*शिप्रा से पानोड़ तक 69 करोड़ की राशि से 22 किमी सड़क की मिली थी मंजूरी

शिप्रा। शिप्रा से पानोड़ तक 69 करोड़ की राशि से 22 किमी सड़क की मंजूरी मिली थी। मंजूरी मिलने के बाद एक महीने में काम शुरू करने का दावा किया गया था, लेकिन पांच महीने बीत जाने के बाद भी काम प्रारंभ नहीं हो पाया है। यह सांवेर विधायक और मंत्री तुलसीराम सिलावट की विधानसभा का क्षेत्र है। निर्माण कार्यों को लेकर क्या स्थिति है।इसको लेकर नईदुनिया ने ग्राउंड पर पहुंचकर हकीकत को जाना तो सच सामने आया।

इसके पहले क्षिप्रा नदी के किनारे बनने वाला घाट भी भूमिपूजन के डेढ़ साल बाद तक राह तक रहा था जिसके संदर्भ में नईदुनिया ने प्रमुखता से मुद्दा उठाकर खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशन के तुरंत बाद ही जनप्रतिनिधियों ने घाट निर्माण शुरू कर दिया था। मसला यह है कि घाट निर्माण तो शुरू हो गया लेकिन 31 मार्च तक घाट को पूरी तरह से बनाने का दावा करने के बावजूद जमीनी हकीकत में आज तक निर्माण कार्य कछुआ चाल से किया जा रहा है।

क्षिप्रा से पानोड़ तक कच्चे मार्ग होने से आसपास के सैकड़ों राहगीरों को गुजरना पड़ता है। वर्षाकाल में ग्रामीण कीचड़ से होकर सफर तय करने पर मजबूर रहते हैं।गड्ढे और मिट्टी होने से कई बार वाहन फिसल जाते हैं। इसके कारण कई बार घायल तक हो जाते हैं। खराब सड़कों से स्कूल आने-जाने वाले बच्चे भी परेशान होते थे।इस सड़क निर्माण के लिए सैकड़ों ग्रामीणों की कई वर्षों से मांग थी। इसके चलते क्षेत्रीय विधायक तुलसी सिलावट ने सड़क निर्माण के लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव से लगातार चर्चा की थी ताकि प्रमुख बारह गांवों की राह आसान हो सके। इस पर मप्र सड़क विकास विभाग ने लगभग 69 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी थी। मंजूरी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट ने क्षिप्रा, पुवाल्डा हप्पा, पुवाल्डाला दाई, मछुखेड़ी समेत आसपास के कई गांवों में पहुंचकर सड़क का भूमिपूजन किया था। एक माह के अंतर्गत काम शुरू होने का दावा भी किया गया था। लेकिन जमीनी हकीकत में पांच माह से अधिक का समय बीत चुका है।सड़क निर्माण का कार्य अभी भी आरंभ नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षा के समय में स्थिति अधिक खराब हो जाती है।कीचड़ की वजह से कई बार वाहन फंस जाते हैं।अब वर्षा के दौर में राहगीरों को कीचड़ में सफर करना होगा।अपने खेतों और अन्य जगह जाने में परेशानी उठानी पड़ेगी। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर रोष जाहिर कर जल्द सड़क का काम शुरू करने की मांग की है।

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आचार संहिता समाप्ति के बाद कार्य शुरू होगा

फिलहाल अभी आचार संहिता चल रही है।इसलिए काम शूरु नहीं हो पाया है। जैसे ही आचार संहिता हटेगी, काम तुरंत शुरू करवा दिया जाएगा।

तुलसी सिलावट, मंत्री

Posted By: Nai Dunia News Network

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