करनावद। नगर में श्री अंबिका शरद उत्सव का समापन हुआ। सेंधला नदी के कर्णेश्वर घाट पर मटकियों का विसर्जन किया गया। प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी शरद उत्सव के तहत 5 दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुए। श्री सिद्धिविनायक रामायण मंडल उज्जैन ने नाटक एवं धार्मिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। शरद पूर्णिमा की पूरी रात अखंड ज्योत जलाकर मां अंबिका का जागरण किया गया। महोत्सव के अंतिम भैरु महाराज, कालका माता और अंबिका माता की सवारी निकाली गई। ढोल ढमाकों के साथ मटकियां का विसर्जन किया गया। चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गों से होकर नदी पर पहुंचा जहां पर पंडित संतोष उपाध्याय ने विधि विधानपूर्वक मटकियों का पूजन कर विसर्जन करवाया।

डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बाद भी अस्पताल में डाक्टर नहीं

पीपलरावां। नगर के शासकीय अस्पताल से करीब 25 गांव जुड़े है, लेकिन विगत तीन माह अस्पताल में डाक्टर नहीं हैं। जिले में डेंगू के मरीज निकल रहे है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। स्वास्थ्य केंद्र पर डाक्टर की पोस्टिंग होने के बाद भी अभी तक संबंधित डाक्टर ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की है। यहां जब भी किसी डाक्टर को पदस्थ किया जाता है तो उसे सप्ताह के पांच दिन सोनकच्छ स्वस्थ केंद्र पर अटैच कर लिया जाता है। जिसके कारण ये अस्पताल अधिकांश समय फार्मासिस्ट,स्टाफ नर्स व एएनएम के भरोसे ही चलता है। जबकि इस अस्पताल में 24 घंटे प्रसव की सुविधा लागू है। डाक्टर की अनुपस्थिति एवं अधिकारियों की लापरवाही प्रसुताओं को परेशानियों की सामना करना पड़ता है।

जिन डाक्टर का पीपलरावां चिकित्सालय में ट्रांसफर हुआ है, उन्होंने ज्वाइन नहीं किया है। हमने व्यवस्था बनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है, दो दिन में वहां डाक्टर पहुंच जाएंगे

- डाक्टर एमपी शर्मा, सीएमएचओ

Posted By: Nai Dunia News Network

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