देवास(नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर की स्वच्छता की दूसरे पड़ाव की परीक्षा शुरू हो गई है। अप्रैल में दिल्ली से आई टीम ने पहला चरण पूरा कर लिया था। करीब एक सप्ताह से स्वच्छता सर्वे की टीम दूसरे चरण में स्टार रेटिंग के लिए सर्वे में जुटी है। नगर निगम ने इस पर फाइव स्टार रेटिंग के लिए एप्लाई किया है। जिसके आधार पर करीब आठ से 10 सदस्यों की टीम वार्डों में कचरा मुक्त शहर की हकीकत को परखा रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण में तीन पड़ाव होते हैं। पहले पड़ाव के अंतर्गत अप्रैल में टीम ने शहर का सर्वे किया था। इसके बाद अभी दूसरे पड़ाव का सर्वे चल रहा है। जिसमें फाइल स्टार रेटिंग की दावे की वास्तविकता को देखा जा रहा है। इसके बाद सर्वेक्षण के अंतिम चरण होगा।

-ये होता है स्टार रेटिंग के सर्वे में

दस्तावेजों के बाद टीम फील्ड एसिसमेंट करती है। इसमें जिसमें डोर टू डोज कचरा पृथककरण, कचरा संग्रहण की स्थिति को परखा जाता है। इसके अलावा सुंदरीकरण कार्य देखा जाता है। सबसे प्रमुख प्लास्टिक प्रतिबंध की स्थिति देखी जाती है। इसमें देखा जाता है कि दुकानों पर प्लास्टिक इस्तेमाल होती है या नहीं। शहरवासी बाजार से सामान लाने के लिए कपड़े का थैला का उपयोग करते हैं या फिर प्लास्टिक का ही उपयोग हो रहा है। सर्वे के दौरान टीम ठेले संचालक व रहवासियों से प्लास्टिक को लेकर फीडबैक भी लेती है।

-सर्वे में यह भी देखा जाता है

टीम शहर में कंस्ट्रक्शन के मलबे का मैनेजमेंट भी देखती है। इस श्रेणी में देखा जाता है कि कहीं शहर में ईंट, मिट्टी, गिट्टी व अन्य इस प्रकार के मटेरियल के ढेर तो नहीं है। पहले चरण में चुनिंदा वार्डों व इलाकों का सर्वे किया गया था, लेकिन स्टार रेटिंग में पूरे 45 वार्डों में सर्वे चल रहा है।

-पहले चरण में यह हुआ था

पहले चरण में टीम ने पांच दिन फील्ड में उतरकर शहर की स्वच्छता की हकीकत को परखा था। टीम ने वार्डों में जाकर लोगों से फीडबैक लिया था। शहर के चौराहों का सुंदरीकरण का कार्य देखा। टीम नगर निगम के ट्रेंचिंग ग्राउंड भी गई थी। जहां उन्होंने कचरा पृथकरण से लेकर वेस्ट निर्माण होने वाली सामग्री का निरीक्षण के साथ ही अन्य गतिविधियों की जानकारी ली थी।

-स्टार रेटिंग के 1500 अंक होते हैं

पूरे स्वच्छता सर्वेक्षण में स्टार रेटिंग को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। जिसमें बेहतर प्रदर्शन करने से ओवरआल रैंकिंग में मदद मिलती है।

कुल सर्वे 7500 अंकों का होता है जिसमें स्टार रेटिंग के लिए 1500 नंबर निर्धारित होते हैं। स्वच्छता में अव्वल आने के लिए एक-एक अंक मायने रखता है। जिसके लिए कड़ी परीक्षा होती है। सर्वे टीम नगर निगम के आनलाइन अपलोड किए दस्तावेजों के आधार पर रेटिंग के लिए निरीक्षण हो रहा है।

ये होते हैं सर्वेक्षण के तीन पड़ाव

01-स्वच्छता सर्वेक्षण

02-स्टार रेटिंग

03-ओडीएफ प्लस प्लस

-स्वच्छता सर्वे में ये हैं अंकों की गणित

01-सर्विस लेवल प्रोग्रेस-अंक, 3000

(सफाई मित्र सुरक्षा सहित अन्य कार्य- 900 नंबर)

(पृथक वेस्ट कलेक्शन- 900 नंबर)

(प्रोसेसिंग और डिस्पोजल-1200 नंबर)

02-दस्तावेज, अंक-2250

(स्टार रेटिंग-1250)

(ओडीफ प्लस, ओडीएफ प्लस प्लस-1000)

03-सिटीजन फीडबैक, अंक-2250

(इसमें आम लोगों को जोड़ने वाली गतिविधियां, लोगों की प्रतिक्रिया, स्वच्छ एप, नवाचार सहित अन्य कार्य होते हैं)

Posted By: Nai Dunia News Network

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