेना पड़ा। जलस्तर कम होने से 24 घंटे के भीतर स्थिति सामान्य हो जाती है।

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देवास जिले में वर्षा की कहानी, आंकड़ों की जुबानी

-1012.29 मिलीमीटर औसत वर्षा देवास जिले में अब तक हुई

-724 मिमी वर्षा अभी तक देवास में, 1003 मिमी टोंकखुर्द में

-1244 मिमी सोनकच्छ में, 803 मिमी हाटपीपल्या में

-961 मिमी बागली में, 824.60 मिमी उदयनगर में

-1049 मिमी कन्नाौद में, सतवास में 927 मिमी तथा खातेगांव में 1575 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई।

जिले में पिछले 24 घंटों में 19.13 मिमी औसत वर्षा दर्ज

-जिले में पिछले 24 घंटों में 19.13 मिमी औसत वर्षा रिकार्ड की गई

-जिसमें देवास में 14 मिमी, टोंकखुर्द में 27 मिमी

-सोनकच्छ में 19, हाटपीपल्या में 14 मिमी

-बागली में 46 मिमी, उदयनगर में 22.20 मिमी

-कन्नाौद में 12, सतवास में 09 तथा खातेगांव में 9 मिमी वर्षा दर्ज की गई

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