देवास (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में पहली बार महिलाएं बांस उत्पादन के जरिये कमाई करेंगी। आजीविका मिशन की योजना के तहत दस महिलाओं वाले 12 समूहों को जोड़ा गया है। समूह को दस हेक्टेयर में 625 बांस लगाने हैं। इसमें एक महिला की जिम्मेदारी एक हेक्टेयर के प्रबंधन की होगी। उन्हें निंदाई, गुड़ाई के साथ खाद और पानी के जरिए पौधों का प्रबंधन करना होगा। उन्हें बांस रोपण के लिए कुछ भी खर्च नहीं करना होगा। पांच साल बाद महिलाओं की आमदनी शुरू हो जाएगी। समूह की कमाई लाखों में शुरू होगी।

राज्य बांस मिशन हर साल किसानों बांस लगाने के लिए राशि देता है, लेकिन इस बार आजीविका मिशन के महिला स्वसहायता समूह को भी बांस रोपण से जोड़ा गया है। जिले में अब तक करीब 210 हेक्टेयर में बांस का रोपण किया गया है। इसमें कन्नाौद, खातेगांव, कांटाफोड़ और सतवास के समूह की महिलाएं जुड़ी हैं।

ऐसे चलेगी योजना

आजीविका मिशन के तहत महिला समूह बांस रोपण करेगा। वित्तीय व्यवस्था मनरेगा की होगी और जमीन वन विभाग उपलब्ध कराएगा। इस प्रकार महिलाओं को सिर्फ बांस का प्रबंधन कर खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

एक महिला को 625 बांस का प्रबंधन करना है

योजना के तहत एक समूह 10 हेक्टेयर में बांस लगाएगा। एक समूह में दस महिलाएं होंगी। एक महिला के हिस्से एक हेक्टेयर की जिम्मेदारी आएगी। एक हेक्टेयर में 625 बांस लगाने हैं यानी प्रति हेक्टेयर एक महिला को 625 बांसों की देखभाल करनी होगी। बांस रोपण के दौरान पंचायत के लोगों को जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें भी रोजगार मिले। ये लोग रोपण में महिलाओं की मदद करेंगे।

पांच साल बाद बांस कंपनियों को बेचा जाएगा। इससे जो राशि आएगी। उसमें से समूह को 80 प्रतिशत राशि मिलेगी। शेष 20 फीसद राशि ग्राम वन समिति को मिलेगी। अगर महिलाएं इस प्रोजेक्ट में मजदूरी भी करती हैं तो इसका पैसा भी अलग से मिलेगा। विभाग ने कटाई के बाद बांस खरीदी को लेकर एग्रीमेंट भी किया है।

ऐसे समझिए आमदनी का गणित

-हर साल एक बांस के पौधे से पांच से दस बांस निकलते हैं।

-एक बांस की कीमत 40 से 50 रुपए है

-25 से 30 फीट लंबाई होती है।

-10 हेक्टेयर में 6250 पौधे लगते हैं।

-250 प्रति पौधा हर साल आय होगी

-15 लाख 62 हजार 500 रुपये प्रति 10 हेक्टेयर एक साल की कमाई होगी।

-प्रति हेक्टेयर डेढ़ लाख रुपये का बांस निकलेगा।

यह फायदा होगा

-वन भूमि पर अतिक्रमण नहीं होगा

-महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी

-वन विभाग की जमीन का उपयोग होगा

-पंचायत में कई लोगों को रोजगार मिलेगा

अब तक कहां-कहां लगाए बांस

-देवास मंडल में अब तक 210 हेक्टेयर में बांस रोपण हुआ

-खातेगांव क्षेत्र में पांच समूह जुड़े हैं

-कन्नाौद क्षेत्र में तीन समूह कार्य कर रहे हैं

-सतवास और खातेगांव में दो-दो समूह बांस रोपण से जुड़ गए हैं

स्वसहायता समूह को योजना से जोड़ा गया है। एक समूह में 10 महिलाएं होती है। योजना से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होगी। जिले में कई जगहों पर समूह जुड़ गए हैं और कार्य कर रहे हैं।

-पीएन मिश्रा, डीएफओ देवास

Posted By: Nai Dunia News Network

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